फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Occupying the green belt, shops on the pavement and goods on the road

Karnal News: ग्रीन बेल्ट पर कब्जा, फुटपाथ पर दुकान और सड़क पर सामान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:21 AM IST
विज्ञापन
Occupying the green belt, shops on the pavement and goods on the road
करनाल। 41 साल पहले वर्ष 1984 में विकसित होना शुरू हुआ सेक्टर-6 शहर के पॉश एरिया में से एक है। यहां 2,170 मकानों में 20 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। करीब 13 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल भी है। समस्याओं के दबाव से सेक्टर अपनी रंगत खो रहा है, लोग परेशान हैं। तकरीबन पूरे सेक्टर की ग्रीन बेल्ट पर कब्जा हो चुका है। फुटपाथ और सड़कों पर भी कब्जे हैं। फुटपाथ पर अवैध दुकान है तो सड़क पर सामान रखा है।
विज्ञापन

सेक्टर की कुछ सुविधाएं निगम के अधीन जा चुकी हैं जबकि सीवेज-पानी से संबंधित काम एचएसवीपी के पास हैं। सेक्टरवासियों को समस्याओं के समाधान के लिए दो विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सेक्टर में दो बड़े स्कूल और निजी शिक्षण संस्थान भी हैं। पुलिस विभाग ने 3 साल पहले यहां की चौकी को बंद कर दिया था। लोगों का कहना है कि इससे असमाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

तीन साल से नहीं उठ रहा है कूड़ा
सेक्टर में कूड़ा उठान की समस्या सबसे बड़ी है। यहां पर 3 साल से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। मजबूरी में लोगों को कूड़ा जलाना पड़ता है। पार्कों की देखरेख का काम भी बंद है। पार्कों की हालत खराब हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खाली खड़े खंभे, जहां जरूरत वहां लगाते नहीं
सेक्टर में प्रताप फीडर की एचटी लाइनों को ऊपर उठाने का काम तो हो चुका है लेकिन टैगोर फीडर का काम बाकी है। जो खंभे पुराने थे, सड़कों ऊंचा होने से छोटे पड़ गए हैं। खंभों पर लगे बिजली मीटर तक नीचे आ चुके हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। दूसरी ओर सड़कों पर कुछ खंभे बिना काम के ही खड़े कर दिए गए हैं। इन पर न तारें हैं और न ही ये और किसी काम आ रहे हैं।

सबसे बड़ी परेशानी अतिक्रमण और कूड़ा नहीं उठने की है। ग्रीन बेल्ट पर तकरीबन कब्जा हो चुका है। बार-बार सड़क बनने से बिजली खंभे नीचे जा चुके हैं। इन्हें बदलने की जरूरत है। पुलिस चौकी बंद होने से असमाजिक तत्वों की परेशानी बढ़ गई है। इसे दोबारा खोला जाए। -सतीश गोयल, प्रधान, आरडब्लयूए सेक्टर-6
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed