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Karnal News: अब कृषि यंत्र इंडस्ट्री के सामने श्रमिकों का संकट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:48 AM IST
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Now the agricultural machinery industry is facing labor crisis
- कुशल कर्मचारियों की कमी पहले से ही झेल रही इंडस्ट्री
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- काइमा की सामान्य सभा की बैठक में उद्यमियों ने जताई चिंता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करनाल एग्रीकल्चरल इंप्लीमेंट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (काइमा) की बैठक में कृषि यंत्र इंडस्ट्री को आने वाली समस्याओं पर चिंता जाहिर की गई। सबसे बड़ी समस्या कुशल व अकुशल श्रमिकों का न मिलना है। इस मौके पर इंडस्ट्री के उपयोग के लिए महिंद्रा एंड मंहिद्रा की ओर केंद्र सरकार के मानकों पर बेहद कम प्रदूषण वाला इंडस्ट्री के उपयोग वाला जेनसेट भी लॉन्च किया गया।
शहर के एक होटल में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में सबसे पहले प्रधान रविंद्र ढल, महासचिव भावुक मेहता आदि ने सीपीसीवी-4 प्लस का डीजल जेनसेट लॉन्च किया। इस मौके पर महिंद्रा एंड महिंद्रा पावरोल के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदेश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक तारिक खान आदि ने जेनरेटर की खूबियां बताईं। महासचिव भावुक मेहता ने कहा कि पहले से ही कुशल यानी प्रशिक्षित कर्मचारी मिलना मुश्किल हो रहा है, लेकिन अब अकुशल श्रमिकों का मिलना भी दुश्वार हो गया है। इंडस्ट्री में कार्य करने के लिए महिला श्रमिक भी नहीं मिल पा रही हैं। बिहार, उत्तराखंड आदि राज्यों के लेबर ठेकेदार भी मजदूर देने को तैयार नहीं हैं।
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उद्यमियों ने कहा कि आईटीआई हो या संस्थानों से प्रशिक्षित युवा, वह मेहनत वाला काम करना नहीं चाहते हैं। हरियाणा के युवा विदेशों का रुख कर रहे हैं, इंडस्ट्री में शारीरिक मेहनत अधिक होती है, जिसके कारण बड़ी समस्या आ रही है। आईटीआई में जाकर भी प्रशिक्षितों से बात करके उन्हें बुलाने का प्रयास भी किया तो भी युवा नहीं पहुंचे। सबसे खास बात ये सामने आई कि जो संस्थानों में सिखाया जा रहा है, वह काम नहीं आ रही है, क्योंकि प्रेक्टिकल की भारी कमी है। जीएसटी के कारण भी कई उद्योग प्रभावित हुए हैं।
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एमएसएमई (विकास भवन) के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने सुझाव दिया कि इंडस्ट्री को खुद कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा, साथ ही गांवों से लेबर लाने के लिए उन्हें बस आदि की सुविधा देनी चाहिए। छोटे व्यवसायियों को निर्यात पर ध्यान देने की बात कही। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ही कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का सुझाव दिया। चीन की तरह पीस के रेट पर भी काम कराया जा सकता है। मौके पर रवि बेरी, सोमनाथ सचदेवा, रणबीर अरोड़ा, कपिल अत्रेजा, सरदार इंद्र सिंह, राजेंद्र राजपाल, संजय कांबोज, मेहर सिंह, दीपक सचदेवा, अनिल सहगल, मुनीष गावा आदि कई उद्यमी मौजूद रहे।
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