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पैगंबर की बेटी महिलाओं के लिए आदर्श : डॉ. हसन
Sat, 07 Dec 2024 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 07 Dec 2024 02:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। सैयद छपरा गांव में हजरत मोहम्मद साहब की बेटी जनाब फातमा जहरा की शहादत को लेकर मजलिसों का आयोजन किया गया। मौलाना डॉ. हसन अख्तर ने खिताब फरमाया कि शिया मुस्लिम समुदाय की शहजादी फातमा जहरा की शहादत के दिन चल रहे हैं। इस्लाम धर्म में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी दुनिया की महिलाओं के लिए आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि फातमा जहरा के बेटे ने कर्बला के मैदान में अपने 71 साथियों के साथ बलिदान दिया था। हजरत फातमा औरतों के लिए हर दौर में मिशाली किरदार है। उन्होंने अपने बाबा हजरत मोहम्मद के दीने इस्लाम को परवान चढ़ाने में अहम किरदार निभाया।
इस दौरान महिलाओं ने भी मातम करके शहजादी की शहादत पर गम मनाया और मजलिस के बाद अंजुमन यादगारें हुसैनी ने फातमा जहरा कि शान में नोहा पढ़ा। इस मौके पर अंजुमन यादगारें हुसैनी के संयोजक रजा अब्बास, समीम अब्बास, मोहम्मद हैदर, अली अब्बास, अली रहमान, हसीन अब्बास, शकील हुसैन, असद रजा, मोहम्मद नकी, जमाल अब्बास आदि मौजूद रहे।
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इंद्री। सैयद छपरा गांव में हजरत मोहम्मद साहब की बेटी जनाब फातमा जहरा की शहादत को लेकर मजलिसों का आयोजन किया गया। मौलाना डॉ. हसन अख्तर ने खिताब फरमाया कि शिया मुस्लिम समुदाय की शहजादी फातमा जहरा की शहादत के दिन चल रहे हैं। इस्लाम धर्म में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी दुनिया की महिलाओं के लिए आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि फातमा जहरा के बेटे ने कर्बला के मैदान में अपने 71 साथियों के साथ बलिदान दिया था। हजरत फातमा औरतों के लिए हर दौर में मिशाली किरदार है। उन्होंने अपने बाबा हजरत मोहम्मद के दीने इस्लाम को परवान चढ़ाने में अहम किरदार निभाया।
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इस दौरान महिलाओं ने भी मातम करके शहजादी की शहादत पर गम मनाया और मजलिस के बाद अंजुमन यादगारें हुसैनी ने फातमा जहरा कि शान में नोहा पढ़ा। इस मौके पर अंजुमन यादगारें हुसैनी के संयोजक रजा अब्बास, समीम अब्बास, मोहम्मद हैदर, अली अब्बास, अली रहमान, हसीन अब्बास, शकील हुसैन, असद रजा, मोहम्मद नकी, जमाल अब्बास आदि मौजूद रहे।
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