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अधिकतम तापमान गिरने से छूट रही कंपकंपी, न्यूनतम तापमान बढ़ने से राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 02:36 AM IST
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People chilled due to drop in maximum temperature, relief from increase in minimum
सप्ताह भर से कोहरे और धुंध के कारण मैदानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, जबकि न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 12.8 थो जो शनिवार को 11.2 रिकार्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 5.7 था जो बढ़कर 7.8 हो गया।
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मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक रात के समय और सुबह कोहरा छा सकता है, जिस कारण दृश्यता कम होगी। वहीं 19 जनवरी को कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद 21 जनवरी से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है।
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 11.2 और न्यूनतम 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 97 प्रतिशत व दोपहर को 90 प्रतिशत रही। हवा की औसत गति 0.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 12.8 व न्यूनतम 5.7 डिग्री सेल्सियस था। पिछले वर्ष 15 जनवरी को अधिकतम तापमान 14.5 व न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस था।
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ठंड में पशुओं का भी रखना हो खास ख्याल
पशुपालकों को सलाह है कि पशुओं को ठंड से बचाकर रखें। जरूरत महसूस होने पर बोरी-टाट ओढ़ा सकते हैं। पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा व ताजा पानी पिलाएं। पशु शेड में गोबर व पेशाब की निकासी का उचित प्रबंध करें। पशुओं के बैठने का स्थल सूखा होना चाहिए। यदि किसी पशु में किसी प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें।

- डा. धर्मेंद्र, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, करनाल।
गेहूं के लिए रामबाण है ठंड
गेहूं की फसल के लिए वातावरण बहुत अनुकूल है। ठंड की अनुकूलता गेहूं के लिए रामबाण होती है। बढ़वार बहुत अच्छी है। मौसम की अनुकूलता बनी रही तो पैदावार बंपर होगी। इसके अलावा कहीं भी गेहूं में पीला रतुआ की कोई सूचना नहीं मिली। फसल पूरी तरह स्वस्थ है।
- डा. अनुज कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल।
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