फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Patwari's house built under the high tension line was demolished

हाईटेंशन लाइन के नीचे बने पटवारी का मकान तोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 02:06 AM IST
विज्ञापन
Patwari's house built under the high tension line was demolished
निर्मल विहार में हाईटेंशन तार के नीचे हुए निर्माण को गिराती बीबीएमबी की टीम।
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। 220 केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे हुए निर्माण पर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। वीरवार को निर्मल विहार कॉलोनी में एक पटवारी के मकान पर बोर्ड की ओर से तोड़फोड़ की गई। टीम ने दो मंजिला मकान की लाइन की रेंज में आने वाली ऊपर की मंजिल के कमरे को तोड़ दिया।
लाइन के नीचे बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता था। ऐसे में मजदूर लगाकर कमरे का लैंटर और दीवारें गिराई गई। कार्रवाई बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता बलराज शर्मा के नेतृत्व में हुई। उन्होंने बताया कि पटवारी बलवान सिंह ने अवैध रूप से अपने घर की ऊपर की मंजिल बनाई थी। मकान हाईटेंशन तार के नीचे हैं। ऐसे में कुछ माह पहले गर्मियों में घर तार की रेंज में आ गया था। इससे करंट आने के कारण घर व आस पड़ोस के सभी विद्युत उपकरण भी जल गए थे। बोर्ड की ओर से मकान मालिक को नोटिस देकर निर्माण गिराने को कहा था। उन्होंने बताया कि करंट के कारण पटवारी का परिवार घर तो खाली कर गया था लेकिन निर्माण नहीं गिराया गया। कार्रवाई के दौरान बोर्ड के लाइनमैन सतबीर सिंह, कंवर साहब और राजेंद्र भी टीम में शामिल रहे।
विज्ञापन

शहर में हाईवे पार की आठ कॉलोनियों के ऊपर से 220 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिसके नीचे विभिन्न कॉलोनियों के 252 मकान बने हैं। जबकि स्कूल और पार्कों की कोई गिनती ही नहीं है। ऐसे में कॉलोनीवासी मौत के साये में और स्कूल व पार्क खतरे के इर्द-गिर्द हैं। आरके पुरम, कर्ण विहार, एसपी कालोनी, राजीव पुरम सहित साईं मंदिर के पीछे की कई कॉलोनियों में मकान बने हैं। इन्हें भी नोटिस दिए हैं। यहां भी कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक्ट में निर्धारित दूरी
भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार हाईटेंशन लाइन की 18 फीट की परिधि में भवन निर्माण, वृक्ष लगाना व बिजली की कोई भी लाइन बिछाना नियम के विरुद्ध है। करनाल, पानीपत, अंबाला और कुरुक्षेत्र सहित चार जिलों में बिजली आपूर्ति के लिए बीबीएमबी की दो हाईटेंशन लाइनें करनाल से गुजर रही हैं। 220 केवी कुरुक्षेत्र-पानीपत लाइन सिंगल सर्कट हाईवे पार क्षेत्र से गुजरती हैं। जबकि 220 केवी धूलकोट-पानीपत लाइन डबल सर्कट नहर पार एरिया के नजदीक से गुजरती हैं।

रेंज में आते ही होता है धमाका
बीबीएमबी के जेई बलराज शर्मा ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईटेंशन लाइनों के नीचे निर्माण पर पूर्णता मनाही है। लोगों ने जो मकान बनाए हैं, एक्ट के अनुसार गैर कानूनी हैं। गर्मी के दिनों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, तो हाईटेंशन लाइन की केबल लूज होकर डेढ़ फीट तक नीचे आ जाती है। ऐसे में जिन मकानों की दूरी इससे 18 फीट से कम है, उन्हें खतरा है। बरसात या गर्मी के मौसम में किसी भी मकान के इसकी रेंज में आते ही धमाका हो सकता है। इससे पूरी कॉलोनी के घरों के इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी जल सकते हैं और जान-माल की हानि हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed