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Karnal News: अदालत के फैसले तक कोई भी पक्ष नहीं करेगा विवादित जगह का इस्तेमाल
Fri, 17 Apr 2026 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:32 AM IST
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बाल राजपूतान में आयोजित पंचायत में उपस्थित दोनो पक्षों के लोग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक/करनाल। बाल राजपूतान गांव में बाबा साहेब की जयंती पर लगाए गए चित्र के गायब होने और झंडे के अपमान पर विवाद वीरवार को सुलझ गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की पंचायत हुई। फैसला हुआ कि पहले जमीन पर कोर्ट के फैसले के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने पर सहमति बनी है। सरंपच सुरजीत ने घोषणा की कि फैसले के बाद दलित समाज के लिए होने वाले निर्माण कार्य में वह 11 लाख रुपये की सहायता राशि भी देंगे।
प्रशासन ने मूनक रेस्ट हाउस में दोनों पक्षों की ओर से 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी सदस्यों के अलावा बैठक में असंध एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी असंध गोरखपाल राणा, डीएसपी घरौंडा मनोज कुमार, असंध थाना प्रभारी नसीब सिंह, मुनक थाना प्रभारी बृजपाल, तहसीलदार नवजीत बराड़ और बीडीपीओ उमेद सिंह शामिल रहे। बैठक में लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। शाम तक सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए और गांव में स्थिति सामान्य हो गई।
सरपंच सुरजीत ने बताया कि रेस्ट हाउस में हुई बैठक में सभी बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह सभी को स्वीकार होगा। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार उस जमीन पर जो भी भवन बनेगा, उसके लिए पंचायत की ओर से 11 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरपंच ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन पर स्टे होने के दौरान किसी प्रकार की गतिविधि करना सही नहीं है और जो झंडा हाल ही में लगा हुआ है, वह यथावत रहेगा। उन्होंने घटना को किसी शरारती तत्व की हरकत बताया। अगर कोई अन्य शरारती तत्व कुछ ऐसा करेगा तो पंचायत उसके खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई करवाएगी।
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यह था विवाद
विदित हो कि मंगलवार को गांव बालराजपूतान में बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान एक स्थान पर बाबा साहेब का चित्र लगाया गया और लोगों ने पुष्प अर्पित किए। मौके पर ध्वज भी लगाया गया था। आरोप है कि देर रात अंधेरे में किसी व्यक्ति ने वहां से बाबा साहेब का चित्र गायब कर दिया और झंडे को नुकसान पहुंचाया। गांव के रमेश कुमार ने सरपंच और उसके साथियों पर चित्र हटाने और झंडा ध्वस्त करने के आरोप लगाए। वहीं सरपंच सुरजीत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और खुद भी मामले की शिकायत पुलिस को दी।
घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया था। बुधवार को समाज के लोगों ने घटनास्थल पर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख डीएसपी गोरखपाल राणा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोग नहीं माने तो पुलिस ने नियमानुसार कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मूनक थाना पहुंचाया। बुधवार रात को मूनक थाने के बाहर बड़ी संख्या में धरने पर बैठ गए थे।
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कोर्ट के फैसले के अनुसार कार्रवाईअसंध डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के फैसले के अनुसार ही होगी। तब तक कोई भी पक्ष जगह का प्रयोग नहीं करेगा।
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जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन
असंध के एसडीएम सुमित सिहाग ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने पर सहमति दी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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मूनक/करनाल। बाल राजपूतान गांव में बाबा साहेब की जयंती पर लगाए गए चित्र के गायब होने और झंडे के अपमान पर विवाद वीरवार को सुलझ गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की पंचायत हुई। फैसला हुआ कि पहले जमीन पर कोर्ट के फैसले के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने पर सहमति बनी है। सरंपच सुरजीत ने घोषणा की कि फैसले के बाद दलित समाज के लिए होने वाले निर्माण कार्य में वह 11 लाख रुपये की सहायता राशि भी देंगे।
प्रशासन ने मूनक रेस्ट हाउस में दोनों पक्षों की ओर से 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी सदस्यों के अलावा बैठक में असंध एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी असंध गोरखपाल राणा, डीएसपी घरौंडा मनोज कुमार, असंध थाना प्रभारी नसीब सिंह, मुनक थाना प्रभारी बृजपाल, तहसीलदार नवजीत बराड़ और बीडीपीओ उमेद सिंह शामिल रहे। बैठक में लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। शाम तक सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए और गांव में स्थिति सामान्य हो गई।
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सरपंच सुरजीत ने बताया कि रेस्ट हाउस में हुई बैठक में सभी बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह सभी को स्वीकार होगा। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार उस जमीन पर जो भी भवन बनेगा, उसके लिए पंचायत की ओर से 11 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरपंच ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन पर स्टे होने के दौरान किसी प्रकार की गतिविधि करना सही नहीं है और जो झंडा हाल ही में लगा हुआ है, वह यथावत रहेगा। उन्होंने घटना को किसी शरारती तत्व की हरकत बताया। अगर कोई अन्य शरारती तत्व कुछ ऐसा करेगा तो पंचायत उसके खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई करवाएगी।
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यह था विवाद
विदित हो कि मंगलवार को गांव बालराजपूतान में बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान एक स्थान पर बाबा साहेब का चित्र लगाया गया और लोगों ने पुष्प अर्पित किए। मौके पर ध्वज भी लगाया गया था। आरोप है कि देर रात अंधेरे में किसी व्यक्ति ने वहां से बाबा साहेब का चित्र गायब कर दिया और झंडे को नुकसान पहुंचाया। गांव के रमेश कुमार ने सरपंच और उसके साथियों पर चित्र हटाने और झंडा ध्वस्त करने के आरोप लगाए। वहीं सरपंच सुरजीत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और खुद भी मामले की शिकायत पुलिस को दी।
घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया था। बुधवार को समाज के लोगों ने घटनास्थल पर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख डीएसपी गोरखपाल राणा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोग नहीं माने तो पुलिस ने नियमानुसार कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मूनक थाना पहुंचाया। बुधवार रात को मूनक थाने के बाहर बड़ी संख्या में धरने पर बैठ गए थे।
कोर्ट के फैसले के अनुसार कार्रवाईअसंध डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के फैसले के अनुसार ही होगी। तब तक कोई भी पक्ष जगह का प्रयोग नहीं करेगा।
जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन
असंध के एसडीएम सुमित सिहाग ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने पर सहमति दी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।