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Karnal News: अधिक कचरे वाले 46 संस्थान 29 ने पंजीकरण ही नहीं कराया
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में रोजाना भारी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों पर नगर निगम ने शिकंजा कसने की तैयारी है। निगम क्षेत्र में चिह्नित 46 थोक कचरा उत्पादक संस्थानों की पहचान की है। इनमें से 29 का कहीं भी पंजीकरण नहीं है।
निगम की ओर से बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उनके पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। अब तक केवल 17 संस्थानों ने ही पंजीकरण कराया है। नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार, 20 हजार वर्ग मीटर या इससे अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवनों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रतिदिन 40 हजार लीटर या इससे अधिक पानी का उपभोग करने वाले और रोजाना 100 किलोग्राम या इससे अधिक ठोस कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल swm.cpcb.gov.in पर पंजीकरण कराना होगा। इस श्रेणी में पात्र होटल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, औद्योगिक इकाइयां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हो सकते हैं।
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करनाल। शहर में रोजाना भारी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों पर नगर निगम ने शिकंजा कसने की तैयारी है। निगम क्षेत्र में चिह्नित 46 थोक कचरा उत्पादक संस्थानों की पहचान की है। इनमें से 29 का कहीं भी पंजीकरण नहीं है।
निगम की ओर से बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उनके पंजीकरण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। अब तक केवल 17 संस्थानों ने ही पंजीकरण कराया है। नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार, 20 हजार वर्ग मीटर या इससे अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवनों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में शामिल किया गया है।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रतिदिन 40 हजार लीटर या इससे अधिक पानी का उपभोग करने वाले और रोजाना 100 किलोग्राम या इससे अधिक ठोस कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल swm.cpcb.gov.in पर पंजीकरण कराना होगा। इस श्रेणी में पात्र होटल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, औद्योगिक इकाइयां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हो सकते हैं।
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