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पंचों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को तीन माह का सर्टिफिकेट कोर्स करवाने का निर्णय
ब्यूरो/अमर उजाला/करनाल
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:35 PM IST
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प्रदेश में पहली बार पढ़ी-लिखी गांव की सरकार चुनने के बाद सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज की शिक्षा देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में पढ़ी लिखी पंचायत चुनने के बाद पंचायत सदस्यों को कोर्स करवाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बनेगा। सरकार ने उम्मीदवारों को पंचायती राज की शिक्षा देने के लिए तीन माह का एक सर्टिफिकेट करवाने की जिम्मेदारी हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग नीलोखेड़ी को सौंपी है। विभाग ने इसके लिए 20 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
पहले चरण में विभाग की ओर से सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों को पंचायती राज और सरकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी देने लिए तीन वर्षीय कोर्स का कोर्स होगा। ताकि हर पंचायत का प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचा सके और लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रदेश में इनकी संख्या लगभग दस हजार है। 25 दिसंबर से यह कोर्स प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों में शुरू किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में यह कोर्स पंचायत सदस्यों यानी पंचों को करवाया जाएगा। हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग नीलोखेड़ी डॉयरेक्टर डॉ. पूरण सिंह यादव ने बताया कि तीन माह का कोर्स करवाने के लिए प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, गुरु जंभेश्वर साइंस एवं तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार, चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय हिसार, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां और महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से करार किया है। इस कोर्स के लिए 75 प्रतिशत राशि सरकार और 25 प्रतिशत राशि वह पंचायत या जिला परिषद देगी, जिसका सदस्य यह कोर्स करेगा। यादव ने बताया कि कोर्स करने के लिए उम्मीदवार 20 दिसंबर तक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। महिला उम्मीदवारों के कोर्स के लिए भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में विशेष प्रबंध किए गए है। कोर्स करने वाले उम्मीदवारों के लिए विश्वविद्यालयों में ही रहने की व्यवस्था की गई है। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।
तीन माह का कोर्स होगा तीन भागों में विभाजित
तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स को भी तीन भागों में विभाजित किया गया है। कोर्स के प्रथम भाग में पंचायती राज की शिक्षा, दूसरे भाग में गुड गवर्नेंस और आचार व्यवहार और तीसरे भाग में योजना एवं प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे। डायरेक्टर डॉ. पूरण सिंह ने बताया कि कोर्स के दौरान सरपंचों और अन्य सदस्यों को सरकार की स्कीमों की जानकारी और गांव के विकास संबंधी कार्यों को करने का विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पहले चरण में विभाग की ओर से सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों को पंचायती राज और सरकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी देने लिए तीन वर्षीय कोर्स का कोर्स होगा। ताकि हर पंचायत का प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचा सके और लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रदेश में इनकी संख्या लगभग दस हजार है। 25 दिसंबर से यह कोर्स प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों में शुरू किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में यह कोर्स पंचायत सदस्यों यानी पंचों को करवाया जाएगा। हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग नीलोखेड़ी डॉयरेक्टर डॉ. पूरण सिंह यादव ने बताया कि तीन माह का कोर्स करवाने के लिए प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, गुरु जंभेश्वर साइंस एवं तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार, चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय हिसार, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां और महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से करार किया है। इस कोर्स के लिए 75 प्रतिशत राशि सरकार और 25 प्रतिशत राशि वह पंचायत या जिला परिषद देगी, जिसका सदस्य यह कोर्स करेगा। यादव ने बताया कि कोर्स करने के लिए उम्मीदवार 20 दिसंबर तक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। महिला उम्मीदवारों के कोर्स के लिए भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में विशेष प्रबंध किए गए है। कोर्स करने वाले उम्मीदवारों के लिए विश्वविद्यालयों में ही रहने की व्यवस्था की गई है। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।
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तीन माह का कोर्स होगा तीन भागों में विभाजित
तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स को भी तीन भागों में विभाजित किया गया है। कोर्स के प्रथम भाग में पंचायती राज की शिक्षा, दूसरे भाग में गुड गवर्नेंस और आचार व्यवहार और तीसरे भाग में योजना एवं प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे। डायरेक्टर डॉ. पूरण सिंह ने बताया कि कोर्स के दौरान सरपंचों और अन्य सदस्यों को सरकार की स्कीमों की जानकारी और गांव के विकास संबंधी कार्यों को करने का विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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