{"_id":"5f1de8818ebc3e63ce249866","slug":"now-corona-patients-in-the-eye-of-cctv-karnal-news-knl38604080","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कोरोना के मरीजों पर रहेगी सीसीटीवी की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कोरोना के मरीजों पर रहेगी सीसीटीवी की नजर
विज्ञापन
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना के मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर दिया गया है। इससे मरीजों की गतिविधियों के साथ-साथ मेडिकल कालेज के स्टाफ पर भी निगरानी रखी जाएगी। इसकी कमान कोविड-19 के इंचार्ज डा. अभिनव डागर को दी गई है। मोबाइल पर वे 24 घंटे कमरों को लाइव देख सकते हैं और स्टाफ को निर्देश भी दे सकते हैं।
मार्च माह से कल्पना चावला मेडिकल कालेज में कोरोना से संबंधित मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। हालांकि, इसके बाद आदेश अस्पताल शाहाबाद और एमएम मुलाना मेडिकल कालेज में भी मरीजों को भेजा जाता रहा है। लेकिन अब फिर कोरोना के मरीजों को यहां पर दाखिल किया जाने लगा है। इस समय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में 50 से ज्यादा मरीज दाखिल हैं, ये वे मरीज हैं, जिनको कोरोना के लक्षण हैं, बिना लक्षण वाले मरीजों को नीलोखेड़ी स्थित गुरुकुल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में भेजा जाता है। विदित हो कि कल्पना चावला मेडिकल कालेज में अब तक 170 कोरोना के मरीजों को दाखिल किया गया है। इनमें से 120 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।
इसलिए लगाए कैमरे
मेडिकल कालेज में दाखिल एक मरीज छत से कूद गया था, जबकि एक ने कूदने की कोशिश की थी। ऐसे में अकेले कमरे में बंद होने के कारण अक्सर व्यक्ति तनाव में आ जाता है। कमरे के अंदर मरीज की गतिविधि कैसी है, इसको नोट करने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। दूसरा अक्सर मरीज भी स्टाफ को लेकर शिकायत करते हैं कि उनको दिन भर किसी ने चेक नहीं किया या फिर समय पर दवा नहीं दी। ऐसे में कैमरों के माध्यम से यह भी तय किया जा सकेगा कि कोरोना वार्ड के अंदर तैनात मेडिकल स्टाफ किस प्रकार से ड्यूटी कर रहा है।
विज्ञापन
मरीज और स्टाफ पर रहेगी निगरानी : डा. डागर
कोविड-19 के इंचार्ज डा. अभिनव डागर का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लगाए गए हैं। इसका फायदा ये रहेगा कि बाहर से भी कोरोना के मरीजों और स्टाफ पर निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों में सप्ताह तक की रिकार्डिंग रहती है। इनको मेरे मोबाइल से कनेक्ट किया गया है। ऐसे में किसी भी समय इसको चेक कर सकते हैं और मोबाइल के माध्यम से स्टाफ को निर्देश भी दे सकते हैं। कैमरों के सामने स्टाफ भी अपनी बात रख सकता है, जो मुझे सुनाई देगी।
विज्ञापन
मार्च माह से कल्पना चावला मेडिकल कालेज में कोरोना से संबंधित मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। हालांकि, इसके बाद आदेश अस्पताल शाहाबाद और एमएम मुलाना मेडिकल कालेज में भी मरीजों को भेजा जाता रहा है। लेकिन अब फिर कोरोना के मरीजों को यहां पर दाखिल किया जाने लगा है। इस समय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में 50 से ज्यादा मरीज दाखिल हैं, ये वे मरीज हैं, जिनको कोरोना के लक्षण हैं, बिना लक्षण वाले मरीजों को नीलोखेड़ी स्थित गुरुकुल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में भेजा जाता है। विदित हो कि कल्पना चावला मेडिकल कालेज में अब तक 170 कोरोना के मरीजों को दाखिल किया गया है। इनमें से 120 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।
विज्ञापन
इसलिए लगाए कैमरे
मेडिकल कालेज में दाखिल एक मरीज छत से कूद गया था, जबकि एक ने कूदने की कोशिश की थी। ऐसे में अकेले कमरे में बंद होने के कारण अक्सर व्यक्ति तनाव में आ जाता है। कमरे के अंदर मरीज की गतिविधि कैसी है, इसको नोट करने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। दूसरा अक्सर मरीज भी स्टाफ को लेकर शिकायत करते हैं कि उनको दिन भर किसी ने चेक नहीं किया या फिर समय पर दवा नहीं दी। ऐसे में कैमरों के माध्यम से यह भी तय किया जा सकेगा कि कोरोना वार्ड के अंदर तैनात मेडिकल स्टाफ किस प्रकार से ड्यूटी कर रहा है।
विज्ञापन
मरीज और स्टाफ पर रहेगी निगरानी : डा. डागर
कोविड-19 के इंचार्ज डा. अभिनव डागर का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लगाए गए हैं। इसका फायदा ये रहेगा कि बाहर से भी कोरोना के मरीजों और स्टाफ पर निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों में सप्ताह तक की रिकार्डिंग रहती है। इनको मेरे मोबाइल से कनेक्ट किया गया है। ऐसे में किसी भी समय इसको चेक कर सकते हैं और मोबाइल के माध्यम से स्टाफ को निर्देश भी दे सकते हैं। कैमरों के सामने स्टाफ भी अपनी बात रख सकता है, जो मुझे सुनाई देगी।