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Karnal News: हैफेड के गोदाम से 34 लाख रुपये का सरसों तेल गायब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 May 2025 02:26 AM IST
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Mustard oil worth Rs 34 lakh missing from Hafed's godown
दो आउटसोर्स कर्मचारियों पर गबन का केस दर्ज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड (हैफेड) के मीनार रोड स्थित बफर गोदाम से लाखों रुपये मूल्य के तेल गबन का मामला सामने आया है। जिला प्रबंधक हैफेड की ओर से सिविल लाइन थाना पुलिस को दी गई शिकायत पर पुलिस ने गोदाम के दो आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इन दोनों कर्मचारियों को हटा दिया गया है।

हैफेड मुख्यालय की गठित फिजिकल वेरिफिकेशन टीम ने 30 अप्रैल 2025 को जब बफर गोदाम में भौतिक सत्यापन किया, तो स्टॉक रजिस्टर में दर्ज माल और मौके पर मौजूद माल में भारी अंतर पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सरसों तेल के तीन विभिन्न पैकिंग में कुल 12,693 यूनिट की कमी पाई गई। इसमें एक लीटर पैकिंग के 11,296 पैकेट कम मिले जिनकी कीमत 15,72,472 रुपये है। पांच लीटर पैकिंग के 861 पैकेट कम मिले, इनकी कीमत 6,81,051 रुपए है। 15 लीटर पैकिंग के 436 टिन कम मिले, जिनकी कीमत 9,52,660 रुपये है। कुल 34,07,183 रुपये का गबन किया गया है। पुलिस में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। विभागीय जांच भी जा रही है।
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खुद स्वीकारी गड़बड़ी
भौतिक सत्यापन (पीवी) रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि यह स्टॉक रजिस्टर स्टोर ऑपरेटर वीरेंद्र सिंह ने स्वयं संधारित और हस्ताक्षरित किया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्टॉक 31 मार्च 2025 तक सही था। 30 अप्रैल को किए गए सत्यापन के दौरान जब स्टॉक में कमी पाई गई, तो वीरेंद्र सिंह ने स्वयं हस्ताक्षर कर इस गड़बड़ी को स्वीकार किया। इससे यह संदेह पुख्ता होता है कि वीरेंद्र सिंह और उसके साथ कार्यरत सुरक्षा गार्ड पवन कुमार इस गबन में सीधे तौर पर शामिल हैं।
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चार्ज देने से किया इनकार, गोदाम में लगाया ताला



हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि वीरेंद्र सिंह और पवन कुमार को कई बार लिखित व मौखिक निर्देशों के बावजूद चार्ज देने और स्टॉक हैंडओवर करने के लिए कहा गया, लेकिन दोनों ने जानबूझकर आदेशों की अवहेलना की और गोदाम को ताले में बंद रखा। इससे पीवी टीम को सत्यापन करने में भी कठिनाई हुई। फिलहाल इन्हें हटा दिया गया है, इनसे अभिलेख ले लिए गए हैं। थाना सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हैफेड की ओर से संदेह जताया गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में गबन अकेले दो व्यक्तियों के बस की बात नहीं हो सकती। इसमें अन्य स्थायी कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इसलिए शिकायत में यह भी आग्रह किया गया है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों – श्याम लाल (मार्केटिंग ऑफिसर), विनय शर्मा (एएमओ– आउटसोर्स) और राम निवास (तत्कालीन इंचार्ज) को जांच में शामिल किया जाए।
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