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विजिलेंस ने रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो/असंध
Updated Fri, 07 Feb 2014 10:53 PM IST
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करनाल विजिलेंस टीम ने असंध में आरे वाली गली में एक पटवारी के कार्यालय में अचानक छापा मारकर रंगे हाथों रिश्वत लेते दबोचा है।
पटवारी से तीन हजार रुपये की राशि भी बरामद कर ली गई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस के इंचार्ज इंस्पेक्टर सतनारायण शर्मा ने बताया कि उनके पास उपमंडल के गांव चोचड़ा के किसान संदीप ने शुक्रवार को शिकायत दी थी कि चोचड़ा का पटवारी लीलू राम से वह पिछले बीस दिन से अपनी भूमि की जमाबंदी व इंतकाल की नकल मांग रहा था।
पटवारी उसके कई चक्कर कटवा चुका था और कल उसने दस्तावेजों की नकल की एवज में तीन हजार रुपये की मांग की थी।
शर्मा ने बताया कि संदीप की शिकायत पर उन्होंने डीसी बलराज सिंह से संपर्क साधा और डीसी ने असंध के तहसीलदार जगदीशचंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और तहसीलदार ने अपने रजिस्ट्री क्लर्क श्रवण कुमार बतौर गवाह बनाया।
आरोपी को काबू करने के लिए पटवारखाने में दोपहर बाद छापामार कार्रवाई की गई। किसान ने तो पटवारी को जैसे ही पाउडर लगे नोट दिए तो विजिलेंस ने छापा मार दिया। विजिलेंस टीम में दो सब इंस्पेक्टर सुभाषचंद, राजकुमार, सहायक उपनिरीक्षक सुखदेव, प्रेमप्रकाश, सिपाही प्रदीप कुमार शामिल थे।
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पटवारी से तीन हजार रुपये की राशि भी बरामद कर ली गई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस के इंचार्ज इंस्पेक्टर सतनारायण शर्मा ने बताया कि उनके पास उपमंडल के गांव चोचड़ा के किसान संदीप ने शुक्रवार को शिकायत दी थी कि चोचड़ा का पटवारी लीलू राम से वह पिछले बीस दिन से अपनी भूमि की जमाबंदी व इंतकाल की नकल मांग रहा था।
पटवारी उसके कई चक्कर कटवा चुका था और कल उसने दस्तावेजों की नकल की एवज में तीन हजार रुपये की मांग की थी।
शर्मा ने बताया कि संदीप की शिकायत पर उन्होंने डीसी बलराज सिंह से संपर्क साधा और डीसी ने असंध के तहसीलदार जगदीशचंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और तहसीलदार ने अपने रजिस्ट्री क्लर्क श्रवण कुमार बतौर गवाह बनाया।
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आरोपी को काबू करने के लिए पटवारखाने में दोपहर बाद छापामार कार्रवाई की गई। किसान ने तो पटवारी को जैसे ही पाउडर लगे नोट दिए तो विजिलेंस ने छापा मार दिया। विजिलेंस टीम में दो सब इंस्पेक्टर सुभाषचंद, राजकुमार, सहायक उपनिरीक्षक सुखदेव, प्रेमप्रकाश, सिपाही प्रदीप कुमार शामिल थे।
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