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पंचायती सरकार का काउंटडाउन शुरू, सरकार ने नियुक्त किए प्रशासक
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पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकाल का काउंटडाउन शुरू हो गया है। एक सप्ताह बाद कार्यकाल खत्म हो जाएगा। सरकार भी पंचायती चुनाव करवाने की तैयारियों में जुटी हुई है। इसी दिशा में सरकार ने अब कार्यकाल संपन्न होने के बाद सभी ग्राम पंचायतों, ब्लाक समिति व जिला परिषद की बागडोर की कमान संभालने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। जो 24 फरवरी से कार्यभार संभाल लेंगे। हरियाणा सरकार का आदेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने अधूरे कार्यों को पूरा कर अपनी रिकार्ड जमा कराने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) राजबीर खुंदिया ने बताया कि जिले की सभी 382 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी 2021 को समाप्त हो रहा है। सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सभी ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पूरा कराकर सरपंचों से रिकार्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में बीडीपीओ को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। सभी प्रशासन 24 फरवरी के बाद कार्यभार संभाल लेंगे। ग्राम पंचायतों के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य उनके अधिकार क्षेत्र में ही होंगे। इधर, ग्राम पंचायतों के सरपंच भी ब्लाक कमेटी मुख्यालयों व डीडीपीओ कार्यालय के चक्कर लगाते दिख रहे हैं, क्योंकि इसके साथ ही ग्राम पंचायतों से धनराशि के आहरण पर भी रोक लग गई है।
-हरियाणा सरकार ने जिला परिषद में प्रशासक तो मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को नियुक्त कर दिया है, लेकिन मौजूदा जिला परिषद चेयरमैन व सदस्यों का कार्यकाल 23 फरवरी तक है। इसलिए 24 फरवरी से ही वह बतौर प्रशासक जिला परिषद का कार्य संभालेंगे।
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-गौरव कुमार, सीईओ जिला परिषद करनाल।
पंचायतों के सरपंचों के रिकार्ड जमा कराए जा रहे
निसिंग। 23 फरवरी को पंचायतों के साथ साथ जिला परिषद व ब्लाक समिति का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही 24 फरवरी से जा रहा है। बीडीपीओ निसिंग सुमित चौधरी ने बताया कि ग्राम सरपंच व सचिव को अपनी अपनी पंचायतों का रिकॉर्ड 16 फरवरी तक पूरा करने का समय दिया गया था। अब ग्राम सरपंचों को 23 तारीख तक अपना पंचायती रिकॉर्ड बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाना होगा। जिसके बाद उनके पास गांव में कोई भी विकास कार्य करवाने की शक्ति नहीं रहेगी। उनके स्थान पर नियुक्त किए गए प्रशासक अनिवार्य विकास कार्य करवा सकेंगे। ग्राम पंचायतों में बीडीपीओ कार्य करवाने को लेकर अधिकृत होगा जबकि ब्लॉक समिति में एसडीएम व जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विकास कार्य करवा सकेंगें।
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जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) राजबीर खुंदिया ने बताया कि जिले की सभी 382 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी 2021 को समाप्त हो रहा है। सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सभी ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पूरा कराकर सरपंचों से रिकार्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में बीडीपीओ को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। सभी प्रशासन 24 फरवरी के बाद कार्यभार संभाल लेंगे। ग्राम पंचायतों के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य उनके अधिकार क्षेत्र में ही होंगे। इधर, ग्राम पंचायतों के सरपंच भी ब्लाक कमेटी मुख्यालयों व डीडीपीओ कार्यालय के चक्कर लगाते दिख रहे हैं, क्योंकि इसके साथ ही ग्राम पंचायतों से धनराशि के आहरण पर भी रोक लग गई है।
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-हरियाणा सरकार ने जिला परिषद में प्रशासक तो मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को नियुक्त कर दिया है, लेकिन मौजूदा जिला परिषद चेयरमैन व सदस्यों का कार्यकाल 23 फरवरी तक है। इसलिए 24 फरवरी से ही वह बतौर प्रशासक जिला परिषद का कार्य संभालेंगे।
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-गौरव कुमार, सीईओ जिला परिषद करनाल।
पंचायतों के सरपंचों के रिकार्ड जमा कराए जा रहे
निसिंग। 23 फरवरी को पंचायतों के साथ साथ जिला परिषद व ब्लाक समिति का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही 24 फरवरी से जा रहा है। बीडीपीओ निसिंग सुमित चौधरी ने बताया कि ग्राम सरपंच व सचिव को अपनी अपनी पंचायतों का रिकॉर्ड 16 फरवरी तक पूरा करने का समय दिया गया था। अब ग्राम सरपंचों को 23 तारीख तक अपना पंचायती रिकॉर्ड बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाना होगा। जिसके बाद उनके पास गांव में कोई भी विकास कार्य करवाने की शक्ति नहीं रहेगी। उनके स्थान पर नियुक्त किए गए प्रशासक अनिवार्य विकास कार्य करवा सकेंगे। ग्राम पंचायतों में बीडीपीओ कार्य करवाने को लेकर अधिकृत होगा जबकि ब्लॉक समिति में एसडीएम व जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विकास कार्य करवा सकेंगें।