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134ए की अब जरूरत नहीं, अंग्रेजी माध्यम पढ़ना है तो संस्कृति स्कूल में लें दाखिला : शिक्षामंत्री
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करनाल। सीबीएसई स्कूल में बच्चे की मुफ्त शिक्षा के लिए नियम 134ए के तहत दाखिले की आस में अब अभिभावक न रहें। सरकार की ओर से इस नियम के तहत दाखिले कराने की व्यवस्था फिलहाल नहीं की जाएगी। यदि बच्चे को सीबीएसई बोर्ड या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाना है तो राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में ही दाखिला कराना होगा। शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने इस विषय पर कहा कि अब 134ए की जरूरत नहीं रही। मॉडल संस्कृति स्कूलों में सुविधाएं अच्छी हैं अभिभावक यहीं पर दाखिला कराएं। प्रदेश भर से हर साल लाखों विद्यार्थियों के इस नियम के तहत दाखिले होते थे। लेकिन अब सरकार ने सीबीएसई से मान्यता दिलाकर 136 राजकीय स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूल बना दिया है। यहां 12वीं कक्षा तक अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यम में पढ़ाई होगी।
मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे स्कूल
शिक्षामंत्री ने कहा कि फीस बढ़ाने को लेकर अभी तक सिर्फ स्कूल वाले फार्म-6 भरकर देते थे, इसी के आधार पर फीस बढ़ा सकते थे। लेकिन सरकार यह व्यवस्था बदलेगी। नए नियम बनाए जा रहे हैं। इसके तहत स्कूल मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। नियम के आधार पर ही 8 से 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकेंगे। एसएलसी मामले में हम फैसला करने वाले हैं कि जो फीस और अन्य खर्च बनते हैं वे अभिभावक को देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने का अभी कोई विचार नहीं है। बैठक कर विशेषज्ञों की राय के बाद ही निर्णय लेंगे।
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मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे स्कूल
शिक्षामंत्री ने कहा कि फीस बढ़ाने को लेकर अभी तक सिर्फ स्कूल वाले फार्म-6 भरकर देते थे, इसी के आधार पर फीस बढ़ा सकते थे। लेकिन सरकार यह व्यवस्था बदलेगी। नए नियम बनाए जा रहे हैं। इसके तहत स्कूल मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। नियम के आधार पर ही 8 से 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकेंगे। एसएलसी मामले में हम फैसला करने वाले हैं कि जो फीस और अन्य खर्च बनते हैं वे अभिभावक को देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने का अभी कोई विचार नहीं है। बैठक कर विशेषज्ञों की राय के बाद ही निर्णय लेंगे।
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