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Karnal News: वन विभाग से मंजूरी नहीं, कैसे बनेगी सड़क
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मार्केटिंग बोर्ड ने ठेकेदार को 2.50 करोड़ का टेंडर अलॉट कर दिया लेकिन वन विभाग से पेड़ कटाई की परमिशन अभी तक नहीं आई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल (जुंडला)। गांव कतलाहेड़ी से मंजूरा को जाने वाली करीब पांच किलोमीटर सड़क का मार्केटिंग बोर्ड की ओर से द्वारा सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण करवाए जाने के मामले में पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है। विभाग का दावा है कि अगले आठ माह में इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा करवाया जाएगा लेकिन बोर्ड ने सड़क के दोनों ओर खड़े पेड़ों की कटाई के लिए अभी तक वन विभाग से मंजूरी का रास्ता तय नहीं हुआ है। हालांकि बोर्ड का दावा है कि जल्द ही पेड़ कटाई की परमिशन मिल जाएगी। इसके लिए वन विभाग में पेड़ों की कटाई के लिए आवेदन किया हुआ है। जिसकी जल्द स्वीकृति आने की उम्मीद है।
सोमवार को मौका मुआना करने पर पाया गया कि सड़क के दोनों ओर किसानों ने धान रोपाई का कार्य जोरों से चल रहा है। स्थानीय निवासी किरणपाल राणा, सन्नी, नीरज का कहना है कि बोर्ड ने जल्दबाजी में टेंडर अलॉट किया गया है। आठ माह में सड़क बनाने का दावा सही नहीं है क्योंकि कई माह तो बिजली की लाइन और पेड़ों की कटाई में गुजर जाएंगे। ऊपर से किसानों ने जो धान रोपाई की है वह उसमें नुकसान सहन नहीं कर पाएंगे जबकि विभाग दावा कर रहा है पैमाइश के बाद किसानों ने सड़क बनाने की जगह छोड़ दी है लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। अगले दो चार दिनों में सभी खेतों में धान रोपाई का कार्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। विदित हो कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने सड़क निर्माण पर करीब 2.50 करोड़ रुपये खर्च करवाए जाएंगे। सड़क की चौड़ाई भी पहले के मुकाबले 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट करवाई जाएगी। जिसके दायरे में कई सौ पेड़ और बिजली लाइन आड़े आ रही है।
पेड़ों की कटाई में लगता का टाइम
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से परमिशन लेने में काफी समय लग जाता है। ऐसा ही एक माला गांव जुंडला से जाणी को जाने वाली सड़क का भी है। जिस पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया जबकि पीडब्ल्यूडी अपनी ओर से वन विभाग को 93 लाख रुपये की पेमेंट भी दे चुका है बावजूद इसके सड़क का सुंदरीकरण और चाैड़ीकरण का कार्य नहीं हो पाया। विभाग की ओर से इस सड़क पर 6.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे लेकिन पेड़ कटाई न होने से अभी तक काम शुरू नहीं हो सका।
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पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को अभी लेटर लिखा है। अभी रिप्लाई आना बाकी है उसके बाद ही बता पाएंगे। किसानों से मामले को लेकर आपसी सहमति बनी हुई है। परमिशन के लिए अभी लंबा टाइम नहीं रहा जल्द ही अप्रूवल मिल जाएगी। जल्द का शुरू करवा दिया जाएगा।
नरेंद्र कुमार, जेई मार्केटिंग बोर्ड, करनाल।
निशानदेही के बाद बता चलेगा कि कितने पेड़ कटेंगे। पांच सात दिनों में जैसे ही ठेकेदार के पास पेमेंट आती है काम शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही काम पूरा होगा।
विजेंद्र कुमार, एक्सईएन मार्केटिंग बोर्ड, करनाल।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल (जुंडला)। गांव कतलाहेड़ी से मंजूरा को जाने वाली करीब पांच किलोमीटर सड़क का मार्केटिंग बोर्ड की ओर से द्वारा सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण करवाए जाने के मामले में पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है। विभाग का दावा है कि अगले आठ माह में इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा करवाया जाएगा लेकिन बोर्ड ने सड़क के दोनों ओर खड़े पेड़ों की कटाई के लिए अभी तक वन विभाग से मंजूरी का रास्ता तय नहीं हुआ है। हालांकि बोर्ड का दावा है कि जल्द ही पेड़ कटाई की परमिशन मिल जाएगी। इसके लिए वन विभाग में पेड़ों की कटाई के लिए आवेदन किया हुआ है। जिसकी जल्द स्वीकृति आने की उम्मीद है।
सोमवार को मौका मुआना करने पर पाया गया कि सड़क के दोनों ओर किसानों ने धान रोपाई का कार्य जोरों से चल रहा है। स्थानीय निवासी किरणपाल राणा, सन्नी, नीरज का कहना है कि बोर्ड ने जल्दबाजी में टेंडर अलॉट किया गया है। आठ माह में सड़क बनाने का दावा सही नहीं है क्योंकि कई माह तो बिजली की लाइन और पेड़ों की कटाई में गुजर जाएंगे। ऊपर से किसानों ने जो धान रोपाई की है वह उसमें नुकसान सहन नहीं कर पाएंगे जबकि विभाग दावा कर रहा है पैमाइश के बाद किसानों ने सड़क बनाने की जगह छोड़ दी है लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। अगले दो चार दिनों में सभी खेतों में धान रोपाई का कार्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। विदित हो कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने सड़क निर्माण पर करीब 2.50 करोड़ रुपये खर्च करवाए जाएंगे। सड़क की चौड़ाई भी पहले के मुकाबले 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट करवाई जाएगी। जिसके दायरे में कई सौ पेड़ और बिजली लाइन आड़े आ रही है।
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पेड़ों की कटाई में लगता का टाइम
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से परमिशन लेने में काफी समय लग जाता है। ऐसा ही एक माला गांव जुंडला से जाणी को जाने वाली सड़क का भी है। जिस पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया जबकि पीडब्ल्यूडी अपनी ओर से वन विभाग को 93 लाख रुपये की पेमेंट भी दे चुका है बावजूद इसके सड़क का सुंदरीकरण और चाैड़ीकरण का कार्य नहीं हो पाया। विभाग की ओर से इस सड़क पर 6.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे लेकिन पेड़ कटाई न होने से अभी तक काम शुरू नहीं हो सका।
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पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को अभी लेटर लिखा है। अभी रिप्लाई आना बाकी है उसके बाद ही बता पाएंगे। किसानों से मामले को लेकर आपसी सहमति बनी हुई है। परमिशन के लिए अभी लंबा टाइम नहीं रहा जल्द ही अप्रूवल मिल जाएगी। जल्द का शुरू करवा दिया जाएगा।
नरेंद्र कुमार, जेई मार्केटिंग बोर्ड, करनाल।
निशानदेही के बाद बता चलेगा कि कितने पेड़ कटेंगे। पांच सात दिनों में जैसे ही ठेकेदार के पास पेमेंट आती है काम शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही काम पूरा होगा।
विजेंद्र कुमार, एक्सईएन मार्केटिंग बोर्ड, करनाल।