फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Multiple choice questions took time, trigonometric and circle questions were difficult.

Karnal News: बहुविकल्पीय प्रश्नों ने लिया समय, त्रिकोणमितीय और वृत्त के सवाल लगे कठिन

Wed, 18 Feb 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 18 Feb 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
Multiple choice questions took time, trigonometric and circle questions were difficult.
हरकिशन पब्लिक स्कूल में परीक्षा देने के बाद खुशी खुशी बाहर आते विद्यार्थी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। जिले में मंगलवार को 10वीं और 12वीं की सीबीएसई की पहली परीक्षा हुई। 10वीं के विद्यार्थियों ने गणित तो 12वीं के विद्यार्थियों ने शॉर्टहैंड (हिंदी-अंग्रेजी), बायोटेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप विषयों की परीक्षा दी। विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र लंबा होने और बहुविकल्पीय प्रश्नों के कारण समय कम पड़ने की बात कही। त्रिकोणमितीय, वृत्त और केस स्टडी आधारित प्रश्न भी मुश्किल लगे।

जिले में 26 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। अधिकांश विद्यार्थी आधां घंटा पहले अभिभावकों के संग स्कूल की वर्दी में परीक्षा देने अपने-अपने केंद्र पर पहुंच गए। 10वीं कक्षा के गणित विषय की परीक्षा में करीब 12 हजार विद्यार्थी शामिल रहे जबकि 12वीं कक्षा के चुनिंदा छात्रों ने ही परीक्षा दी जिसमें केवल 50 परीक्षार्थियों ने शॉर्टहैंड हिंदी-अंग्रेजी, बायोटेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप विषयों की परीक्षा दी। सभी केंद्र में प्रत्येक कमरे में 24 विद्यार्थियों को निर्धारित संख्या में बैठाया गया ताकि परीक्षा नकल रहित रहे।
विज्ञापन


- त्रिकोणमिती के कुछ प्रश्न लगे कठिन
सेक्टर-13 स्थित ओपीएस विद्या मंदिर से परीक्षा देकर बाहर निकली छात्रा खुशी ने बताया कि त्रिकोणमिती से जुड़े प्रश्न बड़े आए। नियमित अभ्यास करने वालों के लिए पेपर संतुलित रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्किल अध्याय से घुमाकर पूछे गए प्रश्न
जिया ने कहा कि सर्किल अध्याय से पूछे गए प्रश्न घुमाकर दिए गए थे, जिन्हें समझने में समय लगा। डायग्राम आधारित सवालों में सावधानी रखनी पड़ी। सर्किल से जुड़े प्रश्न थोड़े कठिन लगे।
- समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती रहा
आयुष्मान के अनुसार बहुविकल्पी और अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों में अपेक्षा से ज्यादा समय लगा। कई सवाल सीधे नहीं थे, बल्कि हल करके उत्तर निकालना पड़ा। समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती रहा।

- लंबा लगा प्रश्नपत्र, लग गया समय
अंशिका ने बताया कि प्रश्नपत्र लंबा था और गणना वाले सवाल ज्यादा थे। त्रिकोणमिती और अन्य प्रश्नों को हल करने में समय लगा, जिससे अंत में जल्दी करनी पड़ी। पेपर का स्तर मध्यम था, लेकिन लंबाई ने परेशानी बढ़ाई।



- एमसीक्यू हल करने में कठिन लगा
शगुन ने कहा कि पेपर सिलेबस से ही आया था, पर कुछ प्रश्नों को समझकर हल करना जरूरी था। मल्टीपल चॉइस सवाल दिखने में आसान थे, लेकिन हल करने में समय लगा। उन्होंने बताया कि अभ्यास करने वालों के लिए पेपर संतुलित रहा।


- कांसेप्ट आधारित प्रश्न अच्छे
प्राची ने बताया कि केस स्टडी और कांसेप्ट आधारित प्रश्न अच्छे थे, पर सीधे याद किए हुए उत्तर काम नहीं आए। ट्रिग्नोमेट्री, सर्किल और मल्टीपल टाइप प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया। पेपर का उद्देश्य समझ को परखना था, जो सही लगा।



वर्जन-
सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक और पूर्ण व्यवस्था के साथ कराई गई। नकल का कोई मामला सामने नहीं आया। प्रत्येक कमरे में 24 विद्यार्थियों पर दो-दो पर्यवेक्षकों की ड्यूटी रही। बीमार और दिव्यांग या विकलांग विद्यार्थियों को निर्धारित रूप से जो अधिक समय मिलना चाहिए था वह दिया गया। प्रत्येक केंद्र में शुगर या अन्य बीमारी से ग्रसित विद्यार्थियों के लिए खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न आए। - डॉ. राजन लांबा, जिला नोडल अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed