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दुर्गाष्टमी पर मां शेरांवाली के जयकारों से गुंजायमान हुआ वातावरण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 02:48 AM IST
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On Durgashtami, the atmosphere resonated with the cheers of Maa Sheranwali.
माता मनसा देवी मंदिर में कंजक पूजा के अवसर पर प्रसाद चढ़ाने के लिए लगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़। ?
करनाल। दुर्गाष्टमी पर शनिवार को जिले में श्रद्धा-भक्ति भरे माहौल में मां के भक्तों ने कंजक पूजन कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को गति दी। कन्याओं को भोजन करवाने के उपरांत नवरात्र का व्रत खोला। मंदिरों में मां शेरांवाली को भोग लगाने के लिए भक्तजन कतारबद्ध हुए।
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अलसुबह ही श्रद्धालु तैयार होकर कंजकों को भोजन करवाने के लिए देसी घी का हलवा, छोले, पूरी, खीर व प्रसाद बनाने में जुट गए। कर्ण ताल के समीप स्थित प्राचीन माता मनसा देवी मंदिर, पुराना जीटी रोड स्थित मां दुर्गा भवानी मंदिर, वैष्णों देवी मंदिर प्रेम नगर, रघुनाथ मंदिर सदर बाजार, श्री विष्णु मंदिर सेक्टर आठ और सेक्टर छह के शिव मंदिर में मां के जयकारे गूंजे। दूसरी ओर कंजकों को भोजन करवाने के लिए भक्तों को इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने कंजकाें को उपहार देकर घर से खुशी-खुशी रवाना किया।
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दुर्गाष्टमी पर निकाली शोभायात्रा
घरौंडा। क्षेत्र में दुर्गाष्टमी पर श्रद्धा उमड़ी। श्रद्धालुओं ने सुबह कन्या पूजन किया। शहर में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। देवी मंदिर में श्रद्धालु सोहनलाल ने माता रानी पर छत्र चढ़ाया। आचार्य मणिप्रसाद गौतम ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कस्बा स्थित देवी मंदिर की बहुत मान्यता है। दूर दराज से श्रद्धालु नवरात्रों में पूजा करने के लिए आते हैं। आचार्य ने बताया कि मंदिर में जिन श्रद्धालुओं ने पवित्र मन से माता रानी से जो भी अरदास की वह पूरी हुई। संवाद
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योग कक्षा में किया कंजक पूजन
करनाल। योग कक्षा फव्वारा पार्क में दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर कंजक पूजन किया गया। मेरा मिशन स्वस्थ भारत के संचालक दिनेश गुलाटी ने कहा कि नवरात्र के समय में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इसलिए योग कक्षा में भी महागौरी की पूजा की गई। उन्होंने छोटी बालिकाओं के रूप में मां की आराधना की और बालिका अनायशा व प्रियल को चुनरी पहनाकर पूजन किया। योग शिक्षिका नीलम बटला, निधि गुप्ता और वीना धीर ने भी मां के रूप में कन्याओं का तिलक किया। गुलाटी ने बताया कि मां दुर्गा के साक्षात स्वरूप कन्याओं से आशीर्वाद लेने से सुख और सौभाग्य प्राप्त होते हैं। रीति-रिवाज व त्योहार सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत बनाते हैं। यही हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है। इन त्योहारों से सदैव नई ऊर्जा प्राप्त होती है। योग द्वारा स्वास्थ्य तो हमारा उद्देश्य है ही साथ ही आज के बदलते परिवेश में अपनी परंपरा और त्योहारों को एक साथ मनाना भी बहुत महत्वपूर्ण है। जिससे समाज में सौहार्द की भावना मजबूत होती है।
कन्याओं को ढूंढते रहे मां के भक्त
नीलोखेड़ी। दुर्गाष्टमी पर शनिवार को क्षेत्रवासियों ने मां महागौरी की आराधना की और कंजकों को घर बुलाकर उनके पांव धोए। कंजक पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मां के भक्तों द्वारा पिछले एक सप्ताह से अपने घरों में लगाई गई खेत्री का भी विसर्जन किया गया। कंजकों की कमी देखी गई। जिसके चलते लोग कंजकों की तलाश में गली-गली घूमते देखे गए।
भक्त संतोष, सविता, सोनिया, ऋतु, ममता, मोना, प्रिया व एकता ने कहा कि नवरात्रों पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा आराधना करने की परंपरा है तथा लोग नौ कन्याओं को मां के बाल रूप में पूजते हैं। आज के समय में समाज की सच्चाई यह है कि ज्यादातर लोग लड़कों को महत्व देते हैं। जबकि लड़की ही माता-पिता के सुरक्षित भविष्य की पक्षधर है। यही कारण है कि दुर्गाष्टमी पर्व जैसे धार्मिक आयोजनों में कन्याओं की संख्या बेहद कम हो रही है।
श्रीराम नवमी के उपलक्ष्य पर शोभायात्रा का आयोजन
नीलोखेड़ी। रामलीला कमेटी की ओर से श्रीराम नवमी के उपलक्ष्य में शनिवार को कस्बे में निकाली शोभायात्रा में श्रद्धा उमड़ी। शोभायात्रा रामलीला मैदान से शुरू हुई और स्कूल एरिया, गोल मार्केट, अस्पताल क्षेत्र, कारसा रोड, रेलवे रोड, किसान बस्ती व पोल्ट्री एरिया से होते हुए वापस मैदान में संपन्न हुई। मुख्य अतिथि विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने समाज में मर्यादा की ऐसी मिसाल कायम की जिस पर चलकर कोई भी व्यक्ति स्वयं को धन्य कर सकता है।

कमेटी के सदस्य राजेश शर्मा ने कहा कि जब-जब एक भाई दूसरे भाई के लिए त्याग करने को तत्पर रहता है, तब-तब रामायण जैसे महापुराण की रचना होती है। जब एक भाई दूसरे भाई के अधिकार का हनन करता है, तब-तब महाभारत जैसे हालात बनते हैं। यह हमें ही तय करना होगा कि हम रामायण की रचना करना चाहते हैं या महाभारत की। इस मौके पर आयोजक मंडल के सुभाष त्रेहन, मुकेश कत्याल, राजेश वासन, दर्शन शर्मा, सतनाम आहुजा, नारायण दास वर्मा, सुरेश प्रभाकर, नरिंद्र शर्मा, राजकुमार धवन व पार्षद बबलु मौजूद रहे।
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