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नप चेयरपर्सन सीमा के पिता और भाई तीन लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
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कांग्रेस खेमे से नगर परिषद कैथल की चेयरपर्सन सीमा कश्यप के पिता सुरेश कश्यप और भाई शिव कश्यप को विजिलेंस की टीम ने एक ठेकेदार से 50 लाख रुपये के चेक पर चेयरपर्सन के हस्ताक्षर करवाने की एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगें हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने चेयरर्पसन और उनके पिता व भाई के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों से अनुमति लेकर चेयरपर्सन को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कैथल में डोर टू डोर के ठेकेदार बलबीर सिंह ने बताया कि उसने कैथल नगर परिषद में डोर टू डोर कचरा उठान का टेंडर लिया है। इसके लिए कई माह का भुगतान नगर परिषद की ओर रुका था। 28 अप्रैल को चेक पर ईओ सहित अन्य अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद करीब 50 लाख रुपये की राशि का यह चेक हस्ताक्षर के लिए चेयरपर्सन सीमा कश्यप के पास भेजा गया। जहां उनके पिता सुरेश कश्यप ने कहा कि ठेकेदार को भेज देना। आरोप है कि उसने चेयरपर्सन के पिता से संपर्क किया तो उसने साढ़े चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। उसने कहा कि वह यह राशि पहले नहीं दे सकता। बैंक से चेक भुगतान के बाद दे देगा, लेकिन वह नहीं मानें। इसके बाद उसने चेयरपर्सन सीमा कश्यप से बात की। सीमा कश्यप ने भी यही कहा कि पहले उसके पिता की बात सुनी जाए। इसके बाद उसने सुरेश कश्यप से बात की और कहा कि उसके पास साढ़े चार लाख रुपये तो नहीं हैं, तीन लाख रुपये हैं। बाकी रकम वह बाद में दे देगा। उसके हामी भरने पर उसने विजिलेंस को सूचित किया। विजिलेंस की टीम ने डीसी से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। जिस पर नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इसके बाद ठेकेदार ने निर्धारित योजना के तहत सीमा कश्यप के घर के निकट बनाए गए कार्यालय में जाकर तीन लाख रुपये सुरेश कश्यप को दे दिए। जिसे उसने अपने पुत्र शिव को दे दिया। इसके बाद इशारा मिलते ही विजिलेंस की टीम ने छापा मार कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि ठेकेदार बलबीर सिंह की शिकायत पर कैथल विजिलेंस ने सुरेश कश्यप, शिव कश्यप को तीन लाख रुपये की रिश्वत राशि वसूलते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सीमा कश्यप को भी सरकार की अनुमति लेकर गिरफ्तार किया जाएगा। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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कैथल में डोर टू डोर के ठेकेदार बलबीर सिंह ने बताया कि उसने कैथल नगर परिषद में डोर टू डोर कचरा उठान का टेंडर लिया है। इसके लिए कई माह का भुगतान नगर परिषद की ओर रुका था। 28 अप्रैल को चेक पर ईओ सहित अन्य अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद करीब 50 लाख रुपये की राशि का यह चेक हस्ताक्षर के लिए चेयरपर्सन सीमा कश्यप के पास भेजा गया। जहां उनके पिता सुरेश कश्यप ने कहा कि ठेकेदार को भेज देना। आरोप है कि उसने चेयरपर्सन के पिता से संपर्क किया तो उसने साढ़े चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। उसने कहा कि वह यह राशि पहले नहीं दे सकता। बैंक से चेक भुगतान के बाद दे देगा, लेकिन वह नहीं मानें। इसके बाद उसने चेयरपर्सन सीमा कश्यप से बात की। सीमा कश्यप ने भी यही कहा कि पहले उसके पिता की बात सुनी जाए। इसके बाद उसने सुरेश कश्यप से बात की और कहा कि उसके पास साढ़े चार लाख रुपये तो नहीं हैं, तीन लाख रुपये हैं। बाकी रकम वह बाद में दे देगा। उसके हामी भरने पर उसने विजिलेंस को सूचित किया। विजिलेंस की टीम ने डीसी से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। जिस पर नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इसके बाद ठेकेदार ने निर्धारित योजना के तहत सीमा कश्यप के घर के निकट बनाए गए कार्यालय में जाकर तीन लाख रुपये सुरेश कश्यप को दे दिए। जिसे उसने अपने पुत्र शिव को दे दिया। इसके बाद इशारा मिलते ही विजिलेंस की टीम ने छापा मार कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
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विजिलेंस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि ठेकेदार बलबीर सिंह की शिकायत पर कैथल विजिलेंस ने सुरेश कश्यप, शिव कश्यप को तीन लाख रुपये की रिश्वत राशि वसूलते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सीमा कश्यप को भी सरकार की अनुमति लेकर गिरफ्तार किया जाएगा। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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