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Karnal News: बिखर गए विलायत के सपने, गवां दी गाढ़ी कमाई
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करनाल। विदेश का सपना संजोए जिले के 12 लोग गलत रास्ते से सात समुंदर पार अमेरिका पहुंच गए, जिनमें चार सदस्यीय एक परिवार भी शामिल है। इन सभी को अब वापस भारत भेज दिया गया है जिससे इनके विलायत के सपने तो टूटे ही वहीं, बहुत कुछ गवां भी दिया है। अमेरिका जाने के लिए कुछ लोगों ने अपना मकान तो किसी ने जमीन तक बेच दी थी। इनके मजबूरन भारत आने की खबर जब परिजनों तक पहुंची तो उनके होश उड़ गए। एक युवक के पिता तो बेसुध हो गए। जिन्हें अस्पताल में भी ले जाना पड़ा।
इनके परिजनों का कहना है कि सब कुछ बेचकर बच्चों को अमेरिका यह सोचकर भेजा था कि उनकी कमाई से घर के हालात सुधर जाएंगे, लेकिन अब पहले से स्थिति बदतर हो गई है। फिलहाल अमेरिका से डिपोर्ट होने वालों में भैणी कलां निवासी (20) आदित्य कुमार, जाणी निवासी (21) सतबीर, घरौंडा के पनौड़ी गांव निवासी (25) विपिन, कालरों गांव निवासी (20) आकाश, हैबतपुर निवासी (46) परमजीत सिंह, उनकी पत्नी (45) ओमी देवी, बेटी (15) काजल व बेटा जतिन (14), असंध निवासी सुमित (22), करनाल निवासी मनोज (33), घरौंडा निवासी अरुण पाल (24) शामिल हैं। जिला पुलिस की ओर से भी इन लोगों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इनका कहीं कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
घर बेचकर अमेरिका गया था परिवार
हैबतपुर निवासी परमजीत कई साल पहले अपनी पत्नी ओमी देवी व बेटा जतिन व काजल के साथ कुरुक्षेत्र में रहने लगा था। वहा उसने अपना मकान भी ले लिया था। उसकी एक बेटी पहले से ही अमेरिका स्टडी वीजा पर गई है। एक भाई न्यूजीलैंड गया है। इस कारण वह अपने पूरे परिवार के साथ अमेरिका में ही सेटल होना चाह रहा था। यही वजह थी कि वह करीब दो महीने पहले कुरुक्षेत्र वाला मकान बेचकर करीब एक करोड़ रुपये में अमेरिका गया था। डंकी के रास्ते जहाज से अलग-अलग देशों में गया था, इसके बाद वह 24 जनवरी को दीवार कूदकर अमेरिका पहुंचा था। वहीं पर अमेरिका पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और भारत भेज दिया।
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दिसंबर में विदेश के लिए हुआ था रवाना
घरौंडा के पनौड़ी का रहने वाला विपिन कई सालों से विदेश जाने के सपने देख रहा था। उसने अलग-अलग तरीकों से विदेश जाना चाहा, लेकिन जा न सका। इसके बाद लोगों से कर्ज लेकर 48 लाख रुपये से वह डॉन्की के रास्ते अमेरिका के लिए 25 दिसंबर को निकल गया। 24 जनवरी को परिवार के लोगों से आखिरी बार बात हुई थी। उसने अपने पिता मनोज को बताया था कि वह अमेरिका पहुंच गया है। परिवार खुश था कि अब अच्छे दिन आ गए हैं, लेकिन कुछ दिन बाद विपिन के पिता को उसके दोस्त ने बताया कि अमेरिका ने जिन युवकों को डिपोर्ट करना है। उसमें विपिन का नाम है। यह सुनकर विपिन के पिता की तबीयत बिगड़ गई। वह हृदयरोगी है। इसके बाद डॉक्टर से इलाज कराना पड़ा।
पिता की हो चुकी मौत
भैणी कलां निवासी आदित्य के पिता की चार साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद वह कर्ज लेकर सात महीने पहले अमेरिका के लिए घर से निकला था। उसे भी अमेरिकी पुलिस ने पकड़ लिया। उसे डिपोर्ट कर दिया।
इनके परिजनों का कहना है कि सब कुछ बेचकर बच्चों को अमेरिका यह सोचकर भेजा था कि उनकी कमाई से घर के हालात सुधर जाएंगे, लेकिन अब पहले से स्थिति बदतर हो गई है। फिलहाल अमेरिका से डिपोर्ट होने वालों में भैणी कलां निवासी (20) आदित्य कुमार, जाणी निवासी (21) सतबीर, घरौंडा के पनौड़ी गांव निवासी (25) विपिन, कालरों गांव निवासी (20) आकाश, हैबतपुर निवासी (46) परमजीत सिंह, उनकी पत्नी (45) ओमी देवी, बेटी (15) काजल व बेटा जतिन (14), असंध निवासी सुमित (22), करनाल निवासी मनोज (33), घरौंडा निवासी अरुण पाल (24) शामिल हैं। जिला पुलिस की ओर से भी इन लोगों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इनका कहीं कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
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घर बेचकर अमेरिका गया था परिवार
हैबतपुर निवासी परमजीत कई साल पहले अपनी पत्नी ओमी देवी व बेटा जतिन व काजल के साथ कुरुक्षेत्र में रहने लगा था। वहा उसने अपना मकान भी ले लिया था। उसकी एक बेटी पहले से ही अमेरिका स्टडी वीजा पर गई है। एक भाई न्यूजीलैंड गया है। इस कारण वह अपने पूरे परिवार के साथ अमेरिका में ही सेटल होना चाह रहा था। यही वजह थी कि वह करीब दो महीने पहले कुरुक्षेत्र वाला मकान बेचकर करीब एक करोड़ रुपये में अमेरिका गया था। डंकी के रास्ते जहाज से अलग-अलग देशों में गया था, इसके बाद वह 24 जनवरी को दीवार कूदकर अमेरिका पहुंचा था। वहीं पर अमेरिका पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और भारत भेज दिया।
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दिसंबर में विदेश के लिए हुआ था रवाना
घरौंडा के पनौड़ी का रहने वाला विपिन कई सालों से विदेश जाने के सपने देख रहा था। उसने अलग-अलग तरीकों से विदेश जाना चाहा, लेकिन जा न सका। इसके बाद लोगों से कर्ज लेकर 48 लाख रुपये से वह डॉन्की के रास्ते अमेरिका के लिए 25 दिसंबर को निकल गया। 24 जनवरी को परिवार के लोगों से आखिरी बार बात हुई थी। उसने अपने पिता मनोज को बताया था कि वह अमेरिका पहुंच गया है। परिवार खुश था कि अब अच्छे दिन आ गए हैं, लेकिन कुछ दिन बाद विपिन के पिता को उसके दोस्त ने बताया कि अमेरिका ने जिन युवकों को डिपोर्ट करना है। उसमें विपिन का नाम है। यह सुनकर विपिन के पिता की तबीयत बिगड़ गई। वह हृदयरोगी है। इसके बाद डॉक्टर से इलाज कराना पड़ा।
पिता की हो चुकी मौत
भैणी कलां निवासी आदित्य के पिता की चार साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद वह कर्ज लेकर सात महीने पहले अमेरिका के लिए घर से निकला था। उसे भी अमेरिकी पुलिस ने पकड़ लिया। उसे डिपोर्ट कर दिया।