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Karnal News: कान्हा जी के लिए दो इंच की चर्खी और पतंगें खरीद रहे लोग
Tue, 06 Jan 2026 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:03 AM IST
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कान्हा जी के लिए तैयार करवाई गई आकर्षक छोटी चरखी दिखाता दुकानदार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। वसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। इसी परंपरा को कायम रखने के लिए बाजार में पतंगों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी है। बच्चे ही नहीं, हर उम्र के ग्राहक इस उत्सव को मनाने के लिए उत्साहित हैं। इस बार भगवान कृष्ण को समर्पित करने के लिए लोग दो इंच की चरखी और पतंग भी खरीद रहे हैं। बच्चे रंगीन कार्टून वाली और हल्की पतंगों की मांग कर रहे हैं जबकि युवा वर्ग बड़े साइज की तिरंगा और डिजाइनर पतंगों की ओर आकर्षित है। वहीं, महिलाएं पूजा के लिए हल्के पीले और धार्मिक प्रतीकों वाली पतंगें खरीद रही हैं।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार सूती मांझे की मांग भी अधिक है। लोगों में बढ़ती मांग को देख हुए दुकानदारों ने पतंगों की कई किस्में विभिन्न राज्यों से मंगा ली हैं। जिले के प्रमुख सदर बाजार, कर्ण गेट मार्केट और मॉडल टाउन जैसे क्षेत्रों में पतंगों की दुकानों पर रौनक है। हर तरफ रंग-बिरंगी, डिजाइन और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी पतंगें लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
- कान्हा जी को समर्पित पतंग बरेली से मंगाई
सदर बाजार के दुकानदार मनोज ने कहा कि इस बार बरेली से कान्हा जी को समर्पित करने के लिए खास तौर पर पतंगें मंगाई हैं। यह देखने में भी सुंदर लगती हैं। इससे लोग श्रीकृष्ण के प्रति अपना समर्पण भाव भी दिखा रहे हैं। इस पर कार्टून कैरेक्टर भी छपे हुए हैं।
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- 10 रुपये में उपलब्ध है छोटी चर्खी
रामगढ़िया चौक पर स्थित दुकान के मालिक राघव ने कहा कि बरेली से उन्होंने कान्हा जी के लिए सबसे छोटी चर्खी भी मंगवा ली है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यह छोटी चर्खी दो इंच की है और 10 रुपये में उपलब्ध है।
- मंदिरों में चढ़ाने के लिए ले रहे छोटी पतंगें
मॉडल टाउन के पतंग कारोबारी नीरज ने कहा कि श्रद्धालु छोटी पतंगों को मंदिरों में चढ़ाने या पूजा स्थल पर सजाने के लिए खरीद रहे हैं। कई लोग इन्हें बच्चों के लिए भी ले रहे हैं, जिससे वे सुरक्षित तरीके से उत्सव का आनंद ले सकें।
- सबसे छोटी पतंग एक अंगुली के बराबर
सेक्टर-13 के दुकानदार प्रवीन का कहा कि कान्हा जी को समर्पित पतंगों पर मोर पंख, बांसुरी, माखन-मटकी और राधे-राधे जैसे चित्र बने हैं। सबसे छोटी पतंग की लंबाई एक अंगुली के बराबर है। लोग इसे आस्था के प्रतीक के रूप में खरीद रहे हैं।
- दाम और वैरायटी
दुकानदारों के मुताबिक, छोटी साइज की कान्हा जी को समर्पित पतंगें 10 से 30 रुपये तक मिल रही हैं जबकि सामान्य पतंगों की कीमत 20 रुपये से शुरू होकर डिजाइन और साइज के अनुसार 200 रुपये तक है। नबी रजा खान का मांझा 400 रुपये तक तो वहीं उत्तर प्रदेश के रामपुर में तैयार छह रील वाला पांडा मांझा 700 रुपये तक उपलब्ध है।
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करनाल। वसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। इसी परंपरा को कायम रखने के लिए बाजार में पतंगों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी है। बच्चे ही नहीं, हर उम्र के ग्राहक इस उत्सव को मनाने के लिए उत्साहित हैं। इस बार भगवान कृष्ण को समर्पित करने के लिए लोग दो इंच की चरखी और पतंग भी खरीद रहे हैं। बच्चे रंगीन कार्टून वाली और हल्की पतंगों की मांग कर रहे हैं जबकि युवा वर्ग बड़े साइज की तिरंगा और डिजाइनर पतंगों की ओर आकर्षित है। वहीं, महिलाएं पूजा के लिए हल्के पीले और धार्मिक प्रतीकों वाली पतंगें खरीद रही हैं।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार सूती मांझे की मांग भी अधिक है। लोगों में बढ़ती मांग को देख हुए दुकानदारों ने पतंगों की कई किस्में विभिन्न राज्यों से मंगा ली हैं। जिले के प्रमुख सदर बाजार, कर्ण गेट मार्केट और मॉडल टाउन जैसे क्षेत्रों में पतंगों की दुकानों पर रौनक है। हर तरफ रंग-बिरंगी, डिजाइन और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी पतंगें लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
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- कान्हा जी को समर्पित पतंग बरेली से मंगाई
सदर बाजार के दुकानदार मनोज ने कहा कि इस बार बरेली से कान्हा जी को समर्पित करने के लिए खास तौर पर पतंगें मंगाई हैं। यह देखने में भी सुंदर लगती हैं। इससे लोग श्रीकृष्ण के प्रति अपना समर्पण भाव भी दिखा रहे हैं। इस पर कार्टून कैरेक्टर भी छपे हुए हैं।
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- 10 रुपये में उपलब्ध है छोटी चर्खी
रामगढ़िया चौक पर स्थित दुकान के मालिक राघव ने कहा कि बरेली से उन्होंने कान्हा जी के लिए सबसे छोटी चर्खी भी मंगवा ली है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यह छोटी चर्खी दो इंच की है और 10 रुपये में उपलब्ध है।
- मंदिरों में चढ़ाने के लिए ले रहे छोटी पतंगें
मॉडल टाउन के पतंग कारोबारी नीरज ने कहा कि श्रद्धालु छोटी पतंगों को मंदिरों में चढ़ाने या पूजा स्थल पर सजाने के लिए खरीद रहे हैं। कई लोग इन्हें बच्चों के लिए भी ले रहे हैं, जिससे वे सुरक्षित तरीके से उत्सव का आनंद ले सकें।
- सबसे छोटी पतंग एक अंगुली के बराबर
सेक्टर-13 के दुकानदार प्रवीन का कहा कि कान्हा जी को समर्पित पतंगों पर मोर पंख, बांसुरी, माखन-मटकी और राधे-राधे जैसे चित्र बने हैं। सबसे छोटी पतंग की लंबाई एक अंगुली के बराबर है। लोग इसे आस्था के प्रतीक के रूप में खरीद रहे हैं।
- दाम और वैरायटी
दुकानदारों के मुताबिक, छोटी साइज की कान्हा जी को समर्पित पतंगें 10 से 30 रुपये तक मिल रही हैं जबकि सामान्य पतंगों की कीमत 20 रुपये से शुरू होकर डिजाइन और साइज के अनुसार 200 रुपये तक है। नबी रजा खान का मांझा 400 रुपये तक तो वहीं उत्तर प्रदेश के रामपुर में तैयार छह रील वाला पांडा मांझा 700 रुपये तक उपलब्ध है।