{"_id":"67e31f97b858e025b20bf366","slug":"provide-the-knowledge-gained-from-experts-to-farmers-prof-suresh-malhotra-karnal-news-c-18-knl1008-609227-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेषज्ञों से मिला ज्ञान किसानों तक पहुंचाएं : प्रो. सुरेश मल्होत्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशेषज्ञों से मिला ज्ञान किसानों तक पहुंचाएं : प्रो. सुरेश मल्होत्रा
विज्ञापन
एमएचयू में व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए प्रभावी संवाद विषय पर कार्यशाला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशालय की ओर से व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए प्रभावी संवाद (इफेक्टिव कम्युनिकेशन फॉर पर्सनल एंड प्रोफेशनल ग्रोथ) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि जब विचारों को शब्द मिलते हैं तो सपनों को दिशा मिलती है। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से जो ज्ञान मिलता है, उसे अपनाना भी आवश्यक है, तभी उसका लाभ किसानों तक पहुंच सकेगा। मुख्य उद्देश्य तो ज्ञान व तकनीकियों को खेतों तक पहुंचाना ही है।
कार्यशाला की शुरुआत में छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने कहा कि प्रभावशाली संवाद (इफेक्टिव कम्युनिकेशन) सिर्फ एक कौशल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव भी है। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं और उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ करने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने इस पहल को शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान के बीच ब्रिज की एक समयानुकूल और रणनीतिक पहल बताया।
नीलोखेड़ी संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. जसविंदर कौर ने सत्र को संवादात्मक और व्यवहारिक रूप दिया। जिसमें छात्रों को सक्रिय रूप से संप्रेषण अभ्यास, भूमिका-निर्वहन और जीवनोपयोगी गतिविधियों में शामिल किया गया ताकि वे इफेक्टिव कम्युनिकेशन को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में दक्षता, आत्मविश्वास और प्रभावशीलता के साथ प्रयोग करना सीख सकें। इस मौके पर समन्वय डॉ. राजिंदर व अन्य समन्वयक, करियर विकास प्रकोष्ठ से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशालय की ओर से व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए प्रभावी संवाद (इफेक्टिव कम्युनिकेशन फॉर पर्सनल एंड प्रोफेशनल ग्रोथ) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि जब विचारों को शब्द मिलते हैं तो सपनों को दिशा मिलती है। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से जो ज्ञान मिलता है, उसे अपनाना भी आवश्यक है, तभी उसका लाभ किसानों तक पहुंच सकेगा। मुख्य उद्देश्य तो ज्ञान व तकनीकियों को खेतों तक पहुंचाना ही है।
कार्यशाला की शुरुआत में छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने कहा कि प्रभावशाली संवाद (इफेक्टिव कम्युनिकेशन) सिर्फ एक कौशल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव भी है। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं और उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ करने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने इस पहल को शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान के बीच ब्रिज की एक समयानुकूल और रणनीतिक पहल बताया।
विज्ञापन
नीलोखेड़ी संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. जसविंदर कौर ने सत्र को संवादात्मक और व्यवहारिक रूप दिया। जिसमें छात्रों को सक्रिय रूप से संप्रेषण अभ्यास, भूमिका-निर्वहन और जीवनोपयोगी गतिविधियों में शामिल किया गया ताकि वे इफेक्टिव कम्युनिकेशन को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में दक्षता, आत्मविश्वास और प्रभावशीलता के साथ प्रयोग करना सीख सकें। इस मौके पर समन्वय डॉ. राजिंदर व अन्य समन्वयक, करियर विकास प्रकोष्ठ से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।
विज्ञापन