{"_id":"66d272edf147edf63a0495a5","slug":"migraine-pain-is-gripping-the-head-of-women-karnal-news-c-18-knl1008-463839-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: महिलाओं के सिर को जकड़ रहा माइग्रेन का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: महिलाओं के सिर को जकड़ रहा माइग्रेन का दर्द
विज्ञापन
अनुज शर्मा
करनाल। अगर आपके आधे सिर में रोजाना दर्द हो रहा है तो समझ लीजिए आपको माइग्रेन हो सकता है। ऐसे में तुरंत मनोरोग विशेषज्ञ या न्यूरो विशेषज्ञ से मिलकर अपना इलाज कराएं। आंकड़ों की बात करें तो नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 70 मरीज माइग्रेन की बीमारी से पीड़ित हैं वहीं, इनमें 40 महिलाएं शामिल हैं। ऐसे में महिलाओं के सिर को माइग्रेन का दर्द जकड़ रहा हैं।
नागरिक अस्पताल के मनाेरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है, जिसमें गंभीर दर्द होता है। जो लगभग पांच महिलाओं में से एक और लगभग 15 पुरुषों में से एक को प्रभावित करती है। यह मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं और रक्त वाहिकाओं के उत्तेजित होने के कारण होता है। उन्होंने बताया कि माइग्रेन आनुवंशिक हो सकता है। अगर आपके परिवार में किसी को माइग्रेन है, तो आपको भी हो सकता है। माइग्रेन किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर युवा अवस्था के दौरान शुरू होता है। उन्होंने बताया कि मरीज को अपनी बीमारी ठीक करने के लिए अपना ट्रिगर यानी किस चीज से आपको माइग्रेन की समस्या पैदा होती है। ये जानने के बाद ही मरीज अपना इलाज बेहतर ढंग से करवा सकेंगे। संवाद
माइग्रेन के प्रकार
माइग्रेन कई प्रकार का होता है। इसमें पूर्वाभास युक्त और रहित माइग्रेन, सिरदर्द युक्त व रहित माइग्रेन शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक खतरनाक सिरदर्द युक्त माइग्रेन होता है। जिसमें मरीज के सिर में बार-बार दर्द, जो कि सप्ताह में कई बार होता है। अन्य लोगों में केवल कभी-कभी माइग्रेन होता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माइग्रेन रोगी के लिए कोई एक ही आहार सर्वश्रेष्ठ नहीं होता है, लेकिन संतुलित आहार इस बीमारी में फायदा पहुंचा सकता है।
विज्ञापन
माइग्रेन के कारण व लक्षण
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. संतोष ने बताया कि तनाव, उत्सुकता, टेंशन, आघात, निराशा, थकावट, खराब नींद, शिफ्ट में कार्य, गलत मुद्रा, गर्दन अथवा कंधे में खिंचाव, शराब पीने, चाय-कॉफी, चाकलेट, खट्टे फल, पनीर का ज्यादा इस्तेमाल और अत्यधिक शोर माइग्रेन के कारण बनते हैं। वहीं सिरदर्द एक तरफ होता है और धुकधुकी जैसा लगता है। सिरदर्द दो से 72 घंटों तक रह सकता है। मितली, हल्की घबराहट और चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। रोशनी के प्रति संवेदनशीलता और तेज आवाज से चिड़चिड़ापन हो सकता है।
माइग्रेन से राहत पाने के लिए ये करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें, गुड़ और दूध का सेवन करें, अदरक, दालचीनी और लौंग का सेवन करें, सिर की मालिश करें, तेज रोशनी से बचें व नींद पूरी लें।
विज्ञापन
करनाल। अगर आपके आधे सिर में रोजाना दर्द हो रहा है तो समझ लीजिए आपको माइग्रेन हो सकता है। ऐसे में तुरंत मनोरोग विशेषज्ञ या न्यूरो विशेषज्ञ से मिलकर अपना इलाज कराएं। आंकड़ों की बात करें तो नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 70 मरीज माइग्रेन की बीमारी से पीड़ित हैं वहीं, इनमें 40 महिलाएं शामिल हैं। ऐसे में महिलाओं के सिर को माइग्रेन का दर्द जकड़ रहा हैं।
नागरिक अस्पताल के मनाेरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है, जिसमें गंभीर दर्द होता है। जो लगभग पांच महिलाओं में से एक और लगभग 15 पुरुषों में से एक को प्रभावित करती है। यह मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं और रक्त वाहिकाओं के उत्तेजित होने के कारण होता है। उन्होंने बताया कि माइग्रेन आनुवंशिक हो सकता है। अगर आपके परिवार में किसी को माइग्रेन है, तो आपको भी हो सकता है। माइग्रेन किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर युवा अवस्था के दौरान शुरू होता है। उन्होंने बताया कि मरीज को अपनी बीमारी ठीक करने के लिए अपना ट्रिगर यानी किस चीज से आपको माइग्रेन की समस्या पैदा होती है। ये जानने के बाद ही मरीज अपना इलाज बेहतर ढंग से करवा सकेंगे। संवाद
विज्ञापन
माइग्रेन के प्रकार
माइग्रेन कई प्रकार का होता है। इसमें पूर्वाभास युक्त और रहित माइग्रेन, सिरदर्द युक्त व रहित माइग्रेन शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक खतरनाक सिरदर्द युक्त माइग्रेन होता है। जिसमें मरीज के सिर में बार-बार दर्द, जो कि सप्ताह में कई बार होता है। अन्य लोगों में केवल कभी-कभी माइग्रेन होता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माइग्रेन रोगी के लिए कोई एक ही आहार सर्वश्रेष्ठ नहीं होता है, लेकिन संतुलित आहार इस बीमारी में फायदा पहुंचा सकता है।
विज्ञापन
माइग्रेन के कारण व लक्षण
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. संतोष ने बताया कि तनाव, उत्सुकता, टेंशन, आघात, निराशा, थकावट, खराब नींद, शिफ्ट में कार्य, गलत मुद्रा, गर्दन अथवा कंधे में खिंचाव, शराब पीने, चाय-कॉफी, चाकलेट, खट्टे फल, पनीर का ज्यादा इस्तेमाल और अत्यधिक शोर माइग्रेन के कारण बनते हैं। वहीं सिरदर्द एक तरफ होता है और धुकधुकी जैसा लगता है। सिरदर्द दो से 72 घंटों तक रह सकता है। मितली, हल्की घबराहट और चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। रोशनी के प्रति संवेदनशीलता और तेज आवाज से चिड़चिड़ापन हो सकता है।
माइग्रेन से राहत पाने के लिए ये करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें, गुड़ और दूध का सेवन करें, अदरक, दालचीनी और लौंग का सेवन करें, सिर की मालिश करें, तेज रोशनी से बचें व नींद पूरी लें।