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हॉस्टलों में छापामारी, छह कमरे रद्द

Sat, 15 Feb 2014 12:28 AM IST
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र Updated Sat, 15 Feb 2014 12:28 AM IST
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Raids in hostels, six room Cancel
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बार फिर हॉस्टलों का माहौल बिगाड़ने वालों छात्रों और आउट साइडरों पर शिकंजा कसा है। शुक्रवार को चीफ वार्डन डॉ. सत्यदेव, सीएसओ डॉ. सुरेश ड्रोलिया वार्डन डॉ. कर्मवीर सिंह ने नरहरि, प्रताप और टैगोर छात्रावासों ने छापामारी कर वहां रह रहे छात्रों और आउटसाइडरों की गतिविधियों को चेक किया।
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इस दौरान दर्जनों कमरों में रहने वाले छात्रों पर जुर्माना किया गया और आधा दर्जन कमरे रद किए हैं। आउटसाइडरों के मिलने के कारण हॉस्टल प्रशासन ने छह कमरों को रद कर दिया गया है। ये कमरे दिनेश कुमार, मनोज कुमार, रामदीप, सोरव, पारस चंद्र, समनवीर के नाम अलाट थे।
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छापामारी के दौरान कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के हॉस्टल नरहरि भवन के कमरा नंबर डी-3, डी-7, डी-15, डी-33, ई-31, ई-30, डी-43, सी-12 और टैगोर भवन के कमरा नंबर बी-3, बी-6, बी-47, बी-60 में आउटसाइडर मिले।  
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जुर्माना लगा इन छात्रों पर
रजनीश और अनिल को दो हजार रुपये तथा सुनील कुमार, प्रमोद यादव, मनदीप, अनिल कुमार, विकास, सुनील, राकेश, सचिन, विकास, कुलदीप को एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा छात्र ऋषिपाल तथा एक अन्य को 1500 रुपये जुर्माना लगा है। जिन छात्रों को 500 रुपये का जुर्माना लगा है, उनमें अनूप कुमार, मनदीप कुमार, मनीष, नरेश कुमार, पवन कुमार, जगदीप, हरजीत सिंह, हरीश, रहीश, राजकुमार, सचिन गुलाटी, रितेश, चंद्रप्रकाश, प्रदीप यादव व गौरव शामिल हैं।   

गौरतलब है कि केयू छात्रावासों में आउट साइडरों के बवाल मचाने का सिलसिला पुराना है। वहीं हमला, तोड़फोड़ और मारपीट जैसी घटनाओं के बाद ऐसे तत्वों पर केयू प्रशासन की दिखावे की कार्रवाई करने की परंपरा भी पुरानी है। इसके बावजूद अभी तक हॉस्टलों में आउट साइडरों पर अंकुश लगाने के पुख्ता प्रबंध नहीं हो सके। यही कारण है कि जुर्माना, कमरे रद करना और अन्य कार्रवाई होने पर भी हॉस्टलों का माहौल सुधरने की बजाए लगातार बिगड़ रहा है।

हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों का तो यहां तक कहना है कि इस समय केयू के छात्रावासों में रह कर पढ़ने वालों से ज्यादा संख्या उन तत्वों की है, जो यहां रह कर पढ़ने की बजाए इस प्रकार की हरकतें करते हैं जिससे न केवल केयू हॉस्टलों का माहौल बिगड़ता, बल्कि यूनिवर्सिटी के नाम पर बट्टा लग रहा है।


यदि केयू प्रशासन चाहे तो यहां एक भी ऐसा तत्व नहीं घुस सकता, लेकिन जब हॉस्टल व्यवस्था से जुड़े प्रभावशाली लोग ही ऐसे तत्वों को शरण देने में लगे हैं तो माहौल कैसे सुधरेगा। विद्यार्थियों की मानें तो केयू के कुलपति एवं रजिस्ट्रार के पास समय-समय पर उन अधिकारियों के नाम पहुंचते रहे हैं, जोकि केयू कैंपस और हॉस्टलों में दादागिरी करने वालों को शह देने का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद इन अधिकारियों को हॉस्टलों की व्यवस्था से अटैच किया है।
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