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Karnal News: कानून की जानकारी से ही बढ़ेगी सुरक्षा, जीत पाएंगे हक की लड़ाई
Wed, 01 Oct 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। महिलाओं को अपने अधिकारों और कानून के बारे में जानकारी होनी ही चाहिए। सरकार और प्रशासन को इस बारे में काम करना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अभी भी लापरवाही जारी है। प्रशासन को पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ानी चाहिए। बाजारों और कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाए जिससे असुरक्षा की भावना कम हो। वक्ताओं का कहना था कि कानून की जानकारी से सुरक्षा की भावना आएगी। इससे अपने हक के लिए संघर्ष कर पाएंगे और जीतेंगे भी।
मंगलवार को अमर उजाला के करनाल कार्यालय में आयोजित संवाद में महिलाओं ने इन शब्दों में अपनी बात रखी। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बुलाए गए संवाद में जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। शहर में बुनियादी सुविधाओं की कमी को इंगित किया गया। अधिक से अधिक पिंक शौचालय की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
- हफ्ते में एक दिन दें कानूनी सलाह
अधिवक्ता मोनिका शर्मा ने कहा कि महिलाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी देने के लिए स्कूलों व कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। हफ्ते में एक दिन इसके लिए निश्चित किया जाए। कानून की जानकारी होने पर हम अपने हक के लिए लड़ सकते हैं।
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कुछ-कुछ दूरी पर बने शौचालय
शिक्षिका ममता प्रवीन ने बताया कि शहर में पिंक शाैचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। शहर में बहुत कम पिंक शौचालय है। जरूरी है कि हर दो या तीन किलोमीटर पर एक पिंक शौचालय हों। जरूरत होने पर महिलाओं को अधिक भटकना नहीं पड़े।
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नहीं करना पड़े लंबा इंतजार
अधिवक्ता मीनाक्षी ने बताया कि कॉलेज व स्कूल में छात्राओं को कानून की जानकारी देने के लिए सेल का निर्माण किया जाना चाहिए। ऐसी सुविधाएं हों कि महिलाओं को सुरक्षा पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। कानूनी सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।।
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- विशेष रात्रि बस सेवा शुरू हो
गाैतम जैन ने कहा कि शहर में महिलाओं के लिए विशेष बस की सुविधा लाई जानी चाहिए। कई बार रात के समय महिलाओं को अकेले सफर भी करना पड़ता है। रात के समय महिलाओं के विशेष बस चलाए जाने से वह बेखौफ सफर कर सकेंगी। इन बसों में महिला पुलिस भी तैनात हो।
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इंसाफ मिलने में देरी नहीं हो
अनामिका ने बताया कि आज के समय पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है कि महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा अधिक हो रही हैं। ज्यादा ऐसी महिलाएं हैं जो हिंसा को सहन कर रही हैं। यदि वह पुलिस थाना में शिकायत देती भी हैं तो कहीं न कहीं उन्हें इंसाफ मिलने में बहुत देर हो जाती है।
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आत्मसुरक्षा के लिए लगाएं कक्षा
कोच रोमिया मोकल ने कहा कि हर स्कूल व कॉलेज में युवतियों को आत्मसुरक्षा की कक्षा देनी चाहिए। युवतियों को स्वयं की रक्षा करने के गुर सिखाए जाने चाहिए। ताकि किसी भी तरह के अपराध को समय पर रोका जा सके। वह अपनी सुरक्षा कर सकें। ये कक्षाएं नि:शुल्क हों।
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करनाल। महिलाओं को अपने अधिकारों और कानून के बारे में जानकारी होनी ही चाहिए। सरकार और प्रशासन को इस बारे में काम करना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अभी भी लापरवाही जारी है। प्रशासन को पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ानी चाहिए। बाजारों और कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाए जिससे असुरक्षा की भावना कम हो। वक्ताओं का कहना था कि कानून की जानकारी से सुरक्षा की भावना आएगी। इससे अपने हक के लिए संघर्ष कर पाएंगे और जीतेंगे भी।
मंगलवार को अमर उजाला के करनाल कार्यालय में आयोजित संवाद में महिलाओं ने इन शब्दों में अपनी बात रखी। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बुलाए गए संवाद में जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। शहर में बुनियादी सुविधाओं की कमी को इंगित किया गया। अधिक से अधिक पिंक शौचालय की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
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- हफ्ते में एक दिन दें कानूनी सलाह
अधिवक्ता मोनिका शर्मा ने कहा कि महिलाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी देने के लिए स्कूलों व कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। हफ्ते में एक दिन इसके लिए निश्चित किया जाए। कानून की जानकारी होने पर हम अपने हक के लिए लड़ सकते हैं।
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कुछ-कुछ दूरी पर बने शौचालय
शिक्षिका ममता प्रवीन ने बताया कि शहर में पिंक शाैचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। शहर में बहुत कम पिंक शौचालय है। जरूरी है कि हर दो या तीन किलोमीटर पर एक पिंक शौचालय हों। जरूरत होने पर महिलाओं को अधिक भटकना नहीं पड़े।
नहीं करना पड़े लंबा इंतजार
अधिवक्ता मीनाक्षी ने बताया कि कॉलेज व स्कूल में छात्राओं को कानून की जानकारी देने के लिए सेल का निर्माण किया जाना चाहिए। ऐसी सुविधाएं हों कि महिलाओं को सुरक्षा पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। कानूनी सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।।
- विशेष रात्रि बस सेवा शुरू हो
गाैतम जैन ने कहा कि शहर में महिलाओं के लिए विशेष बस की सुविधा लाई जानी चाहिए। कई बार रात के समय महिलाओं को अकेले सफर भी करना पड़ता है। रात के समय महिलाओं के विशेष बस चलाए जाने से वह बेखौफ सफर कर सकेंगी। इन बसों में महिला पुलिस भी तैनात हो।
इंसाफ मिलने में देरी नहीं हो
अनामिका ने बताया कि आज के समय पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है कि महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा अधिक हो रही हैं। ज्यादा ऐसी महिलाएं हैं जो हिंसा को सहन कर रही हैं। यदि वह पुलिस थाना में शिकायत देती भी हैं तो कहीं न कहीं उन्हें इंसाफ मिलने में बहुत देर हो जाती है।
आत्मसुरक्षा के लिए लगाएं कक्षा
कोच रोमिया मोकल ने कहा कि हर स्कूल व कॉलेज में युवतियों को आत्मसुरक्षा की कक्षा देनी चाहिए। युवतियों को स्वयं की रक्षा करने के गुर सिखाए जाने चाहिए। ताकि किसी भी तरह के अपराध को समय पर रोका जा सके। वह अपनी सुरक्षा कर सकें। ये कक्षाएं नि:शुल्क हों।