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खेतों में जलभराव से नहीं राहत
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करनाल। जिले में मानसून की वर्षा से नीचे इलाकों में धान के खेतों में जलभराव की समस्या बरकरार है। बड़ागांव में करीब सौ एकड़ फसल अभी भी जलमग्न है। ग्रामीण पंपसेट लगाकर पानी की निकासी कर रहे हैं। 25 एकड़ से अधिक खेतों में अभी भी तीन फीट तक जलभराव है। 13 जुलाई की वर्षा से डूबी फसल पानी में नष्ट हो चुकी है। किसानों की हालत पस्त है।
बड़ागांव के किसान गौरव राणा ने बताया कि महेंद्र की छह एकड़, सुरेश पाल की करीब दस एकड़, रामकिशन, सुखबीर की एक-एक एकड़, बिशनपाल की चार एकड़, दिनेश की दो एकड़ व इसके अलावा पंचायती जमीन में खेत जलमग्न हैं। घीड़, चोरपुरा, डबकौली गांव में भी कई किसानों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी निकासी का रास्ता नहीं होने और ऊपर से लगातार वर्षा होने से फसल बचने की कोई गुंजाइश नहीं।
शनिवार को जिले में कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई तो कहीं बूंदाबांदी हुई। बादलवाई रहने व बूंदाबांदी के चलते गर्मी से राहत रही। शहर में कई सड़कों पर फिर हल्का जलभराव हुआ। खेतों में सिंचाई के लिए तमाम ट्यूबवेल बंद हैं। खेतों में बारिश के पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। ऊंचे खेतों में धान व गन्ने की फसल की अच्छी बढ़वार चल रही है। दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। करनाल-कुंजपुरा रोड पर नेवल गांव के क्षेत्र में जेसीबी लगाकर निकासी नाले की खुदाई का कार्य शुरू किया गया। नेवल, नेवल खुर्द, कमांडो कांप्लेक्स क्षेत्र, नेवल पंचायती जमीन में बसी कॉलोनी व आसपास के खेतों के पानी की इस नाले से निकासी व्यवस्था बनी रहेगी। ज्यादा खतरा पैदा नहीं होगा।
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला के अनुसार मौसम परिवर्तनशील है। 30 जुलाई तक बूंदाबांदी व बादलवाई की संभावना बनी रहेगी। शनिवार को अधिकतम तापमान सुबह 33.8, दोपहर को 30.0 व न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 88 व दोपहर को शत-प्रतिशत रही। 0.8 एमएम वर्षा दर्ज की गई। जबकि जिले के कुछ इलाकों में इससे ज्यादा वर्षा हुई है।
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बड़ागांव के किसान गौरव राणा ने बताया कि महेंद्र की छह एकड़, सुरेश पाल की करीब दस एकड़, रामकिशन, सुखबीर की एक-एक एकड़, बिशनपाल की चार एकड़, दिनेश की दो एकड़ व इसके अलावा पंचायती जमीन में खेत जलमग्न हैं। घीड़, चोरपुरा, डबकौली गांव में भी कई किसानों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी निकासी का रास्ता नहीं होने और ऊपर से लगातार वर्षा होने से फसल बचने की कोई गुंजाइश नहीं।
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शनिवार को जिले में कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई तो कहीं बूंदाबांदी हुई। बादलवाई रहने व बूंदाबांदी के चलते गर्मी से राहत रही। शहर में कई सड़कों पर फिर हल्का जलभराव हुआ। खेतों में सिंचाई के लिए तमाम ट्यूबवेल बंद हैं। खेतों में बारिश के पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। ऊंचे खेतों में धान व गन्ने की फसल की अच्छी बढ़वार चल रही है। दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। करनाल-कुंजपुरा रोड पर नेवल गांव के क्षेत्र में जेसीबी लगाकर निकासी नाले की खुदाई का कार्य शुरू किया गया। नेवल, नेवल खुर्द, कमांडो कांप्लेक्स क्षेत्र, नेवल पंचायती जमीन में बसी कॉलोनी व आसपास के खेतों के पानी की इस नाले से निकासी व्यवस्था बनी रहेगी। ज्यादा खतरा पैदा नहीं होगा।
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला के अनुसार मौसम परिवर्तनशील है। 30 जुलाई तक बूंदाबांदी व बादलवाई की संभावना बनी रहेगी। शनिवार को अधिकतम तापमान सुबह 33.8, दोपहर को 30.0 व न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 88 व दोपहर को शत-प्रतिशत रही। 0.8 एमएम वर्षा दर्ज की गई। जबकि जिले के कुछ इलाकों में इससे ज्यादा वर्षा हुई है।