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Karnal News: अब शपथपत्र लेकर अवशेष धान की हो रही खरीद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले की अनाज मंडियों में वीरवार को 66290 क्विंटल धान की खरीद की गई, जिससे अब तक जिले में कुल खरीद एक करोड़ 83 हजार 840 क्विंटल तक पहुंच गई है। खास बात ये है कि अनाज मंडियों में आढ़तियों के पास ऐसा धान भी मौजूद है, जिसका कोई गेटपास नहीं है। अब मंडी अधिकारियों ने इस धान की बिक्री दिखाने के लिए 10 रुपये का शपथपत्र देना शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर गेटपास जारी कर उसकी खरीद की जा रही है।
करनाल अनाज मंडी सहित जिले की कई मंडियों में आढ़तियों के पास काफी पीआर धान पड़ा है, जो बिना गेटपास के ही मंडी के अंदर आया हुआ है। इसे आढ़तियों व राइस मिल संचालकों ने सस्ते दाम पर खरीद कर डाल रखा है। जब आढ़ती मंडी सचिव के पास जाते हैं तो वह एक रास्ता बताते हैं कि 10 रुपये के एक शपथपत्र पर ये लिखकर लाएं कि ये धान अधिक नमी के कारण पहले बिक नहीं पाया और अब ये सूख गया है, ये धान इस किसान का है, पंजीकरण नंबर भी है, इसलिए अब इसके विक्रय के लिए गेटपास जारी कर दिया जाए। ये शपथपत्र लेकर मंडी सचिव गेटपास जारी करा देते हैं और खरीद एजेंसियां उसे खरीद लेती हैं।
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करनाल। जिले की अनाज मंडियों में वीरवार को 66290 क्विंटल धान की खरीद की गई, जिससे अब तक जिले में कुल खरीद एक करोड़ 83 हजार 840 क्विंटल तक पहुंच गई है। खास बात ये है कि अनाज मंडियों में आढ़तियों के पास ऐसा धान भी मौजूद है, जिसका कोई गेटपास नहीं है। अब मंडी अधिकारियों ने इस धान की बिक्री दिखाने के लिए 10 रुपये का शपथपत्र देना शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर गेटपास जारी कर उसकी खरीद की जा रही है।
करनाल अनाज मंडी सहित जिले की कई मंडियों में आढ़तियों के पास काफी पीआर धान पड़ा है, जो बिना गेटपास के ही मंडी के अंदर आया हुआ है। इसे आढ़तियों व राइस मिल संचालकों ने सस्ते दाम पर खरीद कर डाल रखा है। जब आढ़ती मंडी सचिव के पास जाते हैं तो वह एक रास्ता बताते हैं कि 10 रुपये के एक शपथपत्र पर ये लिखकर लाएं कि ये धान अधिक नमी के कारण पहले बिक नहीं पाया और अब ये सूख गया है, ये धान इस किसान का है, पंजीकरण नंबर भी है, इसलिए अब इसके विक्रय के लिए गेटपास जारी कर दिया जाए। ये शपथपत्र लेकर मंडी सचिव गेटपास जारी करा देते हैं और खरीद एजेंसियां उसे खरीद लेती हैं।
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