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शहीद-ए-आजम के अपमान पर भड़के देशभक्त
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Mon, 17 Feb 2014 11:45 PM IST
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को आतंकवादी बताने वाले ब्रिटेन के साहित्यकार डेविड हार्डिमन के खिलाफ देशभक्तों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के बैनर तले हार्डिमन का पुतला और ब्रिटेन का राष्ट्रीय ध्वज जलाया। समिति के सदस्य चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा और जिला प्रधान संजय वर्मा के नेतृत्व में कमेटी चौक पर पहुंचे।
उन्होंने यहां डेविड हार्डिमन के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के सदस्यों में शहीदों के अपमान से जबरदस्त रोष था। नरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि जिन अंग्रेजों ने वर्षों तक भारत देश को गुलाम रखा और भगत सिंह व चंद्रशेखर आजाद सरीखे देश के शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर उन्हीं अंग्रेजों को देश से भगाया और देश आजाद हुआ।
आज वही अंग्रेज हमारे देश में आकर हमारे ही देश के शहीदों को आतंकवादी कहें, यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद भारत देश की आन-बान और शान हैं।
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उन्हें आतंकवादी कहना पूरे भारतवर्ष का अपमान करना है। उन्होंने कहा कि इतिहासकार डेविड हार्डिमन ने शहीदों को आतंकवादी बताकर पूरे देश का अपमान किया है, जिसके लिए उसे लिखित रूप में माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। इसमें यह मांग की जाएगी कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर डेविड हार्डिमन से माफी मांगने के लिए कहा जाए। इसके अलावा डेविड हार्डिमन पर देशभक्तों का अपमान करने का मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा जाएगा और माफी मांगने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि डेविड हार्डिमन के इस निंदनीय बयान से भारत के देशभक्तों को गहरा आघात हुआ है।
इस अवसर पर बलजीत सल्याण, प्राणनाथ गोयल, पवन ढाकला, प्रशांत कपूर, अमन सिंह लबाना, सुखविन्द्र सिंह, विजय कुमारी शर्मा, निर्मल फुल्ले, कांता शर्मा, बलवान सिंह फौजी, सुखवंत सिंह बेदी, वजीर चंद मैहता, सुशील राणा, जगदीश अरोड़ा, सुरेन्द्र सिंह पहलवान, रेहतू लाल सैनी, सतीश पांचाल, कामरेड रामकिशन, ओम प्रकाश, कर्म सिंह सल्याण, विजय काम्बोज, सुलतान सिंह, ताराचंद सैनी उपस्थित थे।
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प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के बैनर तले हार्डिमन का पुतला और ब्रिटेन का राष्ट्रीय ध्वज जलाया। समिति के सदस्य चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा और जिला प्रधान संजय वर्मा के नेतृत्व में कमेटी चौक पर पहुंचे।
उन्होंने यहां डेविड हार्डिमन के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के सदस्यों में शहीदों के अपमान से जबरदस्त रोष था। नरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि जिन अंग्रेजों ने वर्षों तक भारत देश को गुलाम रखा और भगत सिंह व चंद्रशेखर आजाद सरीखे देश के शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर उन्हीं अंग्रेजों को देश से भगाया और देश आजाद हुआ।
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आज वही अंग्रेज हमारे देश में आकर हमारे ही देश के शहीदों को आतंकवादी कहें, यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद भारत देश की आन-बान और शान हैं।
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उन्हें आतंकवादी कहना पूरे भारतवर्ष का अपमान करना है। उन्होंने कहा कि इतिहासकार डेविड हार्डिमन ने शहीदों को आतंकवादी बताकर पूरे देश का अपमान किया है, जिसके लिए उसे लिखित रूप में माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। इसमें यह मांग की जाएगी कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर डेविड हार्डिमन से माफी मांगने के लिए कहा जाए। इसके अलावा डेविड हार्डिमन पर देशभक्तों का अपमान करने का मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा जाएगा और माफी मांगने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि डेविड हार्डिमन के इस निंदनीय बयान से भारत के देशभक्तों को गहरा आघात हुआ है।
इस अवसर पर बलजीत सल्याण, प्राणनाथ गोयल, पवन ढाकला, प्रशांत कपूर, अमन सिंह लबाना, सुखविन्द्र सिंह, विजय कुमारी शर्मा, निर्मल फुल्ले, कांता शर्मा, बलवान सिंह फौजी, सुखवंत सिंह बेदी, वजीर चंद मैहता, सुशील राणा, जगदीश अरोड़ा, सुरेन्द्र सिंह पहलवान, रेहतू लाल सैनी, सतीश पांचाल, कामरेड रामकिशन, ओम प्रकाश, कर्म सिंह सल्याण, विजय काम्बोज, सुलतान सिंह, ताराचंद सैनी उपस्थित थे।