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Karnal News: मैम... सोशल मीडिया पर ब्लैकमेल करे तो क्या करें
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महिला थाना में छात्राओं को महिला कानून के बारे में बताती थाना प्रभारी कविता गोयट । संवदा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मैम... अगर हमें कोई लगातार ब्लैकमेल कर रहा है, पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने पर मारने की धमकी देता है तो उस स्थिति में क्या कदम उठाएं? क्या मुश्किल परिस्थिति में 112 नंबर डायल करने पर पुलिस तुरंत आ सकती है? छात्राओं ने ऐसे ही कई महिला थाना प्रभारी कविता गोयत से किए। उन्होंने सभी का जवाब दिया। राजकीय कन्या महाविद्यालय की एनएसएस की छात्राएं अमर उजाला फाउंडेशन की ओर आयोजित पुलिस दोस्त कार्यक्रम के तहत महिला थाने पहुंची थीं।
थाना प्रभारी ने बताया कि ब्लैकमेल करने वाले को शुरुआत में ही रोक देना चाहिए। सबसे पहले अपने परिवार को बताना चाहिए। पुलिस स्टेशन में शिकायत देना जरूरी है। अगर डर से कुछ नहीं बताया जाएगा तो अपराधी आगे से और डराता जाएगा और उसके जाल में फंसते जाएंगे। शुरुआत में ही शिकायत करोगे तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करनी शुरू कर देती है और बड़े अपराध को होने से रोका जाता है। महिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने छात्राओं को बाल विवाह, पोक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा के बारे में बताया।
छात्राओं को थाने की कार्यप्रणाली के बारे में भी समझा। थाना प्रभारी कौन होता है, मुंशी काैन है, कॉन्स्टेबल क्या काम करते हैं और रिकॉर्ड रूम क्या होता है।कविता गोयत ने बताया कि थाना प्रभारी थाने की गतिविधियों को संचालित करता है, मुंशी शिकायत दर्ज करता है वहीं रिकॉर्ड रूम में सभी मामलों के रिकॉर्ड रखे जाते है जो सबूत आदि के काम आते हैं।
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सवाल जवाब:-
- एफआईआर की क्या फीस लगती है- पायल
जवाब : एफआईआर किसी भी मामले के पहली लिखित रिपोर्ट होती है जिसमें शिकायतकर्ता से लिखित रूप में जानकारी ली जाती है। एफआईआर दर्ज करने की कोई फीस नहीं ली जाती।
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फर्जी आईडी से परेशान करे तो क्या करें- माफी
जवाब : ऐसी स्थिति में स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी फोओ नहीं डालनी चाहिए। फर्जी आईडी को ब्लॉक कर सकते हैं।
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ऑनलाइन ब्लैकमेल करे तो कार्रवाई- सिमरन
जवाब : ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग गंभीर अपराध है। आपके साथ फोटो, वीडियो या अश्लील बात करने जैसे अपराध होते हैं तो सबसे पहला कदम शिकायत करना है। डरे बिना अपने परिवार और पुलिस की सहायता लेनी चाहिए।
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क्या बिना सबूत के शिकायत दर्ज हो सकती है- आरती
जवाब : महिला की शिकायत ही सबसे बड़ा आधार होती है। वे किसी भी समय आकर अपनी शिकायत दे सकती हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस टीम जांच के दौरान सबूत एकत्रित कर लेती है।
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सजा मिलने की क्या प्रक्रिया रहती है-शिवानी
जवाब : पहले थाने में शिकायत दर्ज होती है। आरोपी को पकड़ा जाता है। सबूत एकत्रित किए जाते हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कोर्ट में भेजा जाता है। अदालत सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई जाती है।
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करनाल। मैम... अगर हमें कोई लगातार ब्लैकमेल कर रहा है, पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने पर मारने की धमकी देता है तो उस स्थिति में क्या कदम उठाएं? क्या मुश्किल परिस्थिति में 112 नंबर डायल करने पर पुलिस तुरंत आ सकती है? छात्राओं ने ऐसे ही कई महिला थाना प्रभारी कविता गोयत से किए। उन्होंने सभी का जवाब दिया। राजकीय कन्या महाविद्यालय की एनएसएस की छात्राएं अमर उजाला फाउंडेशन की ओर आयोजित पुलिस दोस्त कार्यक्रम के तहत महिला थाने पहुंची थीं।
थाना प्रभारी ने बताया कि ब्लैकमेल करने वाले को शुरुआत में ही रोक देना चाहिए। सबसे पहले अपने परिवार को बताना चाहिए। पुलिस स्टेशन में शिकायत देना जरूरी है। अगर डर से कुछ नहीं बताया जाएगा तो अपराधी आगे से और डराता जाएगा और उसके जाल में फंसते जाएंगे। शुरुआत में ही शिकायत करोगे तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करनी शुरू कर देती है और बड़े अपराध को होने से रोका जाता है। महिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने छात्राओं को बाल विवाह, पोक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा के बारे में बताया।
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छात्राओं को थाने की कार्यप्रणाली के बारे में भी समझा। थाना प्रभारी कौन होता है, मुंशी काैन है, कॉन्स्टेबल क्या काम करते हैं और रिकॉर्ड रूम क्या होता है।कविता गोयत ने बताया कि थाना प्रभारी थाने की गतिविधियों को संचालित करता है, मुंशी शिकायत दर्ज करता है वहीं रिकॉर्ड रूम में सभी मामलों के रिकॉर्ड रखे जाते है जो सबूत आदि के काम आते हैं।
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सवाल जवाब:-
- एफआईआर की क्या फीस लगती है- पायल
जवाब : एफआईआर किसी भी मामले के पहली लिखित रिपोर्ट होती है जिसमें शिकायतकर्ता से लिखित रूप में जानकारी ली जाती है। एफआईआर दर्ज करने की कोई फीस नहीं ली जाती।
फर्जी आईडी से परेशान करे तो क्या करें- माफी
जवाब : ऐसी स्थिति में स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी फोओ नहीं डालनी चाहिए। फर्जी आईडी को ब्लॉक कर सकते हैं।
ऑनलाइन ब्लैकमेल करे तो कार्रवाई- सिमरन
जवाब : ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग गंभीर अपराध है। आपके साथ फोटो, वीडियो या अश्लील बात करने जैसे अपराध होते हैं तो सबसे पहला कदम शिकायत करना है। डरे बिना अपने परिवार और पुलिस की सहायता लेनी चाहिए।
क्या बिना सबूत के शिकायत दर्ज हो सकती है- आरती
जवाब : महिला की शिकायत ही सबसे बड़ा आधार होती है। वे किसी भी समय आकर अपनी शिकायत दे सकती हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस टीम जांच के दौरान सबूत एकत्रित कर लेती है।
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सजा मिलने की क्या प्रक्रिया रहती है-शिवानी
जवाब : पहले थाने में शिकायत दर्ज होती है। आरोपी को पकड़ा जाता है। सबूत एकत्रित किए जाते हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कोर्ट में भेजा जाता है। अदालत सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई जाती है।