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Karnal News: आयुष्मान कार्डधारक ही नहीं, दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को भी इलाज का इंतजार
Thu, 21 Aug 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:16 AM IST
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401....प्रवीण
मरीज बोले- इलाज के लिए न डॉक्टर के पास समय है न नर्स देखने आ रही
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों की ओर से उपचार बंद किए जाने से जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। अब दुर्घटनाग्रस्त मरीज भी इलाज के इंतजार में हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका भी समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। कोई मरीज तीन दिन से तो कोई किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होकर ट्रॉमा में भर्ती हुआ है, वह तक 8 से 10 दिन से उपचार का इंतजार कर रहा है। मरीजों का कहना है कि इलाज करने के लिए न तो डॉक्टर के पास समय है और न नर्स देखने आ रही है।
नौ दिन से मिल रही सिर्फ दर्द की गोली
दुर्घटनाग्रस्त मरीज मनीलाल पासवान ने बताया कि 12 अगस्त को शहर में दुर्घटना में शरीर का निचला हिस्सा बेकाम हो चुका है। भर्ती होने के समय एक्स-रे कराया लेकिन 15 अगस्त को ट्रॉमा सेंटर से इस दूसरे वार्ड में भर्ती हूं लेकिन कल एक डॉक्टर देखने आए थे, पर न तो कोई चेकअप किया और न इलाज के लिए तारीख बताई और न ही दवाई लिखी। जब से भर्ती हूं केवल दर्द की गोली दी जा रही है, सुबह शाम एक टीका और दो से तीन बार ग्लूकोज दी गई है। जबकि चला भी नहीं जा रहा और जब चला तो हड्डी टूटने जैसी आवाजें आ रही हैं। उनकी पत्नी ने कहा कि नर्स तक झांकने नहीं आतीं।
शुक्रवार तक करना होगा इंतजार
घरौंडा में दुर्घटनाग्रस्त हुए मरीज प्रवीन ने बताया कि उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अभी तक कोई डॉक्टर एक बार भी देखने नहीं आया है और कहा गया है कि शुक्रवार तक का इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि अभी ऑर्थो की कई और ऑपरेशन में वेटिंग चल रही है। मरीज ने कहा कि दर्द सहन नहीं हो रहा है लेकिन डॉक्टर ने फिर भी वेटिंग दी है। जिसके बाद इंतजार करने के अलावा हमारे पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं हैं।
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पांच दिन से भर्ती फिर भी वेटिंग
नौ वर्षीय बच्चे कार्तिक के पिता सुनील ने बताया कि बच्चा ऑटो के सामने आ गया था जिसके बाद उसका पूरा पांव घायल हो गया था। शनिवार को यहां भर्ती हुए थे। रविवार को वार्ड में शिफ्ट हुए थे आयुष्मान कार्ड भी है, पांच दिन से भर्ती हैं लेकिन शुक्रवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। डॉक्टर ने कहा कि अभी वेटिंग है इसलिए उपचार में देरी होगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्जन-
ऑर्थो की एक सर्जरी में करीब ढाई घंटे का समय लगता है। ऐसे में एक दिन में केवल एक या दो ही सर्जरी मुश्किल से हो पाती है। ऐसे में बाकी के तीन फ्रैक्चर से पीड़ित मरीजों को शुक्रवार और अगले सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।
डॉ. सौरभ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों की ओर से उपचार बंद किए जाने से जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। अब दुर्घटनाग्रस्त मरीज भी इलाज के इंतजार में हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका भी समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। कोई मरीज तीन दिन से तो कोई किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होकर ट्रॉमा में भर्ती हुआ है, वह तक 8 से 10 दिन से उपचार का इंतजार कर रहा है। मरीजों का कहना है कि इलाज करने के लिए न तो डॉक्टर के पास समय है और न नर्स देखने आ रही है।
नौ दिन से मिल रही सिर्फ दर्द की गोली
दुर्घटनाग्रस्त मरीज मनीलाल पासवान ने बताया कि 12 अगस्त को शहर में दुर्घटना में शरीर का निचला हिस्सा बेकाम हो चुका है। भर्ती होने के समय एक्स-रे कराया लेकिन 15 अगस्त को ट्रॉमा सेंटर से इस दूसरे वार्ड में भर्ती हूं लेकिन कल एक डॉक्टर देखने आए थे, पर न तो कोई चेकअप किया और न इलाज के लिए तारीख बताई और न ही दवाई लिखी। जब से भर्ती हूं केवल दर्द की गोली दी जा रही है, सुबह शाम एक टीका और दो से तीन बार ग्लूकोज दी गई है। जबकि चला भी नहीं जा रहा और जब चला तो हड्डी टूटने जैसी आवाजें आ रही हैं। उनकी पत्नी ने कहा कि नर्स तक झांकने नहीं आतीं।
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शुक्रवार तक करना होगा इंतजार
घरौंडा में दुर्घटनाग्रस्त हुए मरीज प्रवीन ने बताया कि उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अभी तक कोई डॉक्टर एक बार भी देखने नहीं आया है और कहा गया है कि शुक्रवार तक का इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि अभी ऑर्थो की कई और ऑपरेशन में वेटिंग चल रही है। मरीज ने कहा कि दर्द सहन नहीं हो रहा है लेकिन डॉक्टर ने फिर भी वेटिंग दी है। जिसके बाद इंतजार करने के अलावा हमारे पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं हैं।
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पांच दिन से भर्ती फिर भी वेटिंग
नौ वर्षीय बच्चे कार्तिक के पिता सुनील ने बताया कि बच्चा ऑटो के सामने आ गया था जिसके बाद उसका पूरा पांव घायल हो गया था। शनिवार को यहां भर्ती हुए थे। रविवार को वार्ड में शिफ्ट हुए थे आयुष्मान कार्ड भी है, पांच दिन से भर्ती हैं लेकिन शुक्रवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। डॉक्टर ने कहा कि अभी वेटिंग है इसलिए उपचार में देरी होगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्जन-
ऑर्थो की एक सर्जरी में करीब ढाई घंटे का समय लगता है। ऐसे में एक दिन में केवल एक या दो ही सर्जरी मुश्किल से हो पाती है। ऐसे में बाकी के तीन फ्रैक्चर से पीड़ित मरीजों को शुक्रवार और अगले सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।
डॉ. सौरभ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल

401....प्रवीण

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