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मार्च में दिये वेतन पर पीएफ का क्लेम लेने के लिए 15 मई तक जमा करा सकते हैं ईसीआर
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ऐसी कंपनियां जिन्होंने अपने कर्मचारियों को मार्च माह के वेतन का भुगतान किया है। उनके लिए देय माह मार्च के इलेक्ट्रॉनिक चालान और वितरण (ईसीआर) जमा कराने की तारीख को 15 मई तक बढ़ा दिया गया है। पहले मार्च के अंशदान को जमा करने की देय तारीख 15 अप्रैल थी। सरकार ने यह निर्णय उन संस्थानों के नियोक्ताओं को सहायता और राहत प्रदान करने के लिए लिया है, जिन्होंने अपने कर्मचारियों को मार्च का वेतन वितरित कर दिया है तथा उन नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए लिया है, जिन्होंने अपने कर्मचारियों को इस कोविड 19 महामारी के दौर में भी वेतन का भुगतान किया।
बता दें कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक नुकसान झेल रही कंपनियों और कर्मचारियों को सरकार ने राहत दी है। उन्हें तीन माह के लिए कर्मचारी के पीएफ का पैसा जमा नहीं कराना होगा। कर्मचारी और कंपनी दोनों की तरफ से जमा होने वाला कुल 24 प्रतिशत पीएफ का पैसा सरकार जमा कराएगी। यह लाभ उन कंपनियों को मिलेगा, जिनके यहां 100 कर्मचारी या 90 प्रतिशत कर्मचारियों का मासिक वेतन 15 हजार रुपये या इससे कम है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मार्च, अप्रैल और मई माह के वेतन पर यह पैसा दिया जाएगा। करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में करनाल के अलावा सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर जिले के करीब तीन लाख कर्मचारी पंजीकृत है, जिनका हर माह ईपीएफ जमा होता है, इनमें 15 हजार रुपये या इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। हर माह की 15 तारीख तक कंपनियों को इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को ऑनलाइन क्लेम या रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए तय की गई है।
कंपनियों को इस योजना का लाभ लेने के लिए ईपीएफओ की वेबसाइट पर ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न (ईसीआर) प्रस्तुत करना होगा। पीएफ का पैसा ईपीएफओ की ओर से जमा कराया जाएगा। कंपनी योजना के लाभ के लिए ईसीआर या फॉर्म 5ए में दी गई जानकारी के लिए खुद जिम्मेदार होगी। यदि थर्ड पार्टी मूल्यांकन में जानकारी गलत पाई गई तो नियोक्ता पर ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें दी गई राहत ब्याज और जुर्माना के साथ वसूल की जाएगी। मार्च माह के ईसीआर जमा कराने की तिथि सरकार ने बढ़ा कर 15 मई कर दी है। -अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।
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बता दें कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक नुकसान झेल रही कंपनियों और कर्मचारियों को सरकार ने राहत दी है। उन्हें तीन माह के लिए कर्मचारी के पीएफ का पैसा जमा नहीं कराना होगा। कर्मचारी और कंपनी दोनों की तरफ से जमा होने वाला कुल 24 प्रतिशत पीएफ का पैसा सरकार जमा कराएगी। यह लाभ उन कंपनियों को मिलेगा, जिनके यहां 100 कर्मचारी या 90 प्रतिशत कर्मचारियों का मासिक वेतन 15 हजार रुपये या इससे कम है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मार्च, अप्रैल और मई माह के वेतन पर यह पैसा दिया जाएगा। करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में करनाल के अलावा सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर जिले के करीब तीन लाख कर्मचारी पंजीकृत है, जिनका हर माह ईपीएफ जमा होता है, इनमें 15 हजार रुपये या इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। हर माह की 15 तारीख तक कंपनियों को इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को ऑनलाइन क्लेम या रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए तय की गई है।
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कंपनियों को इस योजना का लाभ लेने के लिए ईपीएफओ की वेबसाइट पर ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न (ईसीआर) प्रस्तुत करना होगा। पीएफ का पैसा ईपीएफओ की ओर से जमा कराया जाएगा। कंपनी योजना के लाभ के लिए ईसीआर या फॉर्म 5ए में दी गई जानकारी के लिए खुद जिम्मेदार होगी। यदि थर्ड पार्टी मूल्यांकन में जानकारी गलत पाई गई तो नियोक्ता पर ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें दी गई राहत ब्याज और जुर्माना के साथ वसूल की जाएगी। मार्च माह के ईसीआर जमा कराने की तिथि सरकार ने बढ़ा कर 15 मई कर दी है। -अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।
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