अफसर से लेकर कर्मचारियों ने जुलूस निकाला तो आरोपी पार्षद को किया गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों के पांचवें दिन रोष जुलूस निकालने पर आखिरकार जेई राजकुमार के साथ मारपीट करने के आरोपी पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह पर कार्रवाई की सूई घूम गई। शुक्रवार को नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने कामकाज ठप्प रखा और शहर में झाडू़ लेकर रोष जुलूस निकाला। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को आरोपी पार्षद बाघ सिंह को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, नगर निगम में काम नहीं होने से लोगों ने अफसरों के खिलाफ नाराजगी जताई।
पार्षद की गिरफ्तारी की सूचना पाकर कोर्ट में कई पार्षद आरोपी पार्षद से मिलने पहुंचे। इसके अलावा पीड़ित जेई राजकुमार की भी प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ गई और उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसकी तबीयत गंभीर देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया। मामले में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा।
नगर निगम में काम से आए लोग परेशान
निगम अधिकारियों के धरने पर बैठे होने के कारण अपने काम को लेकर कार्यालय में आए लोग भी बेहाल नजर आए। लोगों का कहना है कि पार्षद और जेई के मामले का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। जबकि जनता का इसमें कोई भी कसूर नहीं है। लोगों का आरोप है कि निगम के उच्चाधिकारी भी मामले को सुलझाने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं, जबकि कर्मचारी और अधिकारी पार्षद की गिरफ्तारी की बात पर अड़े हुए है। आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी न करने पर निगम के कर्मचारी व अधिकारी सोमवार से निगम परिसर में ही धरने पर बैठे हैं। पिछले सप्ताह में छुट्टियां होने और सोमवार से अधिकारियों के धरने पर बैठे होने के कारण शुक्रवार को भी निगम पहुंचे लोगों को अपनी फाइलें लेकर उपभोक्ताओं को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
यह कहना है लोगों का
बेअंत कौर वासी जलमाना ने बताया कि वह अपने जानकार के मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले चार-पांच दिन से लगातार कार्यालय में आ रही है। लेकिन निगम अधिकारियों द्वारा धरने का बहाना बनाकर ऐसे ही टाल दिया जाता है। इस कारण उसे हर रोज 35 किलोमीटर से किराया लगाकर आना पड़ रहा है।
पक्काखेड़ा वासी परमजीत सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय के पिछले छह सात दिनों से चक्कर काट रही है। लेकिन अधिकारी कोई राह नहीं दे रहे। कभी सीट पर अधिकारी नहीं मिलता, अब धरने पर होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।
जसपाल सिंह वासी ब्रास ने बताया कि उसके जन्म प्रमाण पत्र में उसकी माता का नाम गलत लिखा गया है। वह उसे ठीक करवाने के लिए पिछले 15 दिनों से निगम कार्यालय में आ रहा है। अधिकारी न मिलने के कारण हर रोज ऐसे ही जाना पड़ता है अब पिछले पांच दिनों से अधिकारी धरने का बहाना बनाकर काम करने से मना कर रहे है। ऐसे में सरकार को इनके खिलाफ कोई उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
मंडी गोबिंदगढ़, पंजाब वासी विजय कुमार ने बताया कि उसके बेटे का जन्म प्रमाण पत्र में नाम गलत है। इसको ठीक करवाने के लिए वह 28 अक्तूबर 2015 से निगम में आता है, लेकिन अधिकारी काम नहीं करते। कभी कुछ बहाना बना देते हैं। वह उन द्वारा कही औपचारिकताओं को पूरा करता है तो दोबारा से कुछ और बता दिया जाता है। इस कारण उन्हें अपना काम छोड़कर पंजाब से यहां आना पड़ता है, लेकिन कर्मचारी अब धरने की बात कहकर टाल रहे हैं।
वर्जन
आरोपी पार्षद बाघ सिंह को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- प्रतीक कुमार, सदर थाना प्रभारी करनाल।