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Karnal News: अब बार कोड स्कैन करके भर सकेंगे सेवा शुल्क और जुर्माना राशि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Sep 2023 02:50 AM IST
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- परिवहन विभाग में नकद लेन-देन पूरी तरह बंद, डिजिटल भुगतान से 24 घंटे मिलेगी सुविधा
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- भ्रष्टाचार रुकेगा, बिचौलिये भी नहीं करा सकेंगे फाइल पास, एक यूपीआई से ट्रांजेक्शन होने पर पकड़ में आएंगे

गगन तलवार
करनाल। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और दलालों के हस्ताक्षेप को पूरी तरह खत्म करने के लिए विभाग ने नया रास्ता निकाला है। अब विभाग में किसी भी सेवा शुल्क या चालान की जुर्माना राशि पर केवल ऑनलाइन भुगतान ही स्वीकार किया जाएगा। नकद लेन-देन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में भुगतान डिजिटल होने से ट्रांसपोर्टर व आवेदकों को 24 घंटे सुविधा भी मिल सकेगी। वहीं, एक ही यूपीआई से बार-बार ट्रांजेक्शन करने पर दलाल भी पकड़ में आ जाएंगे।
विभाग में अब चाहे वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पासिंग फीस का भुगतान करना हो या चालान की लाखों रुपये की राशि जमा करानी हो तो इसके लिए विभाग के कार्यालय की सुविधा खिड़की के बाहर लगे बार कोड को स्कैन करना होगा। इससे तुरंत भुगतान होते ही फाइल भी पास हो जाएगी। हालांकि विभाग की ओर से अभी डेबिट-क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी भुगतान लिया जाता है, लेकिन यूपीआई में इससे काफी तेजी से भुगतान होता है। प्रदेश के सभी आरटीए कार्यालयों में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। पिछले दिनों कई जिलों से आरटीए कार्यालय से सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों और दलालों के बढ़ते हस्ताक्षेप को देखते हुए विभाग ने नकद लेन-देन पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। करनाल आरटीए कार्यालय में कुल 12 सेवाओं के लिए पूरे दिन में 500 से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। ब्यूरो
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सब्जी-फल व दुग्ध उत्पाद खराब होने का डर खत्म
कई बार देखा जाता था कि ओवरलोड के मामले में जांच टीम सब्जी-फल या दुग्ध उत्पाद ले जा रहे वाहनों को भी पकड़कर इंपाउंड कर देती थी। जब तक जुर्माना राशि का भुगतान नहीं होता था, तब तक वाहन को छोड़ा नहीं जाता था। कई बार ट्रांसपोर्टर दूसरे प्रदेश का होता है या चालक के पास जुर्माना भरने के लिए पर्याप्त राशि नहीं होती। इसके अलावा वाहन चालक को जुर्माना भरने के लिए कैश विंडो के खुलने का भी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन यूपीआई से भुगतान की नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस झंझट से निजात मिलेगी। ऑनलाइन चालन को वाहन मालिक बार कोड स्कैन करके तुरंत भर सकेगा और इंपाउंड हुई गाड़ी भी छूट जाएगी।
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दो मार्च को हुई थी 25 लाख की चोरी
दो मार्च को लघु सचिवालय के ई-दिशा केंद्र के लॉकर से 25 लाख रुपये चोरी हुए थे। आज तक पुलिस के हाथ खाली हैं और मामले का खुलासा नहीं कर पाई। वारदात को अंजाम देते हुए चोरों ने सरल केंद्र के कमरे का ताला तोड़ने के बाद लॉकर में रखी नकदी पर हाथ साफ किया था। इस वारदात को अंजाम देने वाले पकड़े न जाएं, इसलिए वे यहां लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को भी अपने साथ ले गए थे। ऐसे में अब परिवहन विभाग में ऑनलाइन भुगतान ही होने से इस तरह की वारदात होने का खतरा भी नहीं रहेगा।


करनाल में इस विंडो में होता है यह कार्य
- विंडो-1 पर हेल्प डेस्क
- विंडो-2 पर पासिंग व फिटनेस संबंधित कार्य
- विंडो-3 पर चालान संबंधित कार्य
- विंडो-4 पर वाहन पंजीकरण संबंधित कार्य
- विंडो-5 पर परमिट संबंधित कार्य
- विंडो-6 पर चालक लाइसेंस संबंधित कार्य
- विंडो-7 पर कैश व फीस संबंधित कार्य
- विंडो-8 पर ऑटो व स्कूल बस संबंधित कार्य

मुख्यालय के निर्देश पर कार्यालय में नकद लेनदेन पूरी तरह से बंद कर दिया है। विभाग के बैंक खाते से लिंक यूपीआई बार कोड को प्रत्येक विंडो पर लगा दिया गया है। अब सेवा लेते समय शुल्क या चालान राशि का भुगतान ऑनलाइन कर सकेंगे।
- विजय देसवाल, डीटीओ
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