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Karnal News: न सेवा सुरक्षा न ही वेतन वृद्धि, आउटसोर्सिंग कर्मियों की टूटी आशा
Sun, 02 Nov 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 02 Nov 2025 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) से कार्यरत कर्मचारियों को अब हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम 2024 के तहत मिलने वाले किसी भी लाभ का फायदा नहीं मिलेगा। यानी इन कर्मचारियों को न तो सेवा सुरक्षा मिलेगी, न सालाना वेतन वृद्धि और न ही नियमित नौकरी की स्थायित्व की गारंटी रहेगी।
एनएचएम हरियाणा की ओर से जारी ज्ञापन ने स्पष्ट किया कि ये सभी कर्मचारी केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत आते हैं, इसलिए उन पर राज्य सरकार के बनाए सेवा सुरक्षा नियम लागू नहीं होंगे। इस आदेश के बाद जिला नागरिक अस्पताल के एनएचएम हरियाणा कौशल रोजगार के अंतर्गत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि वे सालों से स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं लेकिन सरकार हर बार उन्हें योजना कर्मचारी बताकर अधिकारों से वंचित कर रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो वे जल्द ही चरणबद्ध आंदोलन की राह अपनाएंगे। गौरतलब है कि अकेले नागरिक अस्पताल में 50 के करीब तो वहीं जिले की सीएसी व पीएचसी में विभिन्न कर्मचारी एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत आते हैं।
- कोरोना काल में भी ड्यूटी की
ग्राउंड ड्यूटी असिसटेंट सोहन ने कहा कि हम कोरोना काल में भी अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करते रहे, लेकिन सरकार हमें स्थायित्व देने से पीछे हट रही है। इससे पहले सरकार से रूके वेतन की गुहार लगा रहे थे।
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- वेतन भी दो से तीन महीने से रूका
कंप्यूटर ऑपरेटर प्रवीण कुमार का कहना है कि हम पांच या छह साल से निरंतर सेवा दे रहे हैं, फिर भी हमें कोई सुरक्षा नहीं। अब तो वेतन वृद्धि भी खत्म हो गई और दो से तीन महीने का वेतन भी रूका हुआ है।
- हर काम में दिया सहयोग
कंप्यूटर ऑपरेटर पूजा ने कहा कि हर साल ठेका बदल जाता है, पर काम वही रहता है। अब सरकार ने ये कहकर हमसे उम्मीदें भी छीन लीं। उन्होंने कहा कि जो उनका काम नहीं होता है, उसमें भी सहयोग दिया, फिर भी सरकार ने यह फैसला लिया।
- बच्चों के भविष्य की उम्मीदें डगमगाई
कुक विनती ने कहा कि सेवा सुरक्षा नियम से उम्मीद थी कि नौकरी में स्थायित्व मिलेगा, लेकिन असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने बताया कि बच्चाें की जरूरतें और भविष्य की उम्मीदें इस नौकरी से ही जुड़ी थी, जो अब डगमगा गई हैं।
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करनाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) से कार्यरत कर्मचारियों को अब हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम 2024 के तहत मिलने वाले किसी भी लाभ का फायदा नहीं मिलेगा। यानी इन कर्मचारियों को न तो सेवा सुरक्षा मिलेगी, न सालाना वेतन वृद्धि और न ही नियमित नौकरी की स्थायित्व की गारंटी रहेगी।
एनएचएम हरियाणा की ओर से जारी ज्ञापन ने स्पष्ट किया कि ये सभी कर्मचारी केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत आते हैं, इसलिए उन पर राज्य सरकार के बनाए सेवा सुरक्षा नियम लागू नहीं होंगे। इस आदेश के बाद जिला नागरिक अस्पताल के एनएचएम हरियाणा कौशल रोजगार के अंतर्गत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि वे सालों से स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं लेकिन सरकार हर बार उन्हें योजना कर्मचारी बताकर अधिकारों से वंचित कर रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो वे जल्द ही चरणबद्ध आंदोलन की राह अपनाएंगे। गौरतलब है कि अकेले नागरिक अस्पताल में 50 के करीब तो वहीं जिले की सीएसी व पीएचसी में विभिन्न कर्मचारी एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत आते हैं।
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- कोरोना काल में भी ड्यूटी की
ग्राउंड ड्यूटी असिसटेंट सोहन ने कहा कि हम कोरोना काल में भी अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करते रहे, लेकिन सरकार हमें स्थायित्व देने से पीछे हट रही है। इससे पहले सरकार से रूके वेतन की गुहार लगा रहे थे।
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- वेतन भी दो से तीन महीने से रूका
कंप्यूटर ऑपरेटर प्रवीण कुमार का कहना है कि हम पांच या छह साल से निरंतर सेवा दे रहे हैं, फिर भी हमें कोई सुरक्षा नहीं। अब तो वेतन वृद्धि भी खत्म हो गई और दो से तीन महीने का वेतन भी रूका हुआ है।
- हर काम में दिया सहयोग
कंप्यूटर ऑपरेटर पूजा ने कहा कि हर साल ठेका बदल जाता है, पर काम वही रहता है। अब सरकार ने ये कहकर हमसे उम्मीदें भी छीन लीं। उन्होंने कहा कि जो उनका काम नहीं होता है, उसमें भी सहयोग दिया, फिर भी सरकार ने यह फैसला लिया।
- बच्चों के भविष्य की उम्मीदें डगमगाई
कुक विनती ने कहा कि सेवा सुरक्षा नियम से उम्मीद थी कि नौकरी में स्थायित्व मिलेगा, लेकिन असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने बताया कि बच्चाें की जरूरतें और भविष्य की उम्मीदें इस नौकरी से ही जुड़ी थी, जो अब डगमगा गई हैं।