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Karnal News: बालवाटिका में होगी प्री-प्राइमरी की पढ़ाई

Amar Ujala Bureau Updated Sat, 15 Apr 2023 03:11 AM IST
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Pre-primary studies will be done in Balvatika
करनाल। नई शिक्षा नीति में अब पूर्व प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य शिक्षण का भाग बनाया जा रहा है। इसके लिए राजकीय स्कूलों में अब बालवाटिका खोली जाएंगी। जहां साढ़े पांच साल से छोटी आयु के बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। साढ़े पांच साल की आयु पूरी करते ही बच्चे को इसी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिल कर लिया जाएगा। सरकार इसी शिक्षा सत्र से नई व्यवस्था को लागू करने जा रही है।
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इस योजना के तहत बालवाटिका खोलने के लिए जिले के 483 राजकीय प्राथमिक स्कूलों का चयन किया गया है। यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को भोजन के साथ स्टेशनरी, बस्ता और वर्दी भी मिलेगी। वहीं साढ़े चार घंटे की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों के लिए दो बार जलपान की भी व्यवस्था रहेगी। खास बात यह है कि बालवाटिका में दाखिल बच्चों का रिकार्ड एमआईएस पोर्टल पर भी रहेगा। नई व्यवस्था में प्रथम कक्षा से पहले तीन वर्ष तक औपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। नई शिक्षा नीति की फाउंडेशन स्टेज में तीन से आठ वर्ष के विद्यार्थी आते हैं। वहीं कक्षा पहली में दाखिले के लिए सरकार की ओर से साढ़े पांच वर्ष न्यूनतम आयु निर्धारित की गई है। ऐसे में तीन से लेकर साढ़े पांच वर्ष तक की आयु में बच्चे फाउंडेशन स्टेज के तहत बालवाटिका में जाएंगे। ब्यूरो
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छात्र अध्यापक अनुपात 25:1 रहेगा

पहली कक्षा को पढ़ाने वाले अध्यापक को ही बालवाटिका का दायित्व सौंपा जाना है। ऐसे विद्यालय जहां पर छात्र संख्या अधिक है वहां पर तदनुसार अतिरिक्त सेक्शन बनाए जाएंगे। बालवाटिका के लिए छात्र अध्यापक अनुपात 25:1 रहेगा। बालवाटिका सभी राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में भी खुलेगी। गत वर्ष जिस कक्ष में पहली कक्षा थी उसी कक्ष को बालवाटिका के लिए आबंटित किया जाए। नये कक्ष की मांग विद्यालय द्वारा एसडीपी (स्कूल डेवलपमेंट प्लान) में दी जाएगी।
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शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

समग्र शिक्षा के एपीसी सचिन के अनुसार, एनसीईआरटी द्वारा बालवाटिका के साथ-साथ फाउंडेशन स्टेज के लिए बनाई गई सामग्री जादुई पिटारा पर विशेष प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। 10 दिन के इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को खेल आधारित शिक्षा के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें संज्ञानात्मक, भावनात्मक और शारीरिक क्षमताओं और प्रारंभिक साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।




फोटो-- 102

वर्जन

बालवाटिका का समय विद्यालय शुरू होने के समय के साथ ही होगा। जिससे ये छोटे विद्यार्थी अपने भाई-बहनों के साथ ही विद्यालय आ सकें। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निःशुल्क शिक्षा के सभी प्रावधान बालवाटिका के विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिसमें स्टेशनरी, स्कूल बैग एवं वर्दी इत्यादि शामिल हैं। - वंदना परुथी, डीपीसी समग्र शिक्षा
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