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Karnal News: जेबरा क्रॉसिंग नहीं, फिर भी कट रहे चालान
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गगन तलवार
करनाल। शहर में चौराहों से जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से फिर भी वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं।
बरसाती मौसम के बाद की कार्रवाई पर निगाह डालें तो तीन माह में 643 वाहनों के चालान किए गए हैं। जबकि पिछले एक वर्ष में 3232 वाहन चालकों पर सड़क चिन्हांकन उल्लंघन पर कार्रवाई हुई है।
विदित हो कि शहर में 30 ट्रैफिक चौराहे (जंक्शन) हैं, जहां पर प्रशासन की ओर से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधार के लिए ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं। इस दौरान लाल बत्ती के समय में वाहनों के निर्धारित स्थान पर रुकने के लिए जैबरा क्रॉसिंग भी बनाई गई थी। लेकिन ज्यादातर लोग जैबरा क्रॉसिंग से पहले के बजाय इसके ऊपर वाहन खड़ा करते हैं। ऐसे लोगों का पुलिस की ओर से ऑनलाइन भी चालान किया जाता है।
लेकिन अब स्थिति यह है कि अगस्त माह में हुई बरसात के बाद से सड़कों से सफेद पट्टी व चौराहों की जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
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30 में से 25 ट्रैफिक जंक्शन पर जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी है। आईसीसीसी में बैठी टीम की ओर से लगातार चालान किए जा रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदार विभाग की ओर से इन सड़कों पर सफेद पट्टी व जैबरा क्रॉसिंग बनाने को लेकर काम नहीं किया गया। न ही पुलिस की ओर से ध्यान दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल ने भी ऐसी कार्रवाई और विभाग की कार्यशैली को गलत बताया है।
लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम भारद्वाज का कहना है कि लोगों को जागरूक होने की भी जरूरत है। शहर का ऐसा कोई चौराहा नहीं है, जहां लोग जैबरा क्रॉसिंग से पहले रुकते हों, ज्यादातर वाहन जैबरा क्रॉसिंग के ऊपर खड़े होते हैं।
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य संदीप लाठर का कहना है कि ऐसे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। प्रशासन जैबरा क्रॉसिंग बनवाए, संस्थाएं अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगी। यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती जरूरी है। पुलिस को ऐसे वाहन चालकों का चालान भी करना चाहिए। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट राजकुमार और तेजपाल का कहना है कि कार्रवाई के दौरान विभाग यह भी ध्यान रखे कि जिस नियम में चालान किया जा रहा है, सड़क भी उसके अनुरूप है या नहीं।
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करनाल। शहर में चौराहों से जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से फिर भी वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं।
बरसाती मौसम के बाद की कार्रवाई पर निगाह डालें तो तीन माह में 643 वाहनों के चालान किए गए हैं। जबकि पिछले एक वर्ष में 3232 वाहन चालकों पर सड़क चिन्हांकन उल्लंघन पर कार्रवाई हुई है।
विदित हो कि शहर में 30 ट्रैफिक चौराहे (जंक्शन) हैं, जहां पर प्रशासन की ओर से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधार के लिए ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं। इस दौरान लाल बत्ती के समय में वाहनों के निर्धारित स्थान पर रुकने के लिए जैबरा क्रॉसिंग भी बनाई गई थी। लेकिन ज्यादातर लोग जैबरा क्रॉसिंग से पहले के बजाय इसके ऊपर वाहन खड़ा करते हैं। ऐसे लोगों का पुलिस की ओर से ऑनलाइन भी चालान किया जाता है।
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लेकिन अब स्थिति यह है कि अगस्त माह में हुई बरसात के बाद से सड़कों से सफेद पट्टी व चौराहों की जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
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30 में से 25 ट्रैफिक जंक्शन पर जैबरा क्रॉसिंग मिट चुकी है। आईसीसीसी में बैठी टीम की ओर से लगातार चालान किए जा रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदार विभाग की ओर से इन सड़कों पर सफेद पट्टी व जैबरा क्रॉसिंग बनाने को लेकर काम नहीं किया गया। न ही पुलिस की ओर से ध्यान दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल ने भी ऐसी कार्रवाई और विभाग की कार्यशैली को गलत बताया है।
लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम भारद्वाज का कहना है कि लोगों को जागरूक होने की भी जरूरत है। शहर का ऐसा कोई चौराहा नहीं है, जहां लोग जैबरा क्रॉसिंग से पहले रुकते हों, ज्यादातर वाहन जैबरा क्रॉसिंग के ऊपर खड़े होते हैं।
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य संदीप लाठर का कहना है कि ऐसे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। प्रशासन जैबरा क्रॉसिंग बनवाए, संस्थाएं अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगी। यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती जरूरी है। पुलिस को ऐसे वाहन चालकों का चालान भी करना चाहिए। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट राजकुमार और तेजपाल का कहना है कि कार्रवाई के दौरान विभाग यह भी ध्यान रखे कि जिस नियम में चालान किया जा रहा है, सड़क भी उसके अनुरूप है या नहीं।