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Karnal News: करवाचाैथ के दिन नाराजगी दूर कर 3 जोड़े आए साथ

Sun, 12 Oct 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 12 Oct 2025 01:35 AM IST
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On Karwa Chauth, three couples put aside their differences and came together.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। महिला थाने में हर माह करीब 15 मामले पति-पत्नी में अनबन के आते हैं। छोटी-छोटी बातों से कलह तलाक तक पहुंच जाती है। काउंसिलिंग से सुलह के प्रयास कई बार अच्छी खबर बन जाते हैं। करवाचाैथ के दिन भी अच्छी खबर मिली। तीन जोड़े नाराजगी दूर कर एकसाथ आए।
महिला थाना प्रभारी कन्नू प्रिया ने बताया कि रिश्तों में सहनशीलता की कमी के कारण छोटी-छोटी बातों से दांपत्य में दरार आ जाती है। छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी रिश्ता खत्म करने का फैसला ले लेते हैं। इससे उनके बच्चों की जिंदगी भी खराब होती हैं। कोशिश रहती है कि काउंसिलिंग के जरिये थाने में ही मामलों को सुलझाया जाए। सलाह देते हैं कि यदि पति-पत्नी अपने अहंकार को खत्म कर एक-दूसरे की बात को सम्मान दें तो जीवन आराम से व्यतीत कर सकते हैं।
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केस 1
-मोबाइल ने खड़ी की समस्या
28 वर्षीय पत्नी ने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि वह मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर सख्ती करता है। पति शक करता है। पत्नी का कहना था कि वह घर पर अधिकतर समय खाली रहती है। ऐसे में मोबाइल का उपयोग कर लेती है। वहीं पति का कहना था कि पत्नी के अधिक मोबाइल चलाने पर उसके माता-पिता को शिकायत रहती है। दोनों के बीच संवाद की कमी के कारण मामला थाने पहुंचा। दोनों की काउंसिलिंग की गई। पता चला कि दोनों के बीच भरोसे की कमी है। दोनों को समझाया कि वह रिश्ते में भरोसे को बनाए रखें। पति को सहनशीलता और पत्नी को मोबाइल की जगह किसी अन्य गतिविधि में समय बिताने की सलाह दी गई। तीसरी काउंसिलंग में करवाचौथ के दिन दोनों ने साथ जाने का फैसला किया।
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केस 2
-पहनावे व नौकरी के लिए थी रोकटोक
एक महिला की शिकायत थी कि उनके पति व सास-ससुर की ओर से पहनावे व नौकरी के बारे में बहुत रोक-टोक है। पति-पत्नी के बीच तनाव पिछले पांच माह से चल रहा था। हालांकि महिला थाने में मामला पिछले महीने ही पहुंचा था। पति-पत्नी दोनों की दो बार काउंसिलिंग की गई। पति व सास-ससुर को समझाया गया कि सबका एक जीवन है। यदि बहू सीमा में रहकर कुछ करना चाहती है तो उसे आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। महिला को समझाया गया कि वह कुछ बातों को नजरअंदाज कर रिश्तों को संभाल सकती है। नौकरी करने की चाह है तो अपनी बात पति के सामने रख सकती है। आखिर बात बन गई और दोनों ने साथ जाना स्वीकार किया।

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केस 3
-मायके पक्ष के दखल से था तनाव
पति-पत्नी के बीच तनाव का मुख्य कारण पत्नी के मायके वालों के उनके बीच में दखल था। पति की शिकायत थी कि पत्नी ससुराल की हर बात मायके पक्ष को बता देती है। कुछ मामलों में मायके पक्ष की सलाह पर पत्नी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज करा दी। पत्नी ने थाने में काउंसिलिंग के दौरान कहा कि वह पति के संयुक्त परिवार में नहीं रहना चाहती है। पति का कहना था कि वह पूरे परिवार के साथ ही रहना चाहता है। ऐसे में लड़की के मायके पक्ष को समझाया गया कि वह ससुराल की बातों में दखल न दे जिससे लड़की को कोई परेशानी हो। पति को समझाया गया कि वह पत्नी की जरूरतों व सपनों को भी ध्यान में रखे व साथ दे। तीसरी काउंसिलिंग में दोनों में सुलह हो गई। करवाचौथ पर दोनों साथ गए।
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