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Karnal News: लचर व्यवस्था, लाचार यात्री...दोगुने पैसे देकर खड़े रहकर किया सफर

Wed, 26 Nov 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 26 Nov 2025 01:58 AM IST
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Poor arrangements, helpless passengers...paid double the fare and travelled standing.
करनाल पुराने बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र आगमन के लिए की गई व्यवस्थाओं का प्रभाव करनाल में परिवहन पर भी पड़ा। मंगलवार को जिले से कुरुक्षेत्र के लिए हरियाणा रोडवेज की 100 बसें भेजी गई थीं। वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए। प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण यात्री भी लाचार रहे। दोगुने किराए पर यात्रा करनी पड़ी। भीड़ अधिक होने से खड़े होकर यात्रा की। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हुई।
जिले के स्थानीय रूटों, लंबी दूरी की सेवाओं और देहात की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। जब हरियाणा रोडवेज बस नहीं मिली तो मजबूरन प्राइवेट बस में खड़े होकर जाना पड़ा। प्राइवेट बसें यात्रियों से खचाखच भरी रहीं। कुछ लोग शेयरिंग वाहनों के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचे।
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निजी वाहन चालकों ने किराए में अनियमित रूप से बढ़ोतरी कर दी। सामान्य रूप से जिन रूटों पर 20 से 30 रुपये किराया होता है, उन पर 40 से 60 रुपये तक वसूले गए। दिल्ली जाने वाली सवारियों से 100 की जगह 200 से 300 रुपये तक वसूले गए।
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ग्रामीण और लंबी दूरी वाले रूटों पर समस्या अधिक
करनाल से निसिंग, कुंजपुरा, असंध, घरौंडा सहित अन्य ग्रामीण रूटों पर जाने वाली बसें बहुत कम चलीं। आम दिनों में हर 20–25 मिनट पर बस मिलने की सुविधा रहती है। मंगलवार को एक से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबी दूरी वाले दिल्ली, चंडीगढ़, पानीपत और अंबाला जैसे रूटों पर भी बसों की संख्या आधी रही। करनाल के पुराने और नए बस अड्डे पर यात्रियों को कतार में लगकर इंतजार करना पड़ा।
-लोगाें की पीड़ा
बसों में भीड़ अधिक रही
दिल्ली जाने वाले यात्री विशेष कुमार ने बताया कि बसें कम होने से भीड़ बहुत बढ़ गई है। कई लोग तो मजबूरी में शेयरिंग टैक्सियों में बैठ रहे हैं, जिनमें किराया सामान्य से 50 से 100 प्रतिशत ज्यादा लिया जा रहा है।

दोगुना किराया देना पड़ा
कैमला गांव के रहने वाले 64 वर्षीय रामपाल ने कहा कि उनको रोज दवा लाने के लिए करनाल शहर आना पड़ता है। 2 घंटे तक बस नहीं मिली। आखिरकार एक निजी बस मिली भी तो दोगुना किराया देना पड़ा।

दो घंटे बाद मिली बस
तरावड़ी निवासी निर्मला कौर बताया कि हमारे गांव जाने के लिए हर आधे घंटे पर बस मिल जाती है लेकिन मंगलवार को 2 घंटे बाद एक प्राइवेट बस आई। उसने 30 रुपये के बजाय 60 रुपये किराया वसूला।

वैकल्पिक व्यवस्था करते


अंबाला जाने के लिए बस का इंतजार करते हुए बुजुर्ग यात्री रूप सिंह ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बसें एक साथ हटाने से पहले प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बस अड्डों पर घोषणाएं, सूचना पट्ट भी नहीं था।


अतिरिक्त बसें चलाते
बस अड्डा परिसर में बस का इंतजार कर रहे यात्री राजकुमार ने कहा कि अचानक इतनी सारी बसों को हटा लेने से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हुए। प्रशासन को अतिरिक्त बसें चलानी चाहिए थीं।
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