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Karnal News: कमजोरी को ताकत बनाकर नितीश बने युवाओं के आदर्श
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51....खिलाड़ी नीरज
करनाल। पैरा बैडमिंटन खेल में अपना भविष्य बनाने और करनाल शहर का नाम रोशन करने वाले नितीश कुमार को बैडमिंटन के खिलाड़ी अपना आदर्श मान रहे हैं। नितीश ने रेल हादसे में अपना एक पैर गवां दिया था लेकिन उसके बाद भी उन्होंने अपना हौसला कायम रखा और खेल में अपना नाम कमाया। करनाल के बैडमिंटन खिलाड़ी व कोच का कहना है कि नितीश ने ऐसी अवस्था में जहां पर लोग सारी उम्मीदें छोड़ देते हैं, वहां से उन्होंने अपना जीवन बनाया और खेल में अपने जिले, राज्य व देश का नाम विदेशों में चमकाया। खिलाड़ियों का कहना है कि नितीश कुमार को हम अपना आदर्श मानते हैं और उनको देखकर अपने देश के लिए पदक लाने के लिए निरंतर अभ्यास करते हैं।
नितीश को मानते हैं अपना आदर्श
-पैरा बैडमिंटन खेलने वाली खिलाड़ी नीरज ने बताया कि वे नितीश को अपना आदर्श मानते हैं। उनका कहना है कि उनको देखकर काफी हौसला मिलता है और मन में आत्मविश्वास बढ़ता है कि जब नितीश अपना एक पैर खोकर खेल में काफी ऊंचाइयों तक जा सकते हैं तो हम क्यों नहीं जा सकते।
निरंतर अभ्यास से ही खिलाड़ी करता है अच्छा प्रदर्शन
-बैडमिंटन खेलने वाले खिलाड़ी दीपक ने बताया कि उनको बैडमिंटन खेलते हुए काफी समय हो गया है। उनका कहना है कि नितीश ने जिस तरह से अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया है। वो काबिल-ए-तारीफ है और उनको देखकर काफी हौसला मिलता है और निरंतर अभ्यास करने से ही खिलाड़ी अपने खेल में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
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परेशानियों का करें सामना
-बैडमिंटन खेलने वाली खिलाड़ी शालू ने बताया कि महिला खिलाड़ियों को नितीश कुमार से काफी कुछ सीखना चाहिए। किस तरह से उन्होंने रेल हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बाद भी वो रुके नहीं और खेल को ही अपना जीवन बना बैठे। उनका कहना है कि जीवन के हर मोड पर काफी परेशानी आती है। हमें उनसे डरना नहीं है बल्कि उसका सामना करना है।
नितीश के खेल का अंदाज ही अलग है
- बैडमिंटन कोच शिवम ने बताया कि उन्होंने नितीश के साथ खेला है, उनके खेलने का अंदाज ही कुछ अलग है। उनको देख कर लगता ही नहीं है उनके जीवन में कुछ ऐसा हुआ है जिससे उनके खेल पर प्रभाव पड़ा हो। उनका कहना है कि पैरालंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिता में अपने देश के लिए स्वर्ण पदक लाना निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
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नितीश को मानते हैं अपना आदर्श
-पैरा बैडमिंटन खेलने वाली खिलाड़ी नीरज ने बताया कि वे नितीश को अपना आदर्श मानते हैं। उनका कहना है कि उनको देखकर काफी हौसला मिलता है और मन में आत्मविश्वास बढ़ता है कि जब नितीश अपना एक पैर खोकर खेल में काफी ऊंचाइयों तक जा सकते हैं तो हम क्यों नहीं जा सकते।
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निरंतर अभ्यास से ही खिलाड़ी करता है अच्छा प्रदर्शन
-बैडमिंटन खेलने वाले खिलाड़ी दीपक ने बताया कि उनको बैडमिंटन खेलते हुए काफी समय हो गया है। उनका कहना है कि नितीश ने जिस तरह से अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया है। वो काबिल-ए-तारीफ है और उनको देखकर काफी हौसला मिलता है और निरंतर अभ्यास करने से ही खिलाड़ी अपने खेल में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
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परेशानियों का करें सामना
-बैडमिंटन खेलने वाली खिलाड़ी शालू ने बताया कि महिला खिलाड़ियों को नितीश कुमार से काफी कुछ सीखना चाहिए। किस तरह से उन्होंने रेल हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बाद भी वो रुके नहीं और खेल को ही अपना जीवन बना बैठे। उनका कहना है कि जीवन के हर मोड पर काफी परेशानी आती है। हमें उनसे डरना नहीं है बल्कि उसका सामना करना है।
नितीश के खेल का अंदाज ही अलग है
- बैडमिंटन कोच शिवम ने बताया कि उन्होंने नितीश के साथ खेला है, उनके खेलने का अंदाज ही कुछ अलग है। उनको देख कर लगता ही नहीं है उनके जीवन में कुछ ऐसा हुआ है जिससे उनके खेल पर प्रभाव पड़ा हो। उनका कहना है कि पैरालंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिता में अपने देश के लिए स्वर्ण पदक लाना निरंतर अभ्यास का परिणाम है।

51....खिलाड़ी नीरज

51....खिलाड़ी नीरज