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Karnal News: डंकी रूट से विदेश भेजने वाले आरोपी के घर एनआईए की दबिश
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करनाल। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वीरवार को डंकी रूट से विदेश भेजने वाले दो आरोपी रवि कुमार और गोपाल को गिरफ्तार किया है। दोनों करनाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वीरवार को रवि कुमार के गांव बुटाना में एनआईए की टीम ने दबिश दी। यह गांव नीलोखेड़ी में है। रवि की गिरफ्तारी कहां से हुई है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
एनआईए की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी रवि कुमार और गोपाल सिंह को हरियाणा और पंजाब में चार स्थानों पर व्यापक तलाशी के दौरान हिरासत में लिया गया। करनाल में बुटाना गांव सहित दो जगहों पर एनआईए की टीम ने दबिश दी थी। इसके अलावा यमुनानगर और पंजाब के गुरदासपुर में भी टीम ने जांच की थी। इस दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और अन्य सामग्री को कब्जे में लिया है।
एनआईए का कहना है कि रवि और गोपाल एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे जो भारतीय नागरिकों को अमेरिका की वैध यात्रा का झूठा वादा करके लुभाते थे। गोपाल ने एक अन्य प्रमुख अभियुक्त जय कुमार और रवि के साथ मिलकर कई पीड़ितों के अवैध प्रवास की साजिशें रची थीं। उसने न केवल पीड़ितों की होटल बुकिंग और यात्रा कार्यक्रम का प्रबंधन किया, बल्कि अन्य सह-पीड़ितों के लिए एजेंट के रूप में भी काम किया। उसने पीड़ितों और उनके परिवारों से पैसे वसूलने में अन्य अभियुक्तों की मदद की।
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इस मामले में नारायणगढ़ निवासी शुभम सैनी के अमेरिका में अवैध प्रवास से संबंधित शिकायत दी थी। जनवरी माह में उसे अमेरिकी अधिकारियों ने सीमा पर पकड़ लिया और भारत वापस भेज दिया। नारायणगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत में सैनी ने खुलासा किया था कि उसे दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों के रास्ते अमेरिका ले जाया गया था। उसे विदेश में बंदी बनाकर रखा गया और कई चरणों में उसके साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली की गई। उन्होंने और उनके परिवार ने आरोपियों को 42 लाख रुपये दिए थे।
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एनआईए की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी रवि कुमार और गोपाल सिंह को हरियाणा और पंजाब में चार स्थानों पर व्यापक तलाशी के दौरान हिरासत में लिया गया। करनाल में बुटाना गांव सहित दो जगहों पर एनआईए की टीम ने दबिश दी थी। इसके अलावा यमुनानगर और पंजाब के गुरदासपुर में भी टीम ने जांच की थी। इस दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और अन्य सामग्री को कब्जे में लिया है।
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एनआईए का कहना है कि रवि और गोपाल एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे जो भारतीय नागरिकों को अमेरिका की वैध यात्रा का झूठा वादा करके लुभाते थे। गोपाल ने एक अन्य प्रमुख अभियुक्त जय कुमार और रवि के साथ मिलकर कई पीड़ितों के अवैध प्रवास की साजिशें रची थीं। उसने न केवल पीड़ितों की होटल बुकिंग और यात्रा कार्यक्रम का प्रबंधन किया, बल्कि अन्य सह-पीड़ितों के लिए एजेंट के रूप में भी काम किया। उसने पीड़ितों और उनके परिवारों से पैसे वसूलने में अन्य अभियुक्तों की मदद की।
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इस मामले में नारायणगढ़ निवासी शुभम सैनी के अमेरिका में अवैध प्रवास से संबंधित शिकायत दी थी। जनवरी माह में उसे अमेरिकी अधिकारियों ने सीमा पर पकड़ लिया और भारत वापस भेज दिया। नारायणगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत में सैनी ने खुलासा किया था कि उसे दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों के रास्ते अमेरिका ले जाया गया था। उसे विदेश में बंदी बनाकर रखा गया और कई चरणों में उसके साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली की गई। उन्होंने और उनके परिवार ने आरोपियों को 42 लाख रुपये दिए थे।