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नैनो यूरिया हरियाणा में लांच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 02:24 AM IST
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neno uriya launched in karnal
विश्व में पहली बार इफको द्वारा तरल खाद नैनो यूरिया का सोमवार को हरियाणा में आगाज हो गया। नई अनाज मंडी में इफको सेवा केंद्र में आयोजित समारोह में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के उप कुलपति डा. समर सिंह ने नारियल फोड़कर हरियाणा में नैनो यूरिया विक्रय का शुभारंभ किया। उन्होंने 200 किसानों को नैनो यूरिया का वितरण किया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया खेतों व किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इससे फसलोत्पादन में वृद्धि तो होगी ही, भूमिगत नाइट्रोजन भी कम होगा। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम होने से रोका जा सकेगा।
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उर्वरा शक्ति को नहीं होगा नुकसान
मुख्य अतिथि उप कुलपति डा. समर सिंह ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान हो रहा है। खासकर नाइट्रोजन की मात्रा ज्यादा होने से धरती से मित्र जीव खत्म हो रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए इफको ने यूरिया खाद का नया विकल्प ढूंढते हुए नैनो यूरिया इजाद किया है। नैनो यूरिया से न केवल फसल का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आमदन बढ़ाने में भी काफी कारगर साबित होगा। इससे भूमि की उर्वरता शक्ति पर भी असर नहीं पड़ेगा।
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हरियाणा में 26 हजार विक्रय केंद्र
कार्यक्रम अध्यक्ष उपनिदेशक (कृषि) डा. आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि किसानों व खेती के लिए नैनो यूरिया किसी वरदान से कम नहीं है। कम लागत में अधिक फसलोत्पादन हो सकेगा। नैनो यूरिया आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर कृषि की संकल्पना पर स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। इफको के राज्य विपणन प्रबंधक डा. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि नैनो यूरिया तरल को पौधों के पोषण के लिए 90 फीसदी प्रभावी व असरदार पाया गया है। हरियाणा में 26 हजार विक्रय केंद्र हैं, पहले सहकारी समितियों, कृषि सेवा केंद्रों आदि पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। एक जुलाई से सभी विक्रय केंद्रों पर नैनो यूरिया उपलब्ध होगी। उप महाप्रबंधक (कृषि सेवाएं) डा. ओमकार सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा नैनो यूरिया तरल के प्रयोग से पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होंगे। मिट्टी में यूरिया के अधिक प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मृदा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। नैनो यूरिया का स्प्रे किया जाएगा। इससे उत्पादन में दस प्रतिशत वृद्धि होगी।
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इस मौके पर क्षेत्रीय प्रबंधक डा. निरंजन सिंह, मुख्य प्रबंधक शमशेर सिंह, आरएमई विनय मणि त्रिपाठी आदि कई अधिकारी व किसान मौजूद रहे।
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