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Karnal News: पीएम मोदी आज करेंगे 422 करोड़ की लागत वाले एमएचयू कैंपस का शिलान्यास
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पानीपत से करेंगे शिलान्यास, विश्वविद्यालय में दिखाया जाएगा सीधा प्रसारण, किसान गोष्ठी भी होगी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पानीपत से करनाल को भी एक बड़ी सौगात देंगे। वह करनाल स्थित हरियाणा के पहले और देश के सातवें बागवानी विश्वविद्यालय यानी महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (एमएचयू) के 421.85 करोड़ रुपये से बनने वाले कैंपस का शिलान्यास करेंगे। ये भवन ग्रहा-3 रेटिंग वाली ग्रीन श्रेणी की जल संरक्षण की तकनीकियों से बनेगा। शिलान्यास के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में भी किसान गोष्ठी की जाएगी। इसकी तैयारियों का निरीक्षण करने रविवार को कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा भी पहुंचे।
महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना की अधिसूचना 28 नवंबर 2016 को जारी की गई थी। इसके बाद प्रक्रिया चली तो भूमि की तलाश शुरू की गई लेकिन तत्काल भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। इस कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अंजनथली में स्थापित करके वर्ष 2020 में संचालित किया गया। कुलपति रहे प्रो. समर सिंह ने भी प्रयास किए लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद हरियाणा के कई सचिव स्तर के अधिकारियों के पास कार्यवाहक चार्ज रहा।
इस दौरान भूमि को तलाश लिया गया। 65 एकड़ भूमि को करनाल के ऊंचानी में खरीद लिया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय के अपने भवन को बनाने की दिशा में प्रयास तेज हुए लेकिन जब डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा को यहां स्थायी कुलपति के रूप में भेजा गया तो उनके प्रयासों से कार्य ने गति पकड़ी और धनावंटन के बाद अब विश्वविद्यालय का अपना कैंपस बनने जा रहा है, जिसकी अनुमानित करीब 421.85 करोड़ रुपये है। कैंपस दो पैकेज में बनेगा। दोनों का कार्य साथ-साथ चलेगा। इसे भारत सरकार की निर्माणदायी संस्था मैकॉन लिमिटेड द्वारा बनाया जाएगा।
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कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि इस बागवानी विश्वविद्यालय का लाभ सिर्फ हरियाणा को ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के मैदानी इलाके के किसानों को मिलेगा। इसका निर्माण करीब दो साल में पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पानीपत से ही कैंपस निर्माण का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में भी बड़ी स्क्रीन लगाकर शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही सुबह 11 बजे एक किसान गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है।
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क्या क्या बनेगा
पहले पैकेज में मुख्य प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, पुस्तकालय व अन्य निर्माण किया जाएगा। दूसरे पैकेज में कुलपति निवास, कर्मचारी निवास,अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, लड़के ओर लड़कियों के लिए छात्रावास, किसान प्रशिक्षण छात्रावास महिला व पुरुषों के लिए, बहुउद्देशीय हॉल, व्यायामशाला, एम्फीथिएटर, शॉपिंग कॉम्पलैक्स, चिकित्सा देखभाल केंद्र, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम, सड़कें, बैंक और एटीएम, डाकघर आदि का निर्माण किया। विश्वविद्यालय के सारे भवन ग्रहा-3 रेटिंग वाली ग्रीन श्रेणी की जल संरक्षण की तकनीकों से लैस होंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पानीपत से करनाल को भी एक बड़ी सौगात देंगे। वह करनाल स्थित हरियाणा के पहले और देश के सातवें बागवानी विश्वविद्यालय यानी महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (एमएचयू) के 421.85 करोड़ रुपये से बनने वाले कैंपस का शिलान्यास करेंगे। ये भवन ग्रहा-3 रेटिंग वाली ग्रीन श्रेणी की जल संरक्षण की तकनीकियों से बनेगा। शिलान्यास के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में भी किसान गोष्ठी की जाएगी। इसकी तैयारियों का निरीक्षण करने रविवार को कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा भी पहुंचे।
महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना की अधिसूचना 28 नवंबर 2016 को जारी की गई थी। इसके बाद प्रक्रिया चली तो भूमि की तलाश शुरू की गई लेकिन तत्काल भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। इस कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अंजनथली में स्थापित करके वर्ष 2020 में संचालित किया गया। कुलपति रहे प्रो. समर सिंह ने भी प्रयास किए लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद हरियाणा के कई सचिव स्तर के अधिकारियों के पास कार्यवाहक चार्ज रहा।
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इस दौरान भूमि को तलाश लिया गया। 65 एकड़ भूमि को करनाल के ऊंचानी में खरीद लिया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय के अपने भवन को बनाने की दिशा में प्रयास तेज हुए लेकिन जब डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा को यहां स्थायी कुलपति के रूप में भेजा गया तो उनके प्रयासों से कार्य ने गति पकड़ी और धनावंटन के बाद अब विश्वविद्यालय का अपना कैंपस बनने जा रहा है, जिसकी अनुमानित करीब 421.85 करोड़ रुपये है। कैंपस दो पैकेज में बनेगा। दोनों का कार्य साथ-साथ चलेगा। इसे भारत सरकार की निर्माणदायी संस्था मैकॉन लिमिटेड द्वारा बनाया जाएगा।
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कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि इस बागवानी विश्वविद्यालय का लाभ सिर्फ हरियाणा को ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के मैदानी इलाके के किसानों को मिलेगा। इसका निर्माण करीब दो साल में पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पानीपत से ही कैंपस निर्माण का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में भी बड़ी स्क्रीन लगाकर शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही सुबह 11 बजे एक किसान गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है।
क्या क्या बनेगा
पहले पैकेज में मुख्य प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, पुस्तकालय व अन्य निर्माण किया जाएगा। दूसरे पैकेज में कुलपति निवास, कर्मचारी निवास,अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, लड़के ओर लड़कियों के लिए छात्रावास, किसान प्रशिक्षण छात्रावास महिला व पुरुषों के लिए, बहुउद्देशीय हॉल, व्यायामशाला, एम्फीथिएटर, शॉपिंग कॉम्पलैक्स, चिकित्सा देखभाल केंद्र, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम, सड़कें, बैंक और एटीएम, डाकघर आदि का निर्माण किया। विश्वविद्यालय के सारे भवन ग्रहा-3 रेटिंग वाली ग्रीन श्रेणी की जल संरक्षण की तकनीकों से लैस होंगे।