फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Now the players of Karna Nagari will enhance their talent in horse riding and climbing walls

अब कर्ण नगरी के खिलाड़ी घुड़सवारी और क्लाइंबिंग वॉल्स में निखारेंगे प्रतिभा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:07 AM IST
विज्ञापन
Now the players of Karna Nagari will enhance their talent in horse riding and climbing walls
भानू भारद्वाज
विज्ञापन

करनाल। कर्ण नगरी को जल्द घुड़सवारी और क्लाइंबिंग वॉल्स की सौगात मिलेगी। राजीव गांधी खेल स्टेडियम पुंडरक को घुड़सवारी और कर्ण स्टेडियम को क्लाइंबिंग वॉल्स के लिए भी तैयार किया जाएगा। खेल विभाग की ओर से इन दोनों खेलों को मंजूरी मिल चुकी है। दोनों खेलों की परियोजना को स्मार्ट सिटी ने भी टेकओवर कर लिया हैं। इसके लिए जल्द बजट पास हो सकता है।
ओलंपिक में नीरज चोपड़ा द्वारा जैवलिन में स्वर्ण जीतने और अन्य गैर परंपरागत खेलों में कई खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर देश और हरियाणा का नाम रोशन करने से प्रदेश सरकार भी गदगद है। इसलिए खेल विभाग ने टोक्यो ओलंपिक में शामिल हो चुके क्लाइंबिंग वॉल्स और घुड़सवारी के लिए भी करनाल में खेल मैदान बनाना तय किया। क्लाइंबिंग वॉल्स 2024 व 2028 के ओलंपिक में भी खेला जाएगा।
विज्ञापन

विभाग ने इस प्रकार के खेलों का आयोजन कराने वाली संस्थाओं को साथ लेकर नए खेलों को जोड़ने का काम भी शुरू कर दिया है। ब्यूरो
घुड़सवारी
घुड़सवारी का प्राचीन काल से दुनिया भर में अभ्यास किया जाता रहा है। पुरातात्विक रिकॉर्ड बताते हैं कि घुड़दौड़ प्राचीन ग्रीस, प्राचीन रोम, बेबीलोन, सीरिया और मिस्र में हुई थी। घुड़सवारी के कई प्रकार हैं, जिनमें फ्लैट रेसिंग, कूद दौड़, हार्नेस रेसिंग, सैडल ट्रोटिंग, धीरज रेसिंग शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्लाइंबिंग वॉल्स
क्लाइंबिंग वॉल्स यानी चढ़ाई की दीवार कृत्रिम रूप से निर्मित दीवार होती है, जिसमें हाथ और पैरों के लिए पकड़ बनी होती है। आमतौर पर यह दीवार इंडोर चढ़ाई और खुले में भी बनती है। कुछ दीवारें ईंट या लकड़ी से बनती हैं तो कुछ दीवारों पर मोटा मल्टीफ्लेक्स बोर्ड लगाया जाता है। आजकल इन दीवारों में स्टील और एल्यूमीनियम का भी उपयोग किया जाने लगा है। दीवार में बेले रस्सियों को भी जोड़ा जाता है।
नीरज चोपड़ा के र्स्वण पदक जीतने के बाद हमने विचार किया कि क्यों न परंपरागत खेलों के साथ ही अन्य खेलों पर ध्यान दिया जाए तभी इन दो खेलों का विचार आया ओर विभाग के खेल प्रशिक्षकों से राय लेकर इसकी रूपरेखा तैयार की थी जिसे खेल विभाग ने स्वीकृति दे दी अब यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के पास पहुंच चुका है। उसी को इसका निर्माण करना है।

अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी
दुनिया के अन्य देशों को देखें तो उनकी पदक संख्या हमसे कहीं आगे रहती हैं, क्योंकि वे नए-नए खेलों में अपने खिलाड़ियों का अभ्यास कराते हैं। हमें भी नए खेलों में हाथ अजमाना होगा तभी ओलंपिक में दूसरे देशों की तरह पदक जीत सकेंगे। यही नहीं अन्य खेलों को भी जल्द जोड़ने की कोशिश करेंगे।
- सतबीर सिंह, फेंसिंग प्रशिक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed