{"_id":"611195e88ebc3ef4537001f7","slug":"more-than-a-hundred-diarrhea-patients-were-found-in-four-days-karnal-news-knl794627150","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन में सौ से ज्यादा डायरिया के मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन में सौ से ज्यादा डायरिया के मरीज मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निसिंग। कस्बे में डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। लगातार अस्पताल में उल्टी व दस्त की शिकायत लेकर लोग पहुंच रहे हैं। डॉ राजेश जौहरी ने बताया कि महज चार दिन में डायरिया के सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके हैं।
हांलाकि मरीजों को भर्ती कर उन्हें उचित उपचार दिया जा रहा है। दो से तीन दिन में मरीज दुरुस्त होकर घर भी लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया के बढ़ते केसों के मद्देनजर उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ, एक्सईएन व जेईई से फोन पर संपर्क किया। जिसमें बीमारी के बारे में अवगत करवाया गया। पेयजल की जांच व वार्डों में लीकेज की जांच को लेकर तीन टीमें गठित करने का निर्णय लिया है।
डायरिया के कारण व लक्षण
एमओ डॉ निपुण कालड़ा ने बताया कि डायरिया दूषित पानी पीने, बासी व दूषित भोजन, सड़े गले फल व सब्जियां खाने से फैलता है। बारिश के मौसम में वायरस भी अधिक फैलता है। जिससे खाद्य पदार्थ शीघ्र खराब हो जाते हैं। उन पर फफूंदी लग जाती है। जिनका सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक है। डायरिया से इंफेक्शन के कारण पेट में दर्द होता है। आंत का बुखार व मशल दर्द, कमजोरी व थकान महसूस होती है।
विज्ञापन
ये हैं बचाव के उपाय
डॉ निपुण ने लोगों को ताजा व स्वच्छ भोजन लेने की सलाह दी। वहीं बासी भोजन से परहेज करने, पानी को उबाल कर पीने, अपने घरों के पानी की टंकी की साफ सफाई करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों को ढककर रखने व थोड़ी सी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
विज्ञापन
हांलाकि मरीजों को भर्ती कर उन्हें उचित उपचार दिया जा रहा है। दो से तीन दिन में मरीज दुरुस्त होकर घर भी लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया के बढ़ते केसों के मद्देनजर उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ, एक्सईएन व जेईई से फोन पर संपर्क किया। जिसमें बीमारी के बारे में अवगत करवाया गया। पेयजल की जांच व वार्डों में लीकेज की जांच को लेकर तीन टीमें गठित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
डायरिया के कारण व लक्षण
एमओ डॉ निपुण कालड़ा ने बताया कि डायरिया दूषित पानी पीने, बासी व दूषित भोजन, सड़े गले फल व सब्जियां खाने से फैलता है। बारिश के मौसम में वायरस भी अधिक फैलता है। जिससे खाद्य पदार्थ शीघ्र खराब हो जाते हैं। उन पर फफूंदी लग जाती है। जिनका सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक है। डायरिया से इंफेक्शन के कारण पेट में दर्द होता है। आंत का बुखार व मशल दर्द, कमजोरी व थकान महसूस होती है।
विज्ञापन
ये हैं बचाव के उपाय
डॉ निपुण ने लोगों को ताजा व स्वच्छ भोजन लेने की सलाह दी। वहीं बासी भोजन से परहेज करने, पानी को उबाल कर पीने, अपने घरों के पानी की टंकी की साफ सफाई करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों को ढककर रखने व थोड़ी सी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।