{"_id":"69598098fa59ce37cb0ce256","slug":"plots-sold-in-sector-9-of-gharaunda-zero-settlement-karnal-news-c-18-knl1018-815855-2026-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: घरौंडा के सेक्टर-9 में प्लॉट बिके... बसावट शून्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: घरौंडा के सेक्टर-9 में प्लॉट बिके... बसावट शून्य
Sun, 04 Jan 2026 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 04 Jan 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
एचएसवीपी की ओर से बनाया गया सेक्टर।
करनाल। करनाल के घरौंडा क्षेत्र में जीटी रोड से सटी बहुमूल्य जमीन अधिग्रहण कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से विकसित किया गया सेक्टर-9 पांच साल बीतने के बावजूद भी आबाद नहीं हो पाया है। इस सेक्टर को आधुनिक रिहायशी कॉलोनी के रूप में विकसित कर क्षेत्र के शहरी विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा था। सेक्टर में प्लॉट तो बिके लेकिन बसावट नहीं हुई।
एचएसवीपी ने इस सेक्टर में कुल 242 रिहायशी प्लॉट काटे थे। अब तक 132 प्लॉट बेचे जा सके हैं। जिन प्लॉटों की बिक्री हो चुकी है, धारक ने अब तक रिहायशी निर्माण शुरू नहीं किया है। जबकि इसके साथ लगती आवासीय सोसायटी में मकान बनने शुरू हो चुके हैं। रिहायश भी शुरू हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-9 की लोकेशन भले ही जीटी रोड के बेहद नजदीक है, लेकिन सुविधाओं के अभाव और विकास कार्यों की धीमी गति के कारण लोग यहां मकान बनाने से कतरा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, पानी की आपूर्ति और सामुदायिक सुविधाएं कागजों में तो दिखाई देती हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है। बताया जा रहा है कि प्लॉटों की शुरुआती कीमतें भी अपेक्षाकृत अधिक रखी गई थीं, जिसके चलते आम मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुंच से यह सेक्टर दूर रहा। एचएसवीपी सेक्टर-9 के बचे हुए प्लॉटों की इस साल नीलामी करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
सेक्टरों के खाली प्लॉटों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। पूरा काम मुख्यालय की ओर से होगा। अनुमान है कि इस साल कई सेक्टरों के प्लॉटों की नीलामी होगा। -अदिति, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी
विज्ञापन
एचएसवीपी ने इस सेक्टर में कुल 242 रिहायशी प्लॉट काटे थे। अब तक 132 प्लॉट बेचे जा सके हैं। जिन प्लॉटों की बिक्री हो चुकी है, धारक ने अब तक रिहायशी निर्माण शुरू नहीं किया है। जबकि इसके साथ लगती आवासीय सोसायटी में मकान बनने शुरू हो चुके हैं। रिहायश भी शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-9 की लोकेशन भले ही जीटी रोड के बेहद नजदीक है, लेकिन सुविधाओं के अभाव और विकास कार्यों की धीमी गति के कारण लोग यहां मकान बनाने से कतरा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, पानी की आपूर्ति और सामुदायिक सुविधाएं कागजों में तो दिखाई देती हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है। बताया जा रहा है कि प्लॉटों की शुरुआती कीमतें भी अपेक्षाकृत अधिक रखी गई थीं, जिसके चलते आम मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुंच से यह सेक्टर दूर रहा। एचएसवीपी सेक्टर-9 के बचे हुए प्लॉटों की इस साल नीलामी करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
सेक्टरों के खाली प्लॉटों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। पूरा काम मुख्यालय की ओर से होगा। अनुमान है कि इस साल कई सेक्टरों के प्लॉटों की नीलामी होगा। -अदिति, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी