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Karnal News: मध्यस्थता के बाद भी समाधान नहीं, सिर्फ 80 मामले सुलझे
Tue, 11 Nov 2025 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:21 AM IST
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करनाल।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 90 दिनों तक चलाए गए राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान में जिले में केवल 80 मामले की सुलझ पाए। जबकि 61 मामलों में प्रक्रिया जारी है। तीन माह के इस अभियान के लिए 1520 केसों का चयन किया गया था। लेकिन अधिकतर मामलों में दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई।
अभियान पहली बार शुरू किया गया था। वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, भूमि अधिग्रहण और अन्य दीवानी मामलों को निपटाया गया। सबसे ज्यादा मुकदमे चेक बाउंस से संबंधित रहे। अभियान का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया में तेजी, लागत में कमी और जनता में मध्यस्थता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ताकि अदालतों में चल रहे केसों में कमी आ सके और लोगों का आपसी भाईचारा कायम रह सके।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इरम हसन ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा के मार्गदर्शन में एक जुलाई 2025 से लेकर 30 सितंबर तक चलाए अभियान के तहत अच्छा परिणाम रहा। इसमें 80 मामलों का निपटारा हो गया है। जोकि वर्षों से जिला की अदालतों में लंबित थे।
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13 दिसंबर को लगेगी लोक अदालत, रख सकते हैं मामले
अब 13 दिसंबर को करनाल, असंध, इंद्री में लोक अदालत लगाई जाएगी। जो भी अपने लंबित मामलों का समाधान करना चाहता है, वह इसमें रख सकता है। जिन लोगों के पास अधिवक्ता नहीं हैं वह दो तरीकों से कोर्ट में अपील कर सकते हैं। व्यक्ति अपने मामले से संबंधित कोर्ट में जाकर लोक अदालत में मुकदमा लगवाने की अपील कर सकता है। एससी/एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, गरीब परिवार, वे लोग जो पुलिस कस्टडी में है, बच्चों से संबंधित मामले और बुजुर्गों के मामलों के लिए सीधा एडीआर केंद्र में आकर अपील कर सकते हैं। पारिवारिक आय तीन लाख से कम होने पर ही एडीआर केंद्र से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।