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Karnal News: धान की नमी ने की धन की कमी
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काला पड़ने लगा बारिश में भीगा धान।
करनाल। मंडियों में धान की खरीद और उठान में देरी के बीच बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वीरवार सुबह हुई बारिश में भीगा धान सुखाने के लिए मंडियों में जगह कम पड़ने लगी है। भीगने के बाद धान के आधे से ज्यादा दाने काले पड़ने लगे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ वजन घटने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि खरीद हुई तो गुणवत्ता खराब होने के कारण आधा भाव मिलना भी मुश्किल है।
वहीं एजेंसियों का नमी का खेल अब भी जारी है। एक किसान की ढेरी में 17 प्रतिशत नमी आने के बावजूद धान का भाव 2200 रुपये लगाया गया। किसान ने इसका विरोध किया और फसल बेचने से इन्कार कर दिया। वहीं बारिश के बाद धान में नमी बढ़ने से किसानों को भाव में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, गीला होने के बाद नमी की मात्रा बढ़ी है। इस कारण धान के दाम 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक तरफ फसल खराब होने की चिंता है तो दूसरी तरफ कम भाव मिलने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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वहीं एजेंसियों का नमी का खेल अब भी जारी है। एक किसान की ढेरी में 17 प्रतिशत नमी आने के बावजूद धान का भाव 2200 रुपये लगाया गया। किसान ने इसका विरोध किया और फसल बेचने से इन्कार कर दिया। वहीं बारिश के बाद धान में नमी बढ़ने से किसानों को भाव में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसानों के अनुसार, गीला होने के बाद नमी की मात्रा बढ़ी है। इस कारण धान के दाम 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक तरफ फसल खराब होने की चिंता है तो दूसरी तरफ कम भाव मिलने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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