फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Medical college reprimanded, about one third of cardboard sent in place of cotton

Karnal News: मेडिकल कॉलेज को फटका, रुई की जगह भेजा करीब एक तिहाई गत्ता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2023 02:28 AM IST
विज्ञापन
Medical college reprimanded, about one third of cardboard sent in place of cotton
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने मरीजों के इलाज में प्रयोग होने वाली कॉटन यानी रुई की खरीदारी के लिए ऑनलाइन आर्डर किया था, लेकिन कंपनी ने रुई के साथ करीब एक तिहाई गत्ते की आपूर्ति कर दी। इस पर जब मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई तो संबंधित डीलर ने कहा कि अगर गत्ते के पैसे काटना चाहते हैं तो उसे कोई आपत्ति नहीं।

विदित हो कि मेडिकल कॉलेज ने एक कॉटन कंपनी को 500 ग्राम की पैकिंग के तीन हजार रोल रुई के लिए आर्डर दिया। मेडिकल कॉलेज की ओर से कंपनी को दिए गए आर्डर के अनुसार उसे कुल 1.50 टन रुई की आपूर्ति करनी थी, लेकिन कंपनी ने आर्डर में मेडिकल कॉलेज को प्रति 500 ग्राम की पैकिंग में 350 ग्राम रुई और 150 ग्राम गत्ता सौंप दिया है। इस हिसाब से मेडिकल कॉलेज के पास 1500 किलो रुई में से 1050 किलो ही पहुंची है और 450 किलो गत्ता दिया गया है। -
विज्ञापन

कंपनी ने 75 रुपये के हिसाब से दिया एक रुई का पैकेट
कंपनी की ओर से मेडिकल कॉलेज को 500 ग्राम के रुई के एक पैकेट की कीमत 75 रुपये लगाई गई है। मेडिकल कॉलेज ने ऐसे तीन हजार रोल मंगवाए हैं, जिनकी कुल कीमत बिना जीएसटी के दो लाख 25 हजार रुपये बनती है। इस पर 12 प्रतिशत का जीएसटी यानी 27 हजार रुपये भी लगेगा। इस आर्डर की कुल कीमत दो लाख 52 हजार रुपये हैं। इसमें 75 हजार 600 का गत्ता शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


500 ग्राम प्रति बंडल रुई का टेंडर दिया गया था, लेकिन इसमें 150 ग्राम गत्ता भी शामिल कर दिया गया है। इस बारे में डीलर से बातचीत की गई है। उसका कहना है कि अगर मेडिकल कॉलेज 350 ग्राम रुई के हिसाब से पैसे देना चाहता है तो दे सकता है। इसमें उसे कोई आपत्ति नहीं है।
प्रमोद कुमार, स्टोर इंचार्ज, केसीजीएमसी, करनाल।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जब बिल इत्यादि मेरे पास आएंगे तो संबंधित से बातचीत की जाएगी।
राजेश गर्ग, चीफ फार्मेंसी ऑफिसर, केसीजीएससी, करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed