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Karnal News: नाम फव्वारा पार्क मगर वर्षों से ठप
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-12 में फव्वारा पार्क केवल नाम का ही है। न यहां फव्वारे चलते हैं न शौचालय दुरुस्त हैं। जो पार्क की बदहाली को बयां कर रहे हैं। यह हालात तब हैं जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण इस पार्क के रख-रखाव में करीब 25 हजार रुपये मासिक खर्च कर रहा है लेकिन फिर भी पार्क के हालात खराब हैं।
करीब दो साल पहले यहां से फाउंटेन चैनल और फ्रेम चोरी हो चुके हैं। यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में भी है, फिर भी किसी ने सुरक्षा इंतजाम करने जरूरी नहीं समझे। इस पार्क में नियमित योग कक्षा भी लगती है और क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क होने से सेक्टर-12 और 13 के काफी लोग यहां सुबह-शाम सैर करने पहुंचते हैं। जबकि लघु सचिवालय व कमर्शियल एरिया के बीच में होने से दिनभर काफी संख्या में लोगों का पार्क में आना-जाना लगा रहता है लेकिन टूटे फाउंटेन पोट में गंदगी अटी है।
पार्क के चारों तरफ लघु सचिवालय के अलावा 290 से अधिक कार्यालय हैं। जिनमें रोजाना 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोग लंच के समय कामकाज बंद होने पर समय व्यतीत करने के लिए यहां पहुंचते हैं पर गंदगी और पार्क की हालत देखकर लौट जाते हैं।
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सपना रह गई म्यूजिकल फाउंटेन की योजना : विदित हो कि 1998 में तत्कालीन उद्योग मंत्री शशीपाल मेहता ने इस पार्क का उद्घाटन किया था। वे अब इसी पार्क से कुछ दूर स्थित कॉलोनी में ही रहते हैं। जिस समय उन्होंने इस पार्क का उद्घाटन किया था। उस समय यह शहर का सबसे बड़ा और सुंदर पार्क था, जो अब दयनीय स्थिति में है। 2019 में अटल पार्क के विस्तार के साथ ही यहां पर भी म्यूजिकल फाउंटेन लगने की योजना बनी थी। लेकिन म्यूजिकल फाउंटेन आज तक नहीं लग पाया। जो फव्वारे पहले चलते थे वो भी बंद हो चुके हैं।
तीन में से दो शौचालय बंद : पार्क में तीन शौचालय हैं, जिनमें से दो को विभाग की ओर से ताला लगाकर बंद किया गया है। जिन्हें देखकर लगता है कि वर्षों से इनका ताला न खुला हो। वहीं एक शौचालय जो खुला है, इसकी स्थिति ऐसी है, जैसे कई माह से सफाई न हुई हो। टॉयलेट सीट में गंदगी और पॉलीथिन फंसी हैं। वहीं पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं है। चार नलों में से बूंद-बूंद पानी ही आता है। इसके अलावा 10 कूड़ेदान लगे हैं, फिर भी सफाई के अभाव में बिखरी गंदगी पार्क की हरियाली पर दाग है। संवाद
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करनाल। सेक्टर-12 में फव्वारा पार्क केवल नाम का ही है। न यहां फव्वारे चलते हैं न शौचालय दुरुस्त हैं। जो पार्क की बदहाली को बयां कर रहे हैं। यह हालात तब हैं जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण इस पार्क के रख-रखाव में करीब 25 हजार रुपये मासिक खर्च कर रहा है लेकिन फिर भी पार्क के हालात खराब हैं।
करीब दो साल पहले यहां से फाउंटेन चैनल और फ्रेम चोरी हो चुके हैं। यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में भी है, फिर भी किसी ने सुरक्षा इंतजाम करने जरूरी नहीं समझे। इस पार्क में नियमित योग कक्षा भी लगती है और क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क होने से सेक्टर-12 और 13 के काफी लोग यहां सुबह-शाम सैर करने पहुंचते हैं। जबकि लघु सचिवालय व कमर्शियल एरिया के बीच में होने से दिनभर काफी संख्या में लोगों का पार्क में आना-जाना लगा रहता है लेकिन टूटे फाउंटेन पोट में गंदगी अटी है।
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पार्क के चारों तरफ लघु सचिवालय के अलावा 290 से अधिक कार्यालय हैं। जिनमें रोजाना 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोग लंच के समय कामकाज बंद होने पर समय व्यतीत करने के लिए यहां पहुंचते हैं पर गंदगी और पार्क की हालत देखकर लौट जाते हैं।
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सपना रह गई म्यूजिकल फाउंटेन की योजना : विदित हो कि 1998 में तत्कालीन उद्योग मंत्री शशीपाल मेहता ने इस पार्क का उद्घाटन किया था। वे अब इसी पार्क से कुछ दूर स्थित कॉलोनी में ही रहते हैं। जिस समय उन्होंने इस पार्क का उद्घाटन किया था। उस समय यह शहर का सबसे बड़ा और सुंदर पार्क था, जो अब दयनीय स्थिति में है। 2019 में अटल पार्क के विस्तार के साथ ही यहां पर भी म्यूजिकल फाउंटेन लगने की योजना बनी थी। लेकिन म्यूजिकल फाउंटेन आज तक नहीं लग पाया। जो फव्वारे पहले चलते थे वो भी बंद हो चुके हैं।
तीन में से दो शौचालय बंद : पार्क में तीन शौचालय हैं, जिनमें से दो को विभाग की ओर से ताला लगाकर बंद किया गया है। जिन्हें देखकर लगता है कि वर्षों से इनका ताला न खुला हो। वहीं एक शौचालय जो खुला है, इसकी स्थिति ऐसी है, जैसे कई माह से सफाई न हुई हो। टॉयलेट सीट में गंदगी और पॉलीथिन फंसी हैं। वहीं पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं है। चार नलों में से बूंद-बूंद पानी ही आता है। इसके अलावा 10 कूड़ेदान लगे हैं, फिर भी सफाई के अभाव में बिखरी गंदगी पार्क की हरियाली पर दाग है। संवाद