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अब प्रदेश में सरसों घोटाले की बिछी बिसात : रतनमान
Tue, 10 Mar 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:07 AM IST
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करनाल। धान घोटाले के बाद अब प्रदेश में सरसों खरीद घोटाले की बिसात बिछाई जा रही है। बड़े आकाओं के संरक्षण में घोटाले को सुनियोजित तरीके से अंजाम तक पहुंचाने का मसौदा तैयार हो चुका है। ये आरोप भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से रबी सीजन की फसलों की सरकारी खरीद की घोषणा के बाद अब प्रदेश में सरसों घोटाले की आशंका बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च को हरियाणा के मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मसूर की सरकारी खरीद 20 मार्च से तथा सरसों, गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की खरीद 28 मार्च से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। रतनमान ने कहा कि यह फैसला किसानों के हितों के विपरीत और पूरी तरह अव्यावहारिक है। इस वर्ष प्रदेश में सामान्य से लगभग 20 दिन पहले गर्मी पड़ने के कारण फसलें भी समय से पहले तैयार हो रही हैं। ऐसी स्थिति में 28 मार्च तक किसानों की करीब 90 प्रतिशत सरसों मंडियों में समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बिक जाएंगी, जबकि अन्य रबी फसलें भी सामान्य समय से पहले तैयार हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि अगेती गर्मी के कारण घरौंडा (करनाल) सहित प्रदेश की कई मंडियों में 28 फरवरी तक औसतन तीन हजार क्विंटल से अधिक सरसों बिक्री के लिए पहुंच चुकी थी। ब्यूरो
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