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Karnal News: खुले में पड़ा 31.42 लाख क्विंटल गेहूं, भीगने का खतरा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भले ही आवक कम हो गई लेकिन उठान की स्थिति बेहतर नहीं हो सकी है। यही कारण है कि अनाज मंडियां फुल हैं। आलम ये है कि रास्तों से लेकर डिवाइडरों तक पर गेहूं से भरे बैग के चट्ठे लगाए जा रहे हैं। मैदान में लगे गेहूं के ऊपर भी डबल लेयर के चट्ठे लगाए जा रहे हैं। करीब 31 लाख 42 हजार 730 क्विंटल से अधिक गेहूं मंडियों में खुले में पड़ा है। ये स्थिति तब है जब मौसम विभाग ने 19 व 20 अप्रैल को बारिश की आशंका जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अनाज मंडी सचिवों को सतर्क कर दिया है। सभी अनाज मंडियों ही बेहतर सफाई कराने, आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था करने को कहा गया है।
गेहूं की कटाई करीब 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो गई है। अब अधिकांश अनाज मंडियों में ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतारें नहीं दिख रही हैं। कहीं-कहीं जरूर अभी धर्मकांटों पर लाइनें दिख ही हैं। करनाल अनाज मंडी में भी नए मंडी सचिव श्रीभगवान मुद्गिल ने मंडी समिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों को बुलाकर मंडी में पड़े कूड़ा करकट के ढेरों को तत्काल साफ करने का निर्देश दिया। ताकि यदि बारिश होती है तो जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। सभी आढ़तियों से भी तिरपाल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बारिश आने पर तिरपाल डालकर गेहूं को भीगने से बचाया जा सके। जिले में सोमवार को 568990 क्विंटल की खरीद हुई है। जिससे अब तक जिले की कुल खरीद 59 लाख 14 हजार 990 क्विंटल तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से दो लाख 33 हजार 60 क्विंटल अधिक है। अभी जिले में खरीद लगातार जारी है। अनाज मंडियों से लिफ्टिंग की स्थिति काफी धीमी है। जिसमें अभी तक कुल खरीद 5914990 क्विंटल में से 2556750 क्विंटल की लिफ्टिंग हो सकी है। स्पष्ट है कि शेष 3142730 क्विंटल गेहूं अनाज मंडियों में खुले में पड़ा है।
उठान न करने पर ठेकेदार को नोटिस
असंध। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने सोमवार को असंध अनाज मंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान किसानों, आढ़तियों और खरीद एजेंसी के अधिकारियों के साथ बातचीत की। लिफ्टिंग में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों के खाते में उनकी फसल का पैसा 72 घंटे में सीधे हस्तांतरित करने की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। फसल के उठान की गति बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर हैफेड के जिला प्रबंधक उधम सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि असंध मंडी से उठान में देरी की वजह ठेकेदार द्वारा पर्याप्त वाहन और श्रमिक उपलब्ध न कराना है। ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन के पास एफआईआर दर्ज करवाने का विकल्प भी मौजूद है।इस अवसर पर आढ़तियों और खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने भारतीय खाद्य निगम के साथ सीधी डिलीवरी संबंधित प्रावधानों में रियायत की मांग की ताकि मंडियों में पड़े गेहूं को जल्दी एजेंसी के भंडार गृहों में पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राम अवतार जिंदल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश जलमाना और भारत विकास परिषद अध्यक्ष एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, दीपक मंगला, हैफेड के प्रबंधक सुरेंदर कुमार, खाद्य व आपूर्ति इंस्पेक्टर लोकेश कुमार, रोहताश, मार्किट कमेटी सदस्य राजेश कुमार, धरमबीर आदि मौजूद रहें। संवाद
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जल्द उठान के लिए दो रुपये प्रति बैग का सुविधा शुल्क
निसिंग। गेहूं का उठान न होने से अनाज मंडी निसिंग भी फुल हो चुकी है। मंडी प्रशासन का कहना है कि 125 गाड़ियां गेहूं उठान में लगाई गई हैं। गेहूं की अधिक आवक के साथ-साथ उठान के लिए किए जाने वाले दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उठान अधिक न होने की तुलना में गेहूं की आवक दिन प्रतिदिन कम होने लगी है, फिर भी अनाज मंडी में अनाज डालने की जगह नहीं बची है। मंडी में ठेकेदार द्वारा आढ़तियों से जल्द उठान के लिए दो रुपये का सुविधाशुल्क लिए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
अखिल भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष गुलजार सिंह का कहना है कि अनाज मंडी निसिंग सचिव की नाक तले लिफ्टिंग कराने को लेकर आढ़तियों की दुकान से गेहूं कट्टों के जल्द उठान को लेकर ठेकेदारों द्वारा दो रुपये प्रति बैग लेकर उठान करवाया जा रहा है। यह प्रक्रिया सालों से चल रही है। एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं मंडी से उठान होने के बाद एफसीआई गोदाम में पहुंचकर अधिकारी द्वारा ऑनलाइन करने के पश्चात 72 घंटे के दौरान किसान के खाते में पेमेंट पहुंचती है। इसलिए बेबस आढ़ती और किसान निर्धारित शुल्क के अलावा दो प्रति बैग देने को विवश बना हुआ है। संवाद
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करनाल। भले ही आवक कम हो गई लेकिन उठान की स्थिति बेहतर नहीं हो सकी है। यही कारण है कि अनाज मंडियां फुल हैं। आलम ये है कि रास्तों से लेकर डिवाइडरों तक पर गेहूं से भरे बैग के चट्ठे लगाए जा रहे हैं। मैदान में लगे गेहूं के ऊपर भी डबल लेयर के चट्ठे लगाए जा रहे हैं। करीब 31 लाख 42 हजार 730 क्विंटल से अधिक गेहूं मंडियों में खुले में पड़ा है। ये स्थिति तब है जब मौसम विभाग ने 19 व 20 अप्रैल को बारिश की आशंका जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अनाज मंडी सचिवों को सतर्क कर दिया है। सभी अनाज मंडियों ही बेहतर सफाई कराने, आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था करने को कहा गया है।
गेहूं की कटाई करीब 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो गई है। अब अधिकांश अनाज मंडियों में ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतारें नहीं दिख रही हैं। कहीं-कहीं जरूर अभी धर्मकांटों पर लाइनें दिख ही हैं। करनाल अनाज मंडी में भी नए मंडी सचिव श्रीभगवान मुद्गिल ने मंडी समिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों को बुलाकर मंडी में पड़े कूड़ा करकट के ढेरों को तत्काल साफ करने का निर्देश दिया। ताकि यदि बारिश होती है तो जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। सभी आढ़तियों से भी तिरपाल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बारिश आने पर तिरपाल डालकर गेहूं को भीगने से बचाया जा सके। जिले में सोमवार को 568990 क्विंटल की खरीद हुई है। जिससे अब तक जिले की कुल खरीद 59 लाख 14 हजार 990 क्विंटल तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से दो लाख 33 हजार 60 क्विंटल अधिक है। अभी जिले में खरीद लगातार जारी है। अनाज मंडियों से लिफ्टिंग की स्थिति काफी धीमी है। जिसमें अभी तक कुल खरीद 5914990 क्विंटल में से 2556750 क्विंटल की लिफ्टिंग हो सकी है। स्पष्ट है कि शेष 3142730 क्विंटल गेहूं अनाज मंडियों में खुले में पड़ा है।
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उठान न करने पर ठेकेदार को नोटिस
असंध। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने सोमवार को असंध अनाज मंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान किसानों, आढ़तियों और खरीद एजेंसी के अधिकारियों के साथ बातचीत की। लिफ्टिंग में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों के खाते में उनकी फसल का पैसा 72 घंटे में सीधे हस्तांतरित करने की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। फसल के उठान की गति बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर हैफेड के जिला प्रबंधक उधम सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि असंध मंडी से उठान में देरी की वजह ठेकेदार द्वारा पर्याप्त वाहन और श्रमिक उपलब्ध न कराना है। ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन के पास एफआईआर दर्ज करवाने का विकल्प भी मौजूद है।इस अवसर पर आढ़तियों और खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने भारतीय खाद्य निगम के साथ सीधी डिलीवरी संबंधित प्रावधानों में रियायत की मांग की ताकि मंडियों में पड़े गेहूं को जल्दी एजेंसी के भंडार गृहों में पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राम अवतार जिंदल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश जलमाना और भारत विकास परिषद अध्यक्ष एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, दीपक मंगला, हैफेड के प्रबंधक सुरेंदर कुमार, खाद्य व आपूर्ति इंस्पेक्टर लोकेश कुमार, रोहताश, मार्किट कमेटी सदस्य राजेश कुमार, धरमबीर आदि मौजूद रहें। संवाद
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जल्द उठान के लिए दो रुपये प्रति बैग का सुविधा शुल्क
निसिंग। गेहूं का उठान न होने से अनाज मंडी निसिंग भी फुल हो चुकी है। मंडी प्रशासन का कहना है कि 125 गाड़ियां गेहूं उठान में लगाई गई हैं। गेहूं की अधिक आवक के साथ-साथ उठान के लिए किए जाने वाले दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उठान अधिक न होने की तुलना में गेहूं की आवक दिन प्रतिदिन कम होने लगी है, फिर भी अनाज मंडी में अनाज डालने की जगह नहीं बची है। मंडी में ठेकेदार द्वारा आढ़तियों से जल्द उठान के लिए दो रुपये का सुविधाशुल्क लिए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
अखिल भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष गुलजार सिंह का कहना है कि अनाज मंडी निसिंग सचिव की नाक तले लिफ्टिंग कराने को लेकर आढ़तियों की दुकान से गेहूं कट्टों के जल्द उठान को लेकर ठेकेदारों द्वारा दो रुपये प्रति बैग लेकर उठान करवाया जा रहा है। यह प्रक्रिया सालों से चल रही है। एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं मंडी से उठान होने के बाद एफसीआई गोदाम में पहुंचकर अधिकारी द्वारा ऑनलाइन करने के पश्चात 72 घंटे के दौरान किसान के खाते में पेमेंट पहुंचती है। इसलिए बेबस आढ़ती और किसान निर्धारित शुल्क के अलावा दो प्रति बैग देने को विवश बना हुआ है। संवाद