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Karnal News: ओलंपिक के ट्रायल में पंच का दम दिखाएगा कर्णनगरी का निशांत
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- हरियाणा के सात बॉक्सरों में से केवल निशांत ने बनाई जगह
- इटली में तीन से 12 मार्च तक होंगे ओलंपिक के ट्रायल
सुखदेव चौहान
करनाल। ओलंपिक खेलों में अपनी जगह पक्की करने के लिए कर्णनगरी का बॉक्सर निशांत दक्षिणी यूरोप के मॉन्टेनीग्रो देश में आयोजित हो रहे बॉक्सिंग शिविर में शामिल हो गया है। निशांत के अनुसार वह 15 दिन तक इस शिविर में रहेगा। इसके बाद इटली के लिए रवाना होगा, जहां ओलंपिक के लिए प्रथम ट्रायल तीन से 12 मार्च तक होगा।
निशांत देव ट्रायल के लिए 14 फरवरी को भारत से रवाना हुआ था। 71 किलो भारवर्ग में कर्णनगरी का यह इकलौता बॉक्सर अपनी प्रतिभा के दम पर हरियाणा के सात बॉक्सरों में से चयनित होकर गया है। निशांत देव ने बताया कि ओलंपिक ट्रायल के लिए भारत से नौ खिलाड़ी गए हैं, जिनमें सात लड़के व दो लड़कियां शामिल हैं। हरियाणा के खिलाड़ियों में सेना के जवानों में से संजीत 19 किलो भारवर्ग, दीपक भौरिया 51 किलो भारवर्ग, हिसार से नरेंद्र भैरवाल शामिल हैं। निशांत देव ने बताया कि वह बॉक्सिंग कैंप में खेल की बारीकियां सीखने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में ओलंपिक खेल आयोजित होंगे। - संवाद
ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य
करनाल के कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव ने बताया कि निशांत ने कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। 22 वर्षीय उनका बेटा दिन रात कड़ी मेहनत कर रहा है। उसका लक्ष्य देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाना है। निशांत देव ने बताया कि इससे पहले वह विश्व मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक से चूक गया था, लेकिन इस बार ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक लाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा।
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प्रतिभा के दम पर बनाई पहचान
निशांत ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-13 स्थित ओपीएस विद्या मंदिर से 10वीं की पढ़ाई करने के बाद कर्नाटक में आईआईएस (इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स ) का रुख किया। जहां उसने पढ़ाई के साथ-साथ बॉक्सिंग की बारीकियां भी सीखीं। अब वह बीएससी कर रहा है। निशांत देव के प्रथम प्रशिक्षक सुरेंद्र चौहान ने बताया कि निशांत ने पटियाला में आयोजित चयन प्रतियोगिता में हरियाणा के सात बॉक्सरों में से अपनी प्रतिभा के दम पर चयनित होकर पहचान बनाई है।
यदि निशांत ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करता है तो इससे देश के दूसरे मुक्केबाजों का भी मार्गदर्शन होगा। उन्होंने बताया कि विश्व मुक्केबाजी में निशांत ने अन्य देशों के बॉक्सरों को मात देते हुए देश के लिए कांस्य पदक जीता था, लेकिन इस बार उनसे देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद है ।
ये हैं निशांत की उपलब्धियां
- वर्ष 2021 में वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर बेहतर प्रोमसिंग बॉक्सर का खिताब जीता।
- वर्ष 2022 में हिसार में आयोजित वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2023 में उज्बेकिस्तान में आयोजित विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में क्यूबा के बॉक्सर को हराकर कांस्य पदक जीता।
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- इटली में तीन से 12 मार्च तक होंगे ओलंपिक के ट्रायल
सुखदेव चौहान
करनाल। ओलंपिक खेलों में अपनी जगह पक्की करने के लिए कर्णनगरी का बॉक्सर निशांत दक्षिणी यूरोप के मॉन्टेनीग्रो देश में आयोजित हो रहे बॉक्सिंग शिविर में शामिल हो गया है। निशांत के अनुसार वह 15 दिन तक इस शिविर में रहेगा। इसके बाद इटली के लिए रवाना होगा, जहां ओलंपिक के लिए प्रथम ट्रायल तीन से 12 मार्च तक होगा।
निशांत देव ट्रायल के लिए 14 फरवरी को भारत से रवाना हुआ था। 71 किलो भारवर्ग में कर्णनगरी का यह इकलौता बॉक्सर अपनी प्रतिभा के दम पर हरियाणा के सात बॉक्सरों में से चयनित होकर गया है। निशांत देव ने बताया कि ओलंपिक ट्रायल के लिए भारत से नौ खिलाड़ी गए हैं, जिनमें सात लड़के व दो लड़कियां शामिल हैं। हरियाणा के खिलाड़ियों में सेना के जवानों में से संजीत 19 किलो भारवर्ग, दीपक भौरिया 51 किलो भारवर्ग, हिसार से नरेंद्र भैरवाल शामिल हैं। निशांत देव ने बताया कि वह बॉक्सिंग कैंप में खेल की बारीकियां सीखने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में ओलंपिक खेल आयोजित होंगे। - संवाद
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ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य
करनाल के कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव ने बताया कि निशांत ने कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। 22 वर्षीय उनका बेटा दिन रात कड़ी मेहनत कर रहा है। उसका लक्ष्य देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाना है। निशांत देव ने बताया कि इससे पहले वह विश्व मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक से चूक गया था, लेकिन इस बार ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक लाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा।
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प्रतिभा के दम पर बनाई पहचान
निशांत ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-13 स्थित ओपीएस विद्या मंदिर से 10वीं की पढ़ाई करने के बाद कर्नाटक में आईआईएस (इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स ) का रुख किया। जहां उसने पढ़ाई के साथ-साथ बॉक्सिंग की बारीकियां भी सीखीं। अब वह बीएससी कर रहा है। निशांत देव के प्रथम प्रशिक्षक सुरेंद्र चौहान ने बताया कि निशांत ने पटियाला में आयोजित चयन प्रतियोगिता में हरियाणा के सात बॉक्सरों में से अपनी प्रतिभा के दम पर चयनित होकर पहचान बनाई है।
यदि निशांत ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करता है तो इससे देश के दूसरे मुक्केबाजों का भी मार्गदर्शन होगा। उन्होंने बताया कि विश्व मुक्केबाजी में निशांत ने अन्य देशों के बॉक्सरों को मात देते हुए देश के लिए कांस्य पदक जीता था, लेकिन इस बार उनसे देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद है ।
ये हैं निशांत की उपलब्धियां
- वर्ष 2021 में वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर बेहतर प्रोमसिंग बॉक्सर का खिताब जीता।
- वर्ष 2022 में हिसार में आयोजित वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2023 में उज्बेकिस्तान में आयोजित विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में क्यूबा के बॉक्सर को हराकर कांस्य पदक जीता।